नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (GNCTD) सरकार ने 25 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से राजधानी के प्रशासनिक जिलों का पुनर्गठन कर दिया। अब पहले के 11 जिलों के स्थान पर 13 जिले होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और सेवाओं को नागरिकों के करीब लाना है।
पहले के 11 जिलों का इतिहास — कब और किसने नाम दिए?
दिल्ली में 11 जिले का प्रशासनिक ढांचा सितंबर 2012 में बनाया गया था, जब दिल्ली को पहले के 9 जिलों से 11 जिलों में विभाजित किया गया। यह विभाजन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) के प्रशासनिक निर्णय के तहत किया गया था ताकि राजस्व और जिला प्रशासन बेहतर तरीके से संचालित हो सके। (dmsouth.delhi.gov.in)
इन 11 जिलों के नाम इस प्रकार हैं:
- उत्तर दिल्ली (North Delhi)
- उत्तर‑पूर्वी दिल्ली (North East Delhi)
- उत्तर‑पश्चिमी दिल्ली (North West Delhi)
- पश्चिमी दिल्ली (West Delhi)
- दक्षिण दिल्ली (South Delhi)
- दक्षिण‑पश्चिमी दिल्ली (South West Delhi)
- दक्षिण‑पूर्वी दिल्ली (South East Delhi)
- नई दिल्ली (New Delhi)
- मध्य दिल्ली (Central Delhi)
- पूर्वी दिल्ली (East Delhi)
- शाहदरा (Shahdara)
ये नाम और जिले सितंबर 2012 में दिल्ली सरकार द्वारा अधिसूचित किए गए थे। इससे पहले जनवरी 1997 में नौ जिले बनाए गए थे, और उससे पहले दिल्ली में केवल एक जिला था।
अब 13 जिलों का नया प्रशासनिक ढांचा (25 दिसंबर 2025 से लागू)
सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद 13 राजस्व जिलों का पुनर्गठन किया है, जिसमें तीन नए जिले शामिल हैं और शाहदरा जिले को अन्य जिलों के साथ समायोजित किया गया है।
नई 13 जिलों की सूची:
- साउथ ईस्ट
- ओल्ड दिल्ली
- नॉर्थ
- न्यू दिल्ली
- सेंट्रल
- सेंट्रल नॉर्थ
- साउथ वेस्ट
- आउटर नॉर्थ
- नॉर्थ वेस्ट
- नॉर्थ ईस्ट
- ईस्ट दिल्ली
- साउथ दिल्ली
- वेस्ट दिल्ली
नया SRO (सब‑रजिस्टार ऑफिस) मैप और प्रशासनिक सेवाएँ
सरकार ने संक्रमण काल के दौरान सेवाएँ बिना रुकावट जारी रखने के लिए अंतरिम सब‑रजिस्टार ऑफिस (SRO) मैपिंग भी जारी की है। इसका उद्देश्य है कि संपत्ति और दस्तावेज़ पंजीकरण कार्य नागरिकों के लिए सुचारू रूप से चलते रहें।
आगे चलकर पुराने 22 SRO कार्यालयों को बढ़ाकर 39 किया जाएगा, जिससे यह समन्वय और सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी बनेगी। विस्तार वाली अधिसूचना आने वाले दिनों में अलग से जारी की जाएगी।
परिणाम और नागरिकों के लिए सलाह
यह परिवर्तन प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने, सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर निर्णय‑प्रक्रिया त्वरित करने में मदद करेगा। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अंतरिम मैपिंग के अनुसार ही वर्तमान SRO कार्यालयों का उपयोग जारी रखें जब तक नई व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो जाती।
