Monday, 03 August 2026
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पीएम विश्वकर्मा ट्रेड फेयर संपन्न: हिसार में 50 स्टॉल के जरिए कारीगरों को मिला बाज़ार और ब्रांडिंग का मंच

विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों ने स्टॉल, क्षमता-विकास सत्रों और डिजिटल बाज़ार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से खरीदारों, विशेषज्ञों और अधिकारियों से किया संवाद

हिसार | 8 मार्च, 2026

हिसार के अग्रसेन भवन में आयोजित तीन दिवसीय पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी-सह-ट्रेड फेयर शनिवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस आयोजन में पारंपरिक कारीगरों, सरकारी अधिकारियों और बाज़ार विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) की पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराना था।

एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, भिवानी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में करीब 50 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनमें मिट्टी के बर्तन बनाना, सिलाई, मोची का काम, राजमिस्त्री कार्य, स्वर्णकारी, माला निर्माण और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद शामिल रहे। 6 मार्च से 8 मार्च तक चले इस मेले ने कारीगरों को ग्राहकों और संस्थागत खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर दिया, साथ ही उन्हें आधुनिक विपणन तरीकों की जानकारी भी मिली।

PM Vishwakarma Trade Fair Concludes in Hisar, Government Highlights Branding as Key Step for Artisan Entrepreneurship

समापन दिवस पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, भिवानी की सहायक निदेशक श्रीमती रचना त्रिपाठी ने कहा कि सरकार अब कारीगरों के विकास के उस दूसरे महत्वपूर्ण चरण पर विशेष ध्यान दे रही है, जिसमें उत्पादों को ब्रांडिंग, कहानी के माध्यम से प्रस्तुत करना, आकर्षक टैगलाइन तैयार करना और ग्राहकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाना शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे कारीगर केवल प्रशिक्षित श्रमिक ही नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धी उद्यमी के रूप में भी आगे बढ़ सकेंगे।

प्रदर्शनी के साथ-साथ कारीगरों के लिए कई क्षमता-विकास सत्र भी आयोजित किए गए। इन सत्रों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण, जीएसटी से संबंधित जानकारी, ब्रांडिंग और पैकेजिंग, तथा डिजिटल माध्यमों से व्यापक बाज़ार तक पहुंच बनाने की रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के एमएसएमई विभागों के अधिकारियों ने भी स्टॉलों का दौरा किया और कारीगरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में जानकारी दी।

समापन समारोह के दौरान प्रतिभागी कारीगरों के प्रयासों को सराहा गया। ‘सर्वश्रेष्ठ सजाया गया स्टॉल’ और ‘अधिकतम बिक्री’ के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा सभी कारीगरों को उनकी भागीदारी के लिए स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एमएसएमई कार्यालय के अधिकारी श्री मुकेश कुमार, श्री पालविंदर सिंह, श्री दीपक जांगड़ा, सुश्री हीना भाटी और श्री तनुज सिहाग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा कारीगरों और एचआरएसएलएम हिसार के सदस्यों के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया गया।

इस आयोजन में सहयोग के लिए रोहतक स्थित कंपनी एडीकेमेकर्स को भी सम्मानित किया गया। कंपनी के निदेशक राहुल ढींगरा के अनुसार, मेले के दौरान कारीगरों को संभावित खरीदारों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें ब्रांडिंग, लेबलिंग और उत्पाद की गुणवत्ता में निरंतरता बनाए रखने का प्रशिक्षण भी दिया गया। यह प्रदर्शनी सरकार की 13,000 करोड़ रुपये की पीएम विश्वकर्मा पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को कौशल विकास, ऋण सहायता, टूलकिट और बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को सशक्त बनाना है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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