Sunday, 02 August 2026
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पृथ्वी दिवस पर MERI के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज द्वारा “कर्टन रेज़र” के रूप में स्पेस इनिशिएटिव का शुभारंभ

मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI) के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज (DSS) ने पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में अंतरिक्ष तकनीक और पृथ्वी के स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। यह कार्यक्रम भारत की आने वाली जलवायु और अंतरिक्ष पहलों के लिए एक रणनीतिक “कर्टन रेज़र” के रूप में आयोजित किया गया।

वैश्विक सहयोग और नई संरचना

सम्मेलन में भारत और कज़ाखस्तान के बीच बढ़ते सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। यह साझेदारी सैटेलाइट इमेजरी के उपयोग से जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस, कृषि निगरानी, आपदा पहचान और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम करने पर केंद्रित है।

सम्मेलन का एक प्रमुख परिणाम भारत और कज़ाखस्तान के बीच अंतरिक्ष सहयोग को औपचारिक रूप देने पर सहमति बनना रहा। इस अवसर पर कज़ाखस्तान के राजदूत अजमत यास्कारेव ने दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा:

“सतत विकास के लिए अंतरिक्ष तकनीक में द्विपक्षीय सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। भारत की तकनीकी क्षमता और कज़ाखस्तान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति तथा कृषि निगरानी अनुभव को मिलाकर हम भूमि क्षरण और बाढ़ जैसी चुनौतियों से अधिक प्रभावी तरीके से निपट सकते हैं।”

सम्मेलन के दौरान MERI में नए GIS लैब का उद्घाटन भी किया गया। इसके साथ ही PharmaTech 2026 रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें अंतरिक्ष वातावरण और फार्मास्यूटिकल रिसर्च के बीच उभरते संबंधों पर प्रकाश डाला गया है। इन पहलों का उद्देश्य केवल डेटा तक सीमित रहने के बजाय AI आधारित उपयोगी समाधान विकसित करना है।

जलवायु चुनौती पर चिंता

सम्मेलन में वैज्ञानिकों ने जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर स्थिति पर प्रकाश डाला। वैज्ञानिकों के अनुसार 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष रहा, जिसमें वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से ऊपर पहुंच गया।

  • वायुमंडलीय वृद्धि: CO₂ स्तर 45 प्रतिशत बढ़कर 280 ppm से बढ़कर 420 ppm से अधिक हो गया है।
  • स्वास्थ्य जोखिम: बढ़ते प्रदूषण स्तर को अब मधुमेह, हृदय रोग और गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं से जोड़ा जा रहा है।
  • मौसम पूर्वानुमान में प्रगति: भारतीय मौसम विभाग (IMD) अब 32 पेटाफ्लॉप सुपरकंप्यूटर का उपयोग कर रहा है, जिससे पहले दिन के मौसम पूर्वानुमान की सटीकता 80 से 84 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

भविष्य के नेताओं को सशक्त बनाना

MERI स्पेस क्लब ने छात्रा जान्या बत्रा को ग्रहों की स्थिरता पर उनके कार्य के लिए सम्मानित किया। साथ ही RKS स्कूल स्पेस क्लब (ध्रुव) का औपचारिक स्वागत भी किया गया।

इन युवा समूहों को अब जिला स्तर पर डिजिटल ट्विन मॉडल विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थानीय आपदाओं का पहले से पूर्वानुमान लगाया जा सके।

इस सम्मेलन के निष्कर्ष जून में आयोजित होने वाले इंडिया स्पेस कांग्रेस में प्रस्तुत किए जाएंगे, जहां तेजी से गर्म हो रही दुनिया के लिए बेहतर पूर्वानुमान मॉडल तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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