Monday, 24 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
सरकारी पॉलिटेक्निकों की मूल व्यवस्था बहाल करने की मांग, गोफ्टेड ने राष्ट्रपति से मांगा हस्तक्षेप 9वें इंटरनेशनल हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपो 2026 का समापन, आयुष और स्वस्थ जीवनशैली पर रहा फोकस Kobe Bryant’s Birth Anniversary: 5 NBA खिताब, 18 ऑल-स्टार चयन! जानिए बास्केटबॉल के ‘ब्लैक माम्बा’ की पूरी कहानी क्या एक iPhone की कीमत इतनी बड़ी हो सकती है? छत्रपति संभाजीनगर में हुई तीन मौतों के पीछे की कहानी राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं, CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हुआ बड़ा खुलासा सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा दाखिला 2026–27: प्रवेश से पहले मान्यता जांचें छात्र Madras Day 2026: 1639 की व्यापारिक बस्ती से चेन्नई शहर तक सफर, 387 साल में ऐसे बदली मद्रास की पहचान एचआरडीएस इंडिया और जीरो लैंडफिल सॉल्यूशंस की साझेदारी, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम सरकारी पॉलिटेक्निकों की मूल व्यवस्था बहाल करने की मांग, गोफ्टेड ने राष्ट्रपति से मांगा हस्तक्षेप 9वें इंटरनेशनल हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपो 2026 का समापन, आयुष और स्वस्थ जीवनशैली पर रहा फोकस Kobe Bryant’s Birth Anniversary: 5 NBA खिताब, 18 ऑल-स्टार चयन! जानिए बास्केटबॉल के ‘ब्लैक माम्बा’ की पूरी कहानी क्या एक iPhone की कीमत इतनी बड़ी हो सकती है? छत्रपति संभाजीनगर में हुई तीन मौतों के पीछे की कहानी राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं, CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हुआ बड़ा खुलासा सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा दाखिला 2026–27: प्रवेश से पहले मान्यता जांचें छात्र Madras Day 2026: 1639 की व्यापारिक बस्ती से चेन्नई शहर तक सफर, 387 साल में ऐसे बदली मद्रास की पहचान एचआरडीएस इंडिया और जीरो लैंडफिल सॉल्यूशंस की साझेदारी, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा: दिल्ली आवास से जले नोट मिलने के बाद बढ़ा था विवाद

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने कैश कांड विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंपा। दिल्ली स्थित सरकारी आवास से जली हुई नकदी मिलने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था। उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को यहां पदभार संभाला था। फिलहाल उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की आंतरिक जांच जारी है।

संसद में भी उठा मामला, जांच समिति गठित

इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी लिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। माना जा रहा है कि यह समिति अपनी रिपोर्ट आगामी मानसून सत्र में पेश कर सकती है। दरअसल, पिछले वर्ष 12 अगस्त को बहुदलीय सांसदों द्वारा लाए गए नोटिस को स्वीकार करने के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए थे। इसी के तहत जांच समिति बनाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी जस्टिस वर्मा को राहत नहीं दी थी। उन्होंने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत गठित जांच समिति को चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। यह फैसला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनाया था।

महाभियोग की कोशिशें और राजनीतिक घटनाक्रम

21 जुलाई 2025 को संसद के दोनों सदनों में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किए गए थे। उसी दिन तत्कालीन राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया था, जिससे घटनाक्रम और भी चर्चा में आ गया। हालांकि, 11 अगस्त को राज्यसभा के उपसभापति ने उच्च सदन में लाए गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके एक दिन बाद, 12 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष ने औपचारिक रूप से जांच समिति के गठन की घोषणा की। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एम.एम. श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य को शामिल किया गया था। फिलहाल, जस्टिस वर्मा के इस्तीफे के बाद इस पूरे मामले पर नई कानूनी और संवैधानिक बहस छिड़ने के आसार हैं।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version