क्या एक परिवार में पिता और बेटे दोनों को PM Kisan की ₹2,000 किस्त मिल सकती है? योजना में परिवार की परिभाषा और पात्रता के नियम क्या हैं, जानिए कब अलग-अलग लाभ मिलने की संभावना हो सकती है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के करोड़ों लाभार्थी अब 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। अक्टूबर 2026 शुरू हो चुका है और किसानों के बीच अगली किस्त को लेकर चर्चा तेज है।
पीएम-किसान के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। इससे पहले 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी हुई थी। इसी वजह से अब 24वीं किस्त के अक्टूबर में आने की उम्मीद की जा रही है।
20 अक्टूबर की तारीख को लेकर भी चर्चा है, क्योंकि 23वीं किस्त के चार महीने उस समय के आसपास पूरे होते हैं।
क्या है पीएम किसान योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान सहायता योजनाओं में शामिल है। यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी और पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह रकम तीन बराबर किस्तों में यानी प्रत्येक किस्त में ₹2,000 के रूप में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। योजना का भुगतान Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए किया जाता है।
योजना के तहत परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों से मिलकर बने किसान परिवार के रूप में की गई है। पात्रता का निर्धारण संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड और योजना के निर्धारित नियमों के आधार पर किया जाता है। इसलिए सिर्फ खेती करने वाला व्यक्ति होना पर्याप्त नहीं है; योजना में जमीन के स्वामित्व और अन्य पात्रता शर्तों की भी भूमिका होती है।
23वीं किस्त में कितने किसानों को मिला लाभ?
सरकार के अनुसार 20 जून 2026 को जारी 23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला और ₹18,984 करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई। सरकार के अनुसार योजना शुरू होने के बाद 23 किस्तों के माध्यम से ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।
PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार अप्रैल-जुलाई 2026-27 अवधि के लिए 9,44,65,646 किसानों को इस योजना का लाभ मिला।
e-KYC है बेहद जरूरी
24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम अपनी e-KYC पूरी करना है। PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर e-KYC को अनिवार्य बताया गया है। सरकार ने लाभार्थियों की पहचान और भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए e-KYC, आधार लिंकिंग और भूमि संबंधी सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं पर जोर दिया है।
किसान e-KYC के लिए PM-KISAN पोर्टल पर आधार और OTP आधारित प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा CSC पर बायोमेट्रिक e-KYC की सुविधा उपलब्ध है। PM-KISAN मोबाइल ऐप और आधार फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए भी e-KYC पूरी करने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है।
इसलिए जिन किसानों की e-KYC अभी लंबित है, उन्हें इसे जल्द पूरा कर लेना चाहिए। किस्त जारी होने के समय किसी तरह की तकनीकी या सत्यापन संबंधी समस्या से बचने के लिए पहले से रिकॉर्ड जांचना उपयोगी रहेगा।
आधार और बैंक खाते की स्थिति भी जांचें
PM-KISAN की रकम DBT के जरिए किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थी का बैंक खाता आधार से सीड होना भुगतान प्रक्रिया की जरूरी शर्तों में शामिल है। यदि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
किसानों को यह भी देखना चाहिए कि PM-KISAN रिकॉर्ड में दर्ज नाम, आधार संबंधी जानकारी और बैंक खाते की जानकारी में कोई महत्वपूर्ण अंतर तो नहीं है। बैंक खाता बदलने या मोबाइल नंबर बदलने की स्थिति में संबंधित जानकारी अपडेट रखना भी जरूरी है।
भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन महत्वपूर्ण
PM-KISAN का लाभ भूमिधारक किसान परिवारों के लिए है। सरकार ने योजना में भूमि संबंधी रिकॉर्ड के सत्यापन और लैंड सीडिंग पर भी जोर दिया है। अगस्त 2026 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया था कि लैंड सीडिंग, बैंक खाते से आधार लिंकिंग और e-KYC लाभार्थियों के सत्यापन और योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं में शामिल हैं।
इसका मतलब है कि किसान के भूमि रिकॉर्ड और PM-KISAN में दर्ज जानकारी के बीच किसी तरह की समस्या होने पर किस्त प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों को अपने राज्य के भूमि रिकॉर्ड में नाम और जमीन से जुड़ी जानकारी की स्थिति भी जांच लेनी चाहिए।
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Farmer ID को लेकर क्या है नया अपडेट?
24वीं किस्त से पहले Farmer ID यानी किसान पहचान संख्या को लेकर भी किसानों के बीच सवाल बढ़े हैं। देश के कई हिस्सों में किसान पंजीकरण तैयार करने का काम चल रहा है। इसका उद्देश्य किसानों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल तरीके से व्यवस्थित करना और कृषि योजनाओं के लाभ के लिए एक बेहतर डेटाबेस तैयार करना है।
PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर Farmer ID से संबंधित प्रक्रिया और जानकारी के विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे में किसान अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं, लेकिन किस्त की पात्रता के संबंध में अंतिम आधार योजना के आधिकारिक नियम और संबंधित राज्य द्वारा सत्यापित रिकॉर्ड ही होंगे।
पिता और बेटे दोनों को मिल सकता है ₹2,000?
PM-KISAN को लेकर एक और आम सवाल यह है कि अगर एक परिवार में पिता और बेटा दोनों खेती करते हैं, तो क्या दोनों को अलग-अलग ₹2,000 की किस्त मिल सकती है?
योजना के आधिकारिक नियमों के अनुसार परिवार को एक इकाई के रूप में देखा जाता है। योजना में परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों से जुड़ी है। इसलिए केवल एक ही परिवार में रहने या खेती करने के आधार पर पिता और बेटे दोनों को अलग-अलग लाभ नहीं मिल जाता।
वहीं, यदि बेटा बालिग है और अलग किसान परिवार के रूप में पात्रता पूरी करता है, उसके नाम पर पात्र कृषि भूमि का वैध रिकॉर्ड है और योजना की अन्य शर्तें भी पूरी होती हैं, तो उसकी पात्रता अलग से निर्धारित की जा सकती है।
PM-KISAN पोर्टल ने ऐसे मामलों में एक से अधिक परिवार सदस्यों द्वारा लाभ लेने की संदिग्ध स्थिति का भी उल्लेख किया है। ऐसी स्थिति में लाभ अस्थायी रूप से रोका जा सकता है और भौतिक सत्यापन किया जा सकता है।
KCC पर सरकार का जोर
PM-KISAN के साथ किसानों को दूसरी कृषि वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने PM-KISAN लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा से जोड़ने पर जोर दिया है।
KCC के जरिए पात्र किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए संस्थागत ऋण सुविधा मिलती है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने और औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने को बढ़ावा देना है।
इसलिए आने वाले समय में PM-KISAN का लाभ लेने वाले किसानों की पहचान और उनके कृषि संबंधी रिकॉर्ड को दूसरी सरकारी कृषि सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
PM-KISAN पोर्टल पर हुए बदलाव
24वीं किस्त से पहले PM-KISAN पोर्टल पर किसानों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि किसी लाभार्थी की जानकारी अधूरी है, तो Update Missing Information विकल्प के जरिए जरूरी जानकारी अपडेट की जा सकती है। इसके लिए आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा के जरिए रिकॉर्ड खोजने की सुविधा है।
इसी तरह, यदि किसान का मोबाइल नंबर बदल गया है तो Update Mobile Number विकल्प के जरिए रिकॉर्ड में नया नंबर अपडेट किया जा सकता है। यह सुविधा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि योजना से संबंधित कई सूचनाएं मोबाइल के माध्यम से भी पहुंचती हैं।
यदि किसी व्यक्ति को बाद में पता चलता है कि वह योजना के लिए पात्र नहीं है और फिर भी उसके खाते में राशि आ रही है, तो PM-KISAN पोर्टल पर Online Refund की सुविधा भी उपलब्ध है।
ऐसे चेक करें अपना स्टेटस
किसान 24वीं किस्त का इंतजार करने के साथ अभी से अपना PM-KISAN स्टेटस भी जांच सकते हैं। आधिकारिक पोर्टल पर Know Your Status विकल्प के जरिए रजिस्ट्रेशन नंबर और ओटीपी की मदद से भुगतान से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है। यहां पेमेंट स्टेटस, बैंक का नाम, यूटीआर नंबर, भुगतान का तरीका और खाते में रकम जमा होने की तारीख जैसी जानकारी उपलब्ध हो सकती है।
इसके अलावा किसान Beneficiary List में भी अपना नाम देख सकते हैं। इसमें राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव जैसी जानकारी चुनकर सूची देखी जा सकती है। आधिकारिक पोर्टल पर लाभार्थी सूची की सुविधा उपलब्ध है।
अगर किसी किसान को योजना से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं मिल रहा है, तो PM-KISAN पोर्टल पर संबंधित राज्य और जिला स्तर के नोडल अधिकारियों की संपर्क जानकारी भी देखी जा सकती है। सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए PM-KISAN पोर्टल और CPGRAMS जैसे माध्यम भी उपलब्ध कराए हैं।
कब तक जारी रहेगी योजना?
केंद्र सरकार ने PM-KISAN योजना को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2026 में योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी थी। इसके लिए कुल ₹3.15 लाख करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
इससे साफ है कि PM-KISAN आने वाले वर्षों में भी किसानों के लिए प्रत्यक्ष आय सहायता की प्रमुख केंद्रीय योजना बनी रहेगी। हालांकि, लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता, भूमि रिकॉर्ड, आधार-लिंक्ड बैंक खाता और e-KYC जैसी शर्तों का पालन महत्वपूर्ण रहेगा।
