Saturday, 22 August 2026
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राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा से ओतप्रोत रहा कुंवर प्रताप सिंह बारहठ जयंती समारोह

जयपुर:करणी इंद्र सेवा समिति एवं जवाहर फाउंडेशन द्वारा आज जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में अमर बलिदानी शहीद कुंवर प्रताप सिंह बारहठ की जयंती पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना से प्रेरित किया।

समारोह के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय चारण गढ़वी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी. डी. देवल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद ओंकार सिंह लखावत ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भवानी सिंह देथा, वासुदेव मलावत तथा अवधेश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में युवाओं में लोकप्रिय शिक्षाविद राजवीर चलकोई ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि सी. डी. देवल ने कहा कि स्वाधीनता सेनानियों की बलिदान गाथाएं केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम वीरों से जोड़ने के लिए साहित्य, नाटक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों का साहस और समर्पण अद्वितीय था। तमाम यातनाओं और प्रलोभनों के बावजूद वे मातृभूमि के प्रति अपने संकल्प से कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती वीरता, त्याग और बलिदान की गौरवशाली परंपरा के लिए जानी जाती है। उन्होंने कुंवर प्रताप सिंह बारहठ के परिवार को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणादायी क्रांतिकारी परिवार बताते हुए कहा कि ऐसा उदाहरण इतिहास में विरले ही देखने को मिलता है।

कार्यक्रम के आयोजन सचिव सुमेर सिंह चारण ने कहा कि प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी केसरी सिंह बारहठ चाहते तो राजसी वैभव में जीवन व्यतीत कर सकते थे, लेकिन उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। उन्होंने बताया कि केसरी सिंह बारहठ ने अपने भाई जोरावर सिंह बारहठ, पुत्र प्रताप सिंह बारहठ और जामाता ईश्वरदास आसिया को भी क्रांतिकारी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ता राजवीर चलकोई ने युवाओं के समक्ष अपने शोध और विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन से पूरा सभागार उत्साह और जागरूकता से भर उठा तथा प्रत्येक वक्तव्य पर तालियों की गूंज सुनाई दी।

इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ के भगवती सिंह बारहठ ने भी युवाओं को जागरूकता और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।

जवाहर फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी एवं ट्रस्टी रजनीश वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाओं के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया that देवखेड़ा स्थित राजकीय विद्यालय का नामकरण कुंवर प्रताप सिंह बारहठ के नाम पर किया जा चुका है तथा समाजहित से जुड़े अन्य कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि बारहठ परिवार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रकवि अशोक चारण के नेतृत्व में विशाल कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें कवियों ने राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और युवा प्रेरणा से ओतप्रोत रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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