बिहार की सत्ता का 78 साल का सफर: सिन्हा से सम्राट तक जानें बिहार के मुख्यमंत्रियों की सूची

सिन्हा से सम्राट तक जानें बिहार के मुख्यमंत्रियों की सूची

पटना: आज बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। नीतीश कुमार के 11 वर्षों से अधिक के लंबे कार्यकाल ( 22 फरवरी, 2015 से 14 अप्रैल, 2026 तक) के बाद , सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वे आधिकारिक तौर पर बिहार के 24 वें मुख्यमंत्री और विशेष रूप से भाजपा पार्टी के पहले मुख्यमंत्री हैं ।

आजादी से लेकर अब तक , बिहार में सत्ता की बागडोर 24 अलग-अलग चेहरों के हाथों में रही है। एक समय कांग्रेस का दबदबा था , फिर गठबंधनों का दौर चला, उसके बाद राष्ट्रपति शासन आया और फिर क्षेत्रीय दलों का उदय हुआ… यह घटनाक्रम महज नामों की सूची नहीं है, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक कहानी है।

आइए, स्वतंत्रता से लेकर अब तक बिहार के सभी मुख्यमंत्रियों के बारे में एक-एक करके जानते हैं। किसने कितने समय तक सत्ता संभाली , वे किस पार्टी से थे और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा-पढ़े पूरी जानकारी।

क्रमांकमुख्यमंत्री का नामकार्यकालअवधि
1श्री कृष्ण सिंह15 अगस्त 1947 – 31 जनवरी 196113 वर्ष 169 दिन
2दीप नारायण सिंह1 फरवरी 1961 – 18 फरवरी 196117 दिन
3बिनोदानंद झा18 फरवरी 1961 – 2 अक्टूबर 19632 वर्ष 226 दिन
4कृष्ण बल्लभ सहाय2 अक्टूबर 1963 – 5 मार्च 19673 वर्ष 154 दिन
5महामाया प्रसाद सिन्हा5 मार्च 1967 – 28 जनवरी 1968329 दिन
6सतीश प्रसाद सिंह28 जनवरी 1968 – 1 फरवरी 19684 दिन
7बी. पी. मंडल1 फरवरी 1968 – 22 मार्च 196850 दिन
8भोला पासवान शास्त्री22 मार्च 1968 – 29 जून 196899 दिन
9हरिहर सिंह26 फरवरी 1969 – 22 जून 1969116 दिन
10भोला पासवान शास्त्री22 जून 1969 – 4 जुलाई 196912 दिन
11दारोगा प्रसाद राय16 फरवरी 1970 – 22 दिसंबर 1970309 दिन
12कर्पूरी ठाकुर22 दिसंबर 1970 – 2 जून 1971162 दिन
13भोला पासवान शास्त्री2 जून 1971 – 9 जनवरी 1972221 दिन
14केदार पांडे19 मार्च 1972 – 2 जुलाई 19731 वर्ष 105 दिन
15राम सुंदर दास21 अप्रैल 1979 – 17 फरवरी 1980302 दिन
16जगन्नाथ मिश्रा8 जून 1980 – 14 अगस्त 19833 वर्ष 67 दिन
17चंद्रशेखर सिंह14 अगस्त 1983 – 12 मार्च 19851 वर्ष 210 दिन
18बिंदेश्वरी दुबे12 मार्च 1985 – 13 फरवरी 19882 वर्ष 338 दिन
19भागवत झा आज़ाद13 फरवरी 1988 – 10 मार्च 19891 वर्ष 25 दिन
20सत्येंद्र नारायण सिन्हा11 मार्च 1989 – 6 दिसंबर 1989270 दिन
21जगन्नाथ मिश्रा6 दिसंबर 1989 – 10 मार्च 199094 दिन
22लालू प्रसाद यादव10 मार्च 1990 – 28 मार्च 19955 वर्ष 18 दिन
23लालू प्रसाद यादव4 अप्रैल 1995 – 25 जुलाई 19972 वर्ष 112 दिन
24राबड़ी देवी25 जुलाई 1997 – 11 फरवरी 19991 वर्ष 201 दिन
25राबड़ी देवी9 मार्च 1999 – 2 मार्च 2000359 दिन
26नीतीश कुमार3 मार्च 2000 – 10 मार्च 20007 दिन
27राबड़ी देवी11 मार्च 2000 – 6 मार्च 20054 वर्ष 360 दिन
28नीतीश कुमार24 नवंबर 2005 – 20 मई 20148 वर्ष 177 दिन
29जीतन राम मांझी20 मई 2014 – 22 फरवरी 2015278 दिन
30नीतीश कुमार22 फरवरी 2015 – 19 नवंबर 202510 वर्ष 5 दिन
31नीतीश कुमार20 नवंबर 2025 – 14 अप्रैल 2026कार्यकाल समाप्त
32सम्राट चौधरी15 अप्रैल 2026 – वर्तमानजारी

क्या कहती है यह सूची?

कांग्रेस का सुनहरा दौर (1947-1977)- शुरुआती 20 साल तक कांग्रेस ने लगभग एकछत्र राज किया और श्री कृष्ण सिंह सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहे।

अस्थिरता का दौर (1967-1980)- इस समय बिहार की राजनीति अस्थिर रही जिससे छोटे-छोटे कार्यकाल बने, गठबंधन टूटे और कई बार राष्ट्रपति शासन लगा।

जनता-जेडी-आरजेडी का उदय (1990 के बाद)- लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति को नया रूप दिया।

नीतीश कुमार का रिकॉर्ड– कुल 19 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में राज करने वाले बिहार के सबसे लंबे मुख्यमंत्री रहे।

आज का मोड़: सम्राट चौधरी के साथ पहली बार भाजपा ने बिहार की सत्ता की कमान संभाली है।

यह सूची सिर्फ नाम और तारीखों की नहीं, बल्कि बिहार की लोकतांत्रिक यात्रा की कहानी है, जहां हर दशक ने नई चुनौतियां, नई उम्मीदें और नई साझेदारियां दीं। आज सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बिहार को विकास के नए मुकाम पर ले जाने का वादा कर रही है।

बिहार की यह राजनीतिक विरासत हमें याद दिलाती है कि सत्ता अस्थायी है, लेकिन विकास और सुशासन की उम्मीद हमेशा स्थायी रहती है। आगे क्या होगा, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा, कि बिहार के नए चौधरी का सम्राट युग कैसा नज़र आता हैं।

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