हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 198 रन पर ऑलआउट हुआ। जानिए डार्विन टेस्ट के पहले दिन का हाल।
डार्विन: ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर 23 साल बाद टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरी बांग्लादेश की टीम ने पहले ही दिन मेजबान टीम को ऐसा झटका दिया, जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने उम्मीद की होगी। डार्विन के मारारा ओवल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के शुरुआती दिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 55 रन देकर 6 विकेट झटके, जिसके दम पर ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 198 रन पर सिमट गई।
हसन महमूद की गेंदबाजी का असर इतना गहरा रहा कि ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी क्रम में सिर्फ स्टीव स्मिथ ही टिककर खेल सके। स्मिथ ने 71 रन की पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। जवाब में बांग्लादेश ने दिन का खेल खत्म होने तक 24 ओवर में 1 विकेट पर 96 रन बना लिए और वह ऑस्ट्रेलिया से सिर्फ 102 रन पीछे है।
यह बांग्लादेश के लिए इसलिए भी खास दिन रहा क्योंकि टीम 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरी है। 2003 के बाद यह उसका ऑस्ट्रेलिया में पहला टेस्ट दौरा है। पहले ही दिन इस तरह का प्रदर्शन बांग्लादेशी क्रिकेट के लिए एक बड़े आत्मविश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
हसन महमूद ने कैसे पलटा मैच का रुख
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। शुरुआत में मेजबान टीम ने कुछ हद तक अपने फैसले को सही साबित भी किया और एक समय उसका स्कोर बिना विकेट के 45 रन था। लेकिन इसके बाद हसन महमूद ने गेंद संभाली और ऑस्ट्रेलियाई पारी की दिशा ही बदल दी।
हसन ने पहले सलामी बल्लेबाज जेक वेदराल्ड को 23 रन पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने ट्रेविस हेड को 22 रन पर बोल्ड किया। ऑस्ट्रेलिया की पारी देखते ही देखते दबाव में आ गई। मार्नस लाबुशेन भी सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। कैमरन ग्रीन के 13 रन पर आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया 74 रन पर 4 विकेट गंवा चुका था।
इसके बाद स्टीव स्मिथ और विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों ने 55 रन की साझेदारी की, लेकिन कैरी 19 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
टास्किन अहमद ने ब्यू वेबस्टर को 12 रन पर बोल्ड किया, जबकि इसके बाद हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलियाई पारी के निचले क्रम को समेटने का काम किया। आखिरकार ऑस्ट्रेलिया 53 ओवर में 198 रन पर ऑलआउट हो गया।
अकेले लड़ते रहे स्मिथ
ऑस्ट्रेलिया की पारी में अगर किसी बल्लेबाज ने बांग्लादेश के गेंदबाजों का सबसे ज्यादा सामना किया, तो वह स्टीव स्मिथ रहे। उन्होंने 71 रन बनाए और लंबे समय तक एक छोर संभाले रखा।
स्मिथ को शुरुआत में एक जीवनदान भी मिला था, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी पारी को बड़ी स्कोर में बदलने की कोशिश करते रहे। आखिरकार हसन महमूद ने उन्हें आउट करके ऑस्ट्रेलिया की आखिरी बड़ी उम्मीद भी तोड़ दी। हसन की छह विकेट की सूची में स्मिथ का विकेट सबसे महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
स्मिथ की 71 रन की पारी के अलावा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी में कोई भी बल्लेबाज 25 रन तक नहीं पहुंच सका। यह आंकड़ा बताता है कि बांग्लादेशी गेंदबाजों ने किस तरह ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजी क्रम को दबाव में रखा।
करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
डार्विन में हसन महमूद ने 17 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। यह टेस्ट क्रिकेट में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। इससे पहले उनका टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 43 रन देकर 5 विकेट था, जो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अगस्त 2024 में हासिल किया था।
इस प्रदर्शन के साथ हसन बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों के बीच टेस्ट में एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शनों में तीसरे स्थान पर पहुंच गए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी यह बांग्लादेशी गेंदबाज का सबसे शानदार टेस्ट प्रदर्शन बन गया।
यानी एक ही प्रदर्शन ने हसन के व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ-साथ बांग्लादेश के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट इतिहास को भी नया मोड़ दिया।
हसन महमूद के 6 विकेट ने बनाया नया रिकॉर्ड
डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 55 रन देकर 6 विकेट हासिल किए।
यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में किसी बांग्लादेशी गेंदबाज का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पारी प्रदर्शन है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोहम्मद रफीक के नाम था, जिन्होंने 2006 में 5/62 लिए थे। हसन का प्रदर्शन बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों के बीच टेस्ट की एक पारी के सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों में भी शामिल हो गया है।
यह हसन महमूद के टेस्ट करियर का पहला छह विकेट वाला प्रदर्शन है और ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर बांग्लादेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कौन हैं हसन महमूद?
हसन महमूद का जन्म 12 अक्टूबर 1999 को लक्ष्मीपुर, बांग्लादेश में हुआ था। वह दाएं हाथ के तेज-मध्यम गेंदबाज हैं और अपनी गति, सीम मूवमेंट तथा अनुशासित लाइन-लेंथ के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने घरेलू क्रिकेट में चटगांव डिवीजन के लिए खेलते हुए अपनी पहचान बनाई। 2017 में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद वह बांग्लादेश अंडर-19 टीम का हिस्सा बने और 2018 अंडर-19 विश्व कप में भी खेले। घरेलू और युवा क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता दिया।
छोटे प्रारूपों में भी हसन ने अपनी उपयोगिता साबित की। बांग्लादेश प्रीमियर लीग और घरेलू टी20 प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार किया। 2020 में उन्होंने बांग्लादेश के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया, जबकि 2021 में वनडे क्रिकेट में कदम रखा।
टेस्ट क्रिकेट में उनका पदार्पण 2024 में श्रीलंका के खिलाफ हुआ। उसी वर्ष पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपना पहला टेस्ट पांच विकेट का प्रदर्शन किया और फिर भारत के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में भी पांच विकेट लिए।
चोटों के बावजूद बांग्लादेश की गेंदबाजी हावी
बांग्लादेश के लिए इस प्रदर्शन की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि उसकी तेज गेंदबाजी इकाई पूरी तरह मजबूत स्थिति में नहीं थी। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल नाहिद राणा पूरी सीरीज से बाहर हैं, जबकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शोरिफुल इस्लाम दूसरे और आखिरी टेस्ट तक उपलब्ध नहीं होंगे।
ऐसे में हसन महमूद, तस्किन अहमद और एबादोत हुसैन ने जिम्मेदारी संभाली और ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा।
यह प्रदर्शन इस बात का भी संकेत है कि बांग्लादेश की तेज गेंदबाजी अब केवल किसी एक स्टार खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। टीम के पास अलग-अलग परिस्थितियों में प्रभाव डालने वाले गेंदबाज मौजूद हैं।
पिच ने भी निभाई अहम भूमिका
मारारा ओवल की पिच पर शुरुआती समय में गेंदबाजों के लिए कुछ मदद मौजूद थी। सतह धीमी थी और उस पर हरे रंग की झलक भी दिखाई दे रही थी। सुबह की नमी ने भी तेज गेंदबाजों को कुछ अतिरिक्त सहायता दी।
स्टीव स्मिथ ने दिन के बाद पिच को ‘टैकी’ यानी कुछ चिपचिपी बताया और माना कि सुबह के समय परिस्थितियां बल्लेबाजों के लिए मुश्किल थीं।
लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतर होती गई। इसका फायदा बांग्लादेश के बल्लेबाजों को भी मिला और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के चार अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य से बल्लेबाजी की।
इसलिए हसन महमूद की छह विकेट की उपलब्धि को सिर्फ पिच की मदद का परिणाम मानना सही नहीं होगा। उन्होंने शुरुआती परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को गलत शॉट खेलने के लिए मजबूर किया।
23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश का टेस्ट
इस मुकाबले का एक बड़ा ऐतिहासिक पहलू यह भी है कि बांग्लादेश 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है। दोनों टीमों की पिछली ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट भिड़ंत 2003 में हुई थी। उस दौरे में बांग्लादेश को दोनों टेस्ट में बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में 2026 की सीरीज की शुरुआत ही बांग्लादेश के लिए एक अलग संदेश लेकर आई है।
पहले दिन उसने दुनिया की शीर्ष टीम मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 198 रन पर समेट दिया। यह ऑस्ट्रेलिया का बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में अब तक का सबसे कम स्कोर भी है।
यही वजह है कि इस प्रदर्शन को सिर्फ एक शानदार गेंदबाजी पारी नहीं, बल्कि बांग्लादेशी क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
हसन महमूद के लिए इस प्रदर्शन के मायने
हसन महमूद ने पिछले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे बांग्लादेश की तेज गेंदबाजी इकाई में अपनी जगह मजबूत की है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ, वह भी उसकी घरेलू परिस्थितियों में, छह विकेट लेना उनके करियर को नई ऊंचाई दे सकता है।
इससे पहले उनका टेस्ट करियर काफी हद तक पाकिस्तान और भारत के खिलाफ पांच विकेट लेने वाले प्रदर्शन के लिए जाना जाता था। अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6/55 ने उस सूची में सबसे ऊपर अपना नाम दर्ज कर दिया है।
उनकी गेंदबाजी में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने केवल निचले क्रम के बल्लेबाजों को निशाना नहीं बनाया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम और स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाज का भी विकेट लिया। यही इस प्रदर्शन को ज्यादा प्रभावशाली बनाता है।
दूसरे दिन की लड़ाई अभी बाकी
पहले दिन बांग्लादेश निश्चित रूप से मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, लेकिन टेस्ट मैच अभी लंबा है। टीम को पहले अपनी पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया की बढ़त खत्म करनी होगी और उसके बाद बड़ा स्कोर खड़ा करने की कोशिश करनी होगी।
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के पास वापसी का पूरा मौका है। उसके गेंदबाज अगर दूसरे दिन सुबह शुरुआती विकेट हासिल करते हैं, तो मैच की तस्वीर फिर बदल सकती है।
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