Sunday, 02 August 2026
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पहले ओवर में 3 विकेट लेकर इतिहास रच दिया, पिता की आँखों में छलक आए खुशी के आंसू

हैदराबाद: कभी नागपुर की गलियों में साइकिल चलाकर प्रैक्टिस करने वाला एक लड़का, आज IPL के मंच पर इतिहास लिख चुका है। 24 साल के प्रफुल्ल प्रकाश हिंगे ने अपने डेब्यू मैच में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर उन्होंने मैच का रुख पलट दिया। लेकिन इस कहानी की असली ताकत सिर्फ ये रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उसके पीछे छुपी मेहनत, संघर्ष और परिवार का त्याग है।

6 गेंदों में बदल दी पूरी कहानी

13 अप्रैल 2026 को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 216 रन का बड़ा स्कोर बनाया। जवाब में राजस्थान की टीम मजबूत शुरुआत की उम्मीद कर रही थी।
लेकिन जैसे ही प्रफुल्ल हिंगे ने गेंद थामी, खेल का पूरा माहौल बदल गया। अपने पहले ही ओवर में उन्होंने तीन बड़े झटके दे दिए।

दूसरी गेंद पर पहला विकेट, चौथी गेंद पर दूसरा और छठी गेंद पर तीसरा विकेट — ये सब इतनी तेजी से हुआ कि बल्लेबाज संभल ही नहीं पाए। डेब्यू मैच में ऐसा प्रदर्शन IPL के इतिहास में पहले कभी देखने को नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने एक और अहम विकेट लेकर कुल 4 विकेट झटके और टीम की जीत पक्की कर दी। राजस्थान की टीम 159 रन पर ही सिमट गई और हैदराबाद ने 57 रनों से मुकाबला जीत लिया।

मैदान के बाहर की असली कहानी

मैच खत्म होने के बाद जब प्रफुल्ल ने अपने पिता को फोन किया, तो उनके पिता की आंखों से आंसू रुक ही नहीं पाए। ये आंसू सिर्फ खुशी के नहीं थे, बल्कि उन सालों के संघर्ष और डर के भी थे, जब लगा था कि बेटे का करियर खत्म हो गया। करीब ढाई साल पहले प्रफुल्ल को पीठ में गंभीर चोट लगी थी। डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि अब उनका क्रिकेट करियर खत्म हो सकता है। ये वक्त परिवार के लिए सबसे कठिन था।

जब एक फरिश्ते ने थामा हाथ

इसी मुश्किल समय में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज Varun Aaron उनके लिए उम्मीद बनकर सामने आए। खुद कई चोटों से जूझ चुके वरुण ने प्रफुल्ल को हार नहीं मानने दी। उन्होंने न सिर्फ उनकी फिटनेस पर काम कराया, बल्कि उनकी गेंदबाजी तकनीक को भी बेहतर बनाया।
इसके बाद उन्हें MRF पेस फाउंडेशन में ट्रेनिंग का मौका मिला, जहां आगे जाकर महान गेंदबाज Glenn McGrath से भी सीखने का मौका मिला। यही वो मोड़ था, जहां से प्रफुल्ल की किस्मत बदलनी शुरू हुई।

परिवार का साथ बना सबसे बड़ी ताकत

प्रफुल्ल की सफलता के पीछे उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान है। उनके पिता, जो बिजली विभाग में काम करते हैं, हमेशा चाहते थे कि बेटा गेंदबाज बने। बचपन में प्रफुल्ल बल्लेबाज बनना चाहते थे, लेकिन पिता की बात मानकर उन्होंने गेंदबाजी पर फोकस किया।
उनकी बहन ने भी अपने सपनों को पीछे रखकर भाई का साथ दिया। वह खुद पढ़ाई के साथ-साथ प्रफुल्ल को प्रैक्टिस के लिए ले जाती थीं। कई बार प्रफुल्ल ने अपने निजी पलों को भी छोड़ा, यहां तक कि IPL ट्रायल के लिए अपनी बहन की शादी का रिसेप्शन भी मिस कर दिया।

एक ओवर ने बदली किस्मत

आज प्रफुल्ल हिंगे सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक मिसाल बन चुके हैं। 30 लाख रुपये में खरीदे गए इस खिलाड़ी ने अपने पहले ही मैच में साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के आगे कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।
उनका ये डेब्यू सिर्फ एक शानदार प्रदर्शन नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
प्रफुल्ल की कहानी हमें यही सिखाती है —
अगर इरादे मजबूत हों, तो एक ओवर ही जिंदगी बदलने के लिए काफी होता है।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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