रसिक दुलारी शरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निजी अंग के पास गंभीर चोट और टांके लगे घाव का उल्लेख किया गया है। पुलिस इलेक्ट्रिक ग्राइंडर समेत अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मथुरा: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर अब कई सवाल सामने आ रहे हैं। 25 सितंबर को चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे छत से छलांग लगाने का मामला बताया था, लेकिन कमरे से मिले इलेक्ट्रिक ग्राइंडर, शरीर पर कई गंभीर चोटों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई जानकारी ने मामले को कई सवालों के घेरे में ला दिया है।
अब घटना से ठीक पहले का एक नया CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें रसिक दुलारी शरण छत पर करीब 11 सेकंड तक बैठे दिखाई देते हैं। इसके बाद वह अचानक उठते हैं और नीचे छलांग लगा देते हैं।
इस मामले में पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। मृतक के कमरे से मिले सामान, फॉरेंसिक साक्ष्यों, मोबाइल फोन और CCTV फुटेज की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले उनके साथ क्या हुआ था और शरीर पर मिली चोटें किन परिस्थितियों में लगी थीं।
कौन थे दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण?
मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी के रूप में हुई है। वह संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े हुए थे और दीक्षा लेने के बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण हो गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वह करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे और इसके बाद आश्रम से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने लगे थे।
दीपक वृंदावन के बाराह घाट इलाके में स्थित गुरु कृपा कुंज नाम की चार मंजिला इमारत में रह रहे थे। यह इमारत संत प्रेमानंद महाराज के श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम से जुड़ी बताई गई है। यहां उनके साथ दूसरे साधक भी रहते थे। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय इस परिसर में करीब 40 से 50 साधक रह रहे थे।
दीपक के परिवार से जुड़े लोगों ने भी उनकी मौत के बाद कई बातें सामने रखी थीं। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, उनके बहनोई सोनू पटेल ने बताया था कि दीपक के आश्रम से जुड़ने के बाद परिवार के साथ उनका संपर्क काफी कम हो गया था। परिवार के सदस्यों का दावा था कि वे उनसे मिलने के लिए वृंदावन भी गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। परिजनों के मुताबिक, दीपक ने लंबे समय से परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत भी बंद कर दी थी।
25 सितंबर को क्या हुआ था?
यह घटना 25 सितंबर की सुबह वृंदावन के बाराह घाट इलाके में हुई। दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, ताकि मौत की वजह और शरीर पर मौजूद चोटों की प्रकृति का पता लगाया जा सके।
शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक चौथी मंजिल की छत से नीचे कूदे थे। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला माना। हालांकि, शरीर पर मिली असामान्य चोटों और कमरे से बरामद इलेक्ट्रिक ग्राइंडर के कारण जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।
11 सेकंड तक छत पर बैठे रहे
इस मामले में सामने आया नया CCTV फुटेज जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 33 सेकंड के इस वीडियो में रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल की छत पर बैठे दिखाई देते हैं। वह लगभग 11 सेकंड तक वहां बैठे रहते हैं। इसके बाद अचानक उठते हैं और छत से नीचे छलांग लगा देते हैं।
वीडियो में एक अन्य शिष्य सीढ़ियों से छत की ओर आता हुआ भी दिखाई देता है। ऐसा लगता है कि वह रसिक दुलारी शरण के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही दीपक नीचे कूद जाते हैं।
इससे पहले पुलिस ने परिसर के CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की थी। रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में दीपक सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर अपने कमरे से बाहर निकलते दिखाई दिए थे। उस समय उनके कपड़ों पर खून के निशान नजर आ रहे थे। इसके बाद वह कुछ समय तक कमरे के बाहर रहे और फिर चौथी मंजिल की छत की ओर चले गए। पुलिस द्वारा जांची गई इस फुटेज में करीब 10 बजकर 36 मिनट पर उनके छत से कूदने की बात सामने आई थी।
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कमरे से मिला इलेक्ट्रिक ग्राइंडर
दीपक की मौत के मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल उनके कमरे से मिले इलेक्ट्रिक ग्राइंडर को लेकर है। पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से यह उपकरण मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निजी अंग पर गंभीर चोट का भी उल्लेख होने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुट गईं कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस फॉरेंसिक टीम की मदद से ग्राइंडर की जांच करा रही है। इसका उद्देश्य उपकरण पर मौजूद फिंगरप्रिंट की पहचान करना और यह पता लगाना है कि इसे किसने इस्तेमाल किया था।
जांच का एक प्रमुख सवाल यह भी है कि दीपक को यह चोट खुद लगी थी या इसमें किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका थी। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
शरीर पर कई गंभीर चोटों का खुलासा
26 सितंबर को किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में दीपक के शरीर पर कई गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है। नवभारत टाइम्स की 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों के पैनल ने सिर, चेहरे, टखने, पसलियों और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटों की जानकारी दर्ज की थी।
रिपोर्ट में सिर पर टांके लगा हुआ घाव पाया गया, जिस पर 14 टांके लगे थे। इसके अलावा निचले होंठ और ठुड्डी पर भी चोट के निशान दर्ज किए गए। निजी अंग के पास भी टांके लगा हुआ गंभीर घाव पाया गया। रिपोर्ट में इस हिस्से पर लगी चोट की गंभीरता का भी उल्लेख किया गया है।
शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच में भी कई चोटें सामने आईं। सिर के पिछले हिस्से में हेयरलाइन फ्रैक्चर और हेमेटोमा पाया गया। इसके अलावा बाईं ओर की पांचवीं से आठवीं पसलियों में फ्रैक्चर दर्ज किया गया। रिपोर्ट में बाएं फेफड़े के फटने और छाती में खून जमा होने की जानकारी भी सामने आई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दीपक की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई थी। हालांकि, शरीर पर मौजूद सभी चोटें किस क्रम में और किन परिस्थितियों में लगीं, यह अलग-अलग फॉरेंसिक साक्ष्यों के विश्लेषण का विषय है।
मोबाइल फोन और डिलीट किए गए डेटा की भी जांच
पुलिस इस मामले में केवल CCTV और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर नहीं है, बल्कि दीपक के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। उनका मोबाइल फोन फॉरेंसिक लैब भेजा गया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले फोन से कोई चैट, फोटो, वीडियो या अन्य डिजिटल जानकारी डिलीट तो नहीं की गई थी।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी जांच की जा रही है। इससे पुलिस को यह समझने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले दीपक किन लोगों के संपर्क में थे और उनकी आखिरी बातचीत किससे हुई थी।
पुलिस ने दीपक के ब्लड सैंपल को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना से पहले उन्होंने किसी नशीले पदार्थ, जहरीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामग्री का सेवन तो नहीं किया था।
घटना के बाद आश्रम ने बदले नियम
दीपक की मौत के बाद वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम की व्यवस्थाओं में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्टूबर से अंतिम दीक्षा समारोह और प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए निर्धारित कुछ कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं।
इसके अलावा, वृंदावन में रहने वाले दीक्षित साधकों के पहनावे को लेकर भी बदलाव किया गया है। पहले कुछ दीक्षित साधक पीले और सफेद रंग के पारंपरिक कपड़े पहनते थे। नए निर्देशों के अनुसार, उन्हें सामान्य श्रद्धालुओं की तरह साधारण रंगों के कपड़े पहनने के लिए कहा गया है। हालांकि, संन्यासियों और महाराज के व्यक्तिगत सेवकों को पारंपरिक पहनावे में रहने की छूट दी गई है।
इन बदलावों की जानकारी ब्रज संत महिमा नाम के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई थी। यह पोस्ट आश्रम का आधिकारिक बयान नहीं थी, लेकिन आश्रम के पूछताछ काउंटर पर मौजूद एक कर्मचारी ने कुछ व्यवस्थागत बदलावों की पुष्टि की थी।
इन प्रतिबंधों का असर आश्रम आने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा। कई लोग दूसरे शहरों से प्रेमानंद महाराज के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम स्थगित होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। रिपोर्ट में राजस्थान के हनुमानगढ़ और अयोध्या से आए श्रद्धालुओं का भी जिक्र किया गया है, जिन्हें नए प्रतिबंधों के कारण अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ी।



