Saturday, 03 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
ईरान में शांति की पहल का डॉ. के. ए. पॉल ने किया स्वागत, पेजेशकियन और ट्रंप समेत नेताओं को धन्यवाद Samsung Galaxy S27 Series: Exynos 2700 की बढ़ी प्रोडक्शन, S27 Ultra में 3x कैमरा हटने की चर्चा; जानें डिजाइन, कैमरा, बैटरी और कीमत से जुड़ी हर जानकारी Mahatma Gandhi Jayanti 2026: पटना से लेकर लंदन और अमेरिका तक, जानिए दुनियाभर में ‘बापू’ की इन 7 सबसे प्रतिष्ठित प्रतिमाएं शिवाजी पार्क में CJP का बड़ा प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हुई तेज! SIR और वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर आरोप ‘Drishyam 3 The Conclusion’ Review: दमदार कहानी और क्लाइमेक्स के साथ ‘विजय सलगांवकर’ की वापसी, जयदीप अहलावत ने बढ़ाया सस्पेंस; जानिए कैसा है आखिरी चैप्टर? ‘Sigma’ Movie Review: विजय के बेटे जेसन संजय की पहली फिल्म कैसी है? सुंदीप किशन की एक्टिंग और एक्शन ने जीता दिल? ‘सेकंड एक्ट अवॉर्ड्स 2026’ में नई शुरुआत करने वाली हस्तियों को सम्मान इन्दिरा आईवीएफ ने चंद्रपुर में नया फर्टिलिटी सेंटर शुरू किया ईरान में शांति की पहल का डॉ. के. ए. पॉल ने किया स्वागत, पेजेशकियन और ट्रंप समेत नेताओं को धन्यवाद Samsung Galaxy S27 Series: Exynos 2700 की बढ़ी प्रोडक्शन, S27 Ultra में 3x कैमरा हटने की चर्चा; जानें डिजाइन, कैमरा, बैटरी और कीमत से जुड़ी हर जानकारी Mahatma Gandhi Jayanti 2026: पटना से लेकर लंदन और अमेरिका तक, जानिए दुनियाभर में ‘बापू’ की इन 7 सबसे प्रतिष्ठित प्रतिमाएं शिवाजी पार्क में CJP का बड़ा प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हुई तेज! SIR और वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर आरोप ‘Drishyam 3 The Conclusion’ Review: दमदार कहानी और क्लाइमेक्स के साथ ‘विजय सलगांवकर’ की वापसी, जयदीप अहलावत ने बढ़ाया सस्पेंस; जानिए कैसा है आखिरी चैप्टर? ‘Sigma’ Movie Review: विजय के बेटे जेसन संजय की पहली फिल्म कैसी है? सुंदीप किशन की एक्टिंग और एक्शन ने जीता दिल? ‘सेकंड एक्ट अवॉर्ड्स 2026’ में नई शुरुआत करने वाली हस्तियों को सम्मान इन्दिरा आईवीएफ ने चंद्रपुर में नया फर्टिलिटी सेंटर शुरू किया

ग्रामीण बौद्ध धरोहर बचाने पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा, ITRHD सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. करण सिंह ने किया

विश्व भर के विशेषज्ञ दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में इकट्ठा हुए, भारत की अविकसित ग्रामीण बौद्ध स्थलों के संरक्षण के लिए नई रणनीतियाँ बनाने हेतु

इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरिटेज एंड डेवलपमेंट (ITRHD) ने आज डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में ग्रामीण बौद्ध धरोहर के संरक्षण पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में प्रमुख विद्वान, संरक्षण विशेषज्ञ, नीति निर्माता, प्रैक्टिशनर्स, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ और मठीय प्रतिनिधि शामिल हुए, जो भारत की विशाल लेकिन ज्यादातर अविकसित ग्रामीण बौद्ध धरोहर के संरक्षण से जुड़े मुद्दों और अवसरों पर विचार करने के लिए एकत्रित हुए।

सम्मेलन का उद्घाटन मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद ITRHD के अध्यक्ष श्री एस. के. मिश्रा ने मुख्य भाषण दिया। सुबह के सत्र में पद्म विभूषण डॉ. करण सिंह, धर्माचार्य शान्तुम सेठ और अन्य गणमान्य अतिथियों के संबोधन शामिल थे। इस दौरान ITRHD जर्नल ऑन बौद्ध स्टडीज़ का भी विमोचन किया गया।

श्री एस. के. मिश्रा ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए ITRHD द्वारा ग्रामीण धरोहर स्थलों के पुनरोद्धार के प्रयासों को साझा किया। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में पांच एकड़ भूमि नए अकादमी के लिए आवंटित की गई है, जो ग्रामीण बौद्ध धरोहर के संरक्षण और विकास के लिए समर्पित होगी। श्री मिश्रा ने कहा कि यह परियोजना महत्वाकांक्षी है, लेकिन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि ग्रामीण स्थलों के दस्तावेजीकरण और संरक्षण में सहयोग करें, और यह याद दिलाया कि स्थानीय समुदाय ही इन धरोहरों के असली संरक्षक हैं।

पद्म विभूषण डॉ. करण सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “भारत की ताकत उसकी बहुलता में है।” उन्होंने बताया कि यद्यपि आज बौद्ध धर्म के अनुयायी कम हैं, फिर भी इसने देश की सांस्कृतिक धरोहर पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने ग्रामीण बौद्ध स्थलों के संरक्षण के प्रयासों का स्वागत करते हुए जोर दिया कि स्थानीय समुदायों को इसे अपनी धरोहर मानना चाहिए। उन्होंने कहा, “भारत हमेशा बुद्ध की भूमि रहेगा,” और लोगों से आग्रह किया कि वे विभाजन से ऊपर उठकर सहयोग और सामंजस्य की भावना में काम करें।

धर्माचार्य शान्तुम सेठ ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिल्पकारों द्वारा पत्थर और वस्त्र कार्य से लेकर स्थानीय पाककला तक की परंपराओं को संरक्षित करने की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “भारतीयों को बुद्ध को अपने पूर्वज के रूप में पुनः स्वीकार करना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि अन्य देशों, जैसे चीन, बौद्ध तीर्थ स्थलों के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि बौद्ध धरोहर का पुनरुद्धार “संगठित कार्य” है, जिसमें सभी को शामिल होना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महासंघ के महानिदेशक श्री अभिजीत हलदर ने कहा, “बुद्ध की शिक्षाएँ हमें याद दिलाती हैं कि संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। जब समुदाय फल-फूलते हैं, तब ही स्मारक और मठ जीवंत रहते हैं। ग्रामीण बौद्ध धरोहर का संरक्षण केवल संरचनाओं के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों, परंपराओं और पारिस्थितिक तंत्रों के लिए है जो इन्हें संजोते हैं।”

प्रो. ए. जी. के. मेनन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए भारत की बौद्ध धरोहर के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और ग्रामीण बौद्ध धरोहर अकादमी के निर्माण में योगदान देने वाले सभी लोगों की सराहना की।

संदर्भ और महत्व

भारत के ग्रामीण बौद्ध स्थल—जिनमें से कई अविकसित और असुरक्षित हैं—एक गहन सभ्यता की विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। जहां बोधगया, सारनाथ और कुशीनगर जैसे प्रमुख स्थल वैश्विक ध्यान आकर्षित करते हैं, सैकड़ों ग्रामीण स्थल उपेक्षा, विकास, जलवायु प्रभाव और संरक्षण की कमी के कारण खतरे में हैं।

इस सम्मेलन ने ITRHD द्वारा प्रस्तावित ग्रामीण धरोहर संरक्षण एवं विकास अकादमी, नगर्जुनकुंडा, आंध्र प्रदेश के लिए आधार तैयार किया है। यह अकादमी प्रशासकों, विद्वानों, संरक्षण विशेषज्ञों, कुशल श्रमिकों और स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षित करेगी जहां पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक संरक्षण प्रथाओं के साथ जोड़कर अविकसित धरोहरों को संरक्षित करने के नए तरीके विकसित किए जाएंगे।

सम्मेलन के पहले दिन दो सत्र आयोजित किए गए, जिनमें ग्रामीण धरोहर संरक्षण और वैश्विक दृष्टिकोणों पर चर्चा हुई। जिसके आधार पर अकादमी के पाठ्यक्रम, शिक्षण ढांचे और दीर्घकालिक रणनीति के लिए बहुआयामी रोडमैप तैयार किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महासंघ, संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार), गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (दिल्ली), पुरातात्त्विक सर्वेक्षण, धर्म कॉलेज (यूएसए) और डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के सहयोग से यह आयोजन भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया की साझा बौद्ध विरासत के संरक्षण के लिए एक सहयोगात्मक रूपरेखा की शुरुआत है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।