उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की शादी को मीडिया रिपोर्टों में निजी समारोह बताया गया है। दोनों ने 31 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं। हालांकि, विवाह स्थल, मेहमानों और शादी की रस्मों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान शादी के पवित्र बंधन में बंध चुके हैं। दोनों ने शनिवार, 31 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर अपने जीवन के नए अध्याय की जानकारी दी।
यह खबर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उमर अब्दुल्ला की पहली शादी का रिश्ता इसी साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट के जरिए कानूनी रूप से समाप्त हुआ था। दूसरी ओर, निधि राजदान का नाम देश की जानी-मानी पत्रकारों में शामिल है।
सोशल मीडिया पोस्ट से दी शादी की जानकारी
उमर अब्दुल्ला ने 31 अक्टूबर को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट X पर निधि राजदान के साथ तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने पोस्ट में निधि को टैग करते हुए अंगूठी का इमोजी भी लगाया और लिखा, “A new journey began yesterday”। उनके इस संदेश से स्पष्ट हुआ कि दोनों ने एक दिन पहले यानी 30 अक्टूबर को शादी की थी।
निधि राजदान ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से उमर के साथ तस्वीर साझा की। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “It’s done bro” और उमर को टैग किया। दोनों की पोस्ट सामने आने के बाद शादी की खबर की पुष्टि हुई। इससे पहले दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं होती रही थीं, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस तरह तस्वीरें साझा कर अपने संबंध की जानकारी नहीं दी थी।
मीडिया रिपोर्टों में शादी को निजी समारोह बताया गया है। हालांकि, विवाह स्थल, समारोह में शामिल मेहमानों की संख्या और रस्मों को लेकर दोनों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
कौन हैं निधि राजदान?
निधि राजदान भारतीय पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने टेलीविजन पत्रकारिता में लंबा समय बिताया है और राष्ट्रीय राजनीति, विदेश नीति तथा जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग की है। वह NDTV के साथ दो दशक से अधिक समय तक जुड़ी रहीं। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर किया।
निधि राजदान NDTV के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘Left, Right & Centre’ की एंकर के रूप में भी जानी जाती हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘The Big Fight’ जैसे कार्यक्रमों की मेजबानी की। उनकी रिपोर्टिंग में जम्मू-कश्मीर, भारत की विदेश नीति और पड़ोसी देशों से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, चीन और अन्य देशों से भी रिपोर्टिंग की है।
उनकी पत्रकारिता को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत से रिपोर्टिंग के लिए रामनाथ गोयनका अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म मिला। जम्मू-कश्मीर में पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया। वह लेखिका भी हैं। उनकी किताब ‘Left, Right & Centre: The Idea of India’ वर्ष 2017 में प्रकाशित हुई थी। इसमें भारतीय लोकतंत्र, राजनीति और देश के बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य से जुड़े विचार शामिल हैं।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ने की खबर ने बढ़ाई थी चर्चा
निधि राजदान वर्ष 2020 में उस समय भी चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने NDTV छोड़कर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता पढ़ाने के लिए जाने की घोषणा की थी। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि हार्वर्ड में नौकरी का प्रस्ताव एक सुनियोजित फिशिंग और साइबर धोखाधड़ी का हिस्सा था। निधि ने जनवरी 2021 में NDTV पर लिखे अपने लेख में इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी।
उन्होंने बताया था कि उन्हें ऑनलाइन इंटरव्यू, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और कक्षाओं की जानकारी दी गई थी। इस प्रक्रिया को वास्तविक मानकर उन्होंने NDTV से इस्तीफा दे दिया था। बाद में जब नियुक्ति और वेतन से जुड़ी बातें संदिग्ध लगीं, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने इस मामले की शिकायत भी की थी। इस घटना के बाद वह फरवरी 2022 में NDTV से दोबारा जुड़ीं। जनवरी 2023 में उन्होंने चैनल से एक बार फिर इस्तीफा दे दिया।
निधि राजदान की पहली शादी और तलाक
पत्रकार निधि राजदान की निजी जिंदगी को लेकर दावा किया जाता है कि उनकी पहली शादी पत्रकार और लेखक नीलेश मिश्रा से हुई थी। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने वर्ष 2005 में शादी की थी और करीब दो साल बाद 2007 में उनका तलाक हो गया।
नीलेश मिश्रा भारतीय पत्रकारिता और साहित्य जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। वह पत्रकार और लेखक होने के साथ-साथ बॉलीवुड के चर्चित गीतकारों में भी शामिल हैं। उन्होंने जिस्म फिल्म के लिए ‘जादू है नशा है’ और ‘चलो तुमको लेकर चलें’, वो लम्हे के लिए ‘क्या मुझे प्यार है’ और एक था टाइगर के लिए ‘बंजारा’ जैसे लोकप्रिय गानों के बोल लिखे हैं। इसके अलावा बॉडीगार्ड का ‘आई लव यू’ और बजरंगी भाईजान का ‘जिंदगी कुछ तो बता’ भी उनके लिखे गीतों में शामिल हैं।
रेडियो पर यादों का इडियट बॉक्स जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने कहानी सुनाने की एक अलग पहचान भी बनाई।
उमर अब्दुल्ला की पहली शादी और पारिवारिक जीवन
उमर अब्दुल्ला की पहली शादी पायल नाथ से हुई थी। दोनों की मुलाकात दिल्ली के ओबेरॉय होटल में हुई थी, जहां वे काम करते थे। इसके बाद दोनों ने 1 सितंबर 1994 को शादी की। इस शादी से उनके दो बेटे हैं, जिनके नाम जहीर और जमीर हैं।
अब्दुल्ला और पायल का वैवाहिक जीवन कई वर्षों तक चला, लेकिन बाद में दोनों के रिश्तों में दूरी आ गई। वर्ष 2009 से दोनों अलग रहने लगे थे। उमर अब्दुल्ला ने सितंबर 2011 में सार्वजनिक रूप से अलगाव की पुष्टि की थी। हालांकि, अलग रहने के बावजूद दोनों का विवाह कानूनी रूप से समाप्त नहीं हुआ था। इस संबंध में लंबे समय तक अदालतों में मामला चलता रहा।
उमर अब्दुल्ला ने पायल से तलाक के लिए पारिवारिक अदालत में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने तलाक की मांग के लिए क्रूरता और अलग रहने जैसे आधारों का उल्लेख किया था। लेकिन वर्ष 2016 में पारिवारिक अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत का कहना था कि लगाए गए आरोप पर्याप्त रूप से साबित नहीं हुए और विवाह के पूरी तरह टूट जाने के आधार भी स्थापित नहीं किए जा सके।
इसके बाद उमर ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। दिसंबर 2023 में हाई कोर्ट ने भी पारिवारिक अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने तलाक देने से इनकार कर दिया था। इस फैसले के बाद उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
अदालत में खत्म हुआ उमर वैवाहिक विवाद
उमर अब्दुल्ला और पायल नाथ के तलाक का मामला जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत ने शुरुआती सुनवाई के दौरान कहा था कि दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं। अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को आपसी विवाद सुलझाने और साथ बैठकर समाधान तलाशने का सुझाव दिया था।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 31 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि उमर और पायल आपसी सहमति से विवाह समाप्त करने पर राजी हो गए हैं। दोनों पक्षों ने अपने बीच चल रहे विवादों को सुलझाने और एक-दूसरे के खिलाफ लंबित मामलों को वापस लेने पर भी सहमति जताई।
दोनों ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत संयुक्त आवेदन दाखिल किया था। यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश देने की शक्ति देता है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया था कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने समझौते के आधार पर विवाह समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी की।
इस तरह करीब 32 साल पहले शुरू हुआ उमर और पायल का वैवाहिक रिश्ता कानूनी रूप से समाप्त हो गया। दोनों के दो बेटे हैं और तलाक के बाद भी उनके पारिवारिक जीवन से जुड़े निजी मामलों पर सार्वजनिक रूप से बहुत अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
राजनीति और पत्रकारिता की दो जानी-मानी हस्तियों का नया सफर
उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान दोनों अपने-अपने पेशे में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उमर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं, जबकि निधि ने टेलीविजन पत्रकारिता के जरिए राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अपनी पहचान बनाई है। दोनों के पेशेवर क्षेत्र अलग-अलग हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दे उनके सार्वजनिक जीवन का एक साझा संदर्भ रहे हैं।
उमर अब्दुल्ला ने वर्ष 2009 में पहली बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था। वह केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विदेश राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। अक्टूबर 2024 में उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के उपाध्यक्ष भी हैं।
निधि राजदान ने अपने पत्रकारिता करियर में जम्मू-कश्मीर की राजनीति और वहां के घटनाक्रमों को करीब से कवर किया है। उनकी रिपोर्टिंग और टीवी कार्यक्रमों के कारण वह देशभर के दर्शकों के बीच पहचानी जाती हैं। अब दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर जीवन के नए सफर की शुरुआत की है।
उमर और निधि की शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला जारी है। फिलहाल उनकी ओर से साझा की गई तस्वीरें और संदेश ही इस नए रिश्ते की सार्वजनिक पुष्टि हैं।
