Friday, 23 October 2026
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HRDS INDIA ने दुष्प्रचार का सख्ती से किया खंडन, पारदर्शी और स्वतंत्र कार्यशैली पर दिया संदेश

तीन दशक पुरानी मानव सेवा संस्था ने दुष्प्रचार अभियान को बताया सुनियोजित साजिश; आदिवासी कल्याण, आवास और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी निष्पक्ष प्रतिबद्धता दोहराई

मानव सेवा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय से सक्रिय और देशभर में अपनी पहचान बना चुकी गैर-सरकारी संस्था HRDS INDIA ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण अभियानों को सिरे से खारिज किया है। संस्था ने कहा कि उसकी छवि धूमिल करने और उसके मूल उद्देश्यों को विकृत करने की एक सुनियोजित कोशिश की जा रही है।

जारी आधिकारिक बयान में HRDS INDIA ने उन वीडियो और पोस्ट्स की निंदा की है, जिन्हें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर इस तरह पेश किया जा रहा है मानो संस्था के प्रकाशन—विशेषकर वार्षिक प्लानर और डायरी—सरकारी प्रचार के औजार हों या इनमें सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा हो। संस्था ने इन आरोपों को निराधार, मानहानिकारक और जनता को गुमराह करने की सोची-समझी साजिश बताया।

स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था, राष्ट्रहित सर्वोपरि

HRDS INDIA ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक संगठन है, जिसका किसी भी राजनीतिक दल या सरकारी नियंत्रण से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, संस्था ने यह भी कहा कि वह देश के दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुख नीतियों के प्रति सम्मान रखती है।

संस्था ने बताया कि उसके प्रकाशनों में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का उपयोग केवल केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और पहलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाता है, ताकि पात्र नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। इसे किसी भी प्रकार के राजनीतिक समर्थन या झुकाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सार्वजनिक धन के उपयोग के आरोप पूरी तरह गलत

मुख्य आरोपों पर जवाब देते हुए HRDS INDIA ने दो टूक कहा कि उसकी डायरी, प्लानर या अन्य संचार सामग्री के निर्माण में एक भी पैसा करदाताओं के धन का उपयोग नहीं होता।

संस्था ने स्पष्ट किया कि इस तरह की सभी गतिविधियां केवल स्वैच्छिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परोपकारी समर्थन से संचालित होती हैं। इसमें HRDS INDIA के अध्यक्ष श्रीमथ स्वामी आत्मनम्बी द्वारा वैश्विक आश्रम नेटवर्क, विशेष रूप से ब्राज़ील स्थित केंद्रों के माध्यम से जुटाए गए संसाधन भी शामिल हैं। संस्था ने कहा कि इन प्रयासों को सार्वजनिक खर्च से जोड़ना एक गंभीर भ्रामक प्रचार है।

जमीनी स्तर पर सेवा और राष्ट्रीय योगदान

HRDS INDIA देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी कल्याण, ग्रामीण विकास और बेघर लोगों के लिए आवास जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्य कर रही है।

संस्था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे महत्वपूर्ण पुनर्वास कार्यक्रम की आधिकारिक भागीदार भी है, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर में संघर्ष प्रभावित परिवारों के लिए घरों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, संस्था कई राज्यों में हाशिए पर रह रहे समुदायों के लिए जलवायु-लचीले आवास विकसित करने के कार्य में भी सक्रिय है।

प्रकाशनों का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता बढ़ाना

HRDS INDIA ने स्पष्ट किया कि उसकी वार्षिक डायरी और प्लानर व्यापक सामाजिक जागरूकता अभियान का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य सरकारी योजनाओं और पात्र लाभार्थियों के बीच सूचना की खाई को पाटना है।

संस्था के संस्थापक एवं सचिव अजी कृष्णन ने कहा,
“हमारा हर प्रयास मानवता की सेवा के मूल सिद्धांत पर आधारित है, न कि राजनीति पर। हमारे कार्यों को गलत तरीके से पेश करना न केवल भ्रामक है, बल्कि उन मूल्यों पर भी हमला है जिन पर हम खड़े हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री देश के कार्यपालिका प्रमुख हैं, इसलिए उनके चित्र का उपयोग संदर्भ के अनुसार उचित और सूचनात्मक है, जिसका उद्देश्य केवल राष्ट्रीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

संस्थापक का स्पष्ट संदेश

अजी कृष्णन ने अपने वक्तव्य में कहा,
“मानव सेवा ही राष्ट्र निर्माण का सर्वोच्च मार्ग है। हमारा मिशन राजनीति से ऊपर है और सत्य, करुणा तथा जवाबदेही पर आधारित है। इसे तोड़-मरोड़कर पेश करने का हर प्रयास न केवल हमारी संस्था पर, बल्कि निस्वार्थ सेवा की भावना पर भी हमला है।”

“Nation First, Humanity Always — Service Beyond Boundaries, Truth Beyond Influence.”

मीडिया और जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील

HRDS INDIA ने नागरिकों, मीडिया संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

संस्था ने चेतावनी दी कि झूठे और भ्रामक तथ्यों का प्रसार मानहानि की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में वह कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

अंत में HRDS INDIA ने अपने प्रमुख मूल्यों—पारदर्शिता और जवाबदेही, निष्पक्षता और संस्थागत स्वतंत्रता, मानवीय सेवा और समावेशी विकास, तथा सत्यनिष्ठ संवाद और नैतिक जिम्मेदारी—के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

संस्था ने कहा कि वह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और देश के विकास में अपने योगदान के लिए पूरी दृढ़ता के साथ काम करती रहेगी और सभी हितधारकों से अपील करती है कि वे भ्रामक सूचनाओं को नकारें और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों का समर्थन करें।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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