Thursday, 06 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प, योगी सूरी बोले— ‘स्वामी दयानंद की तलवार बनकर नशे के राक्षस का अंत करें’ वाईएसआरसीपी के विरोध के बावजूद राज्यसभा में चिंतकायला विजय ने विशेष सीबीआई अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया डॉ. के.ए. पॉल ने विजय को वाशिंगटन डीसी बुलाया, स्टालिन परिवार से अपील EPS-95 पेंशनर्स की चेतावनी: पेंशन बढ़ाओ, वरना EPFO कार्यालय बंद अब पुलिस स्टेशनों में Menstrual Hygiene सुविधाओं का होगा सर्वे, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए निर्देश Faridabad Teacher Murder: 9 महीने तक पीछा किया, धमकियां दीं और आखिर स्कूल में किया कत्ल…! एकतरफा सनक ने ली शिक्षिका की जान दुनिया में सबसे ज्यादा चलते हैं हांगकांग के लोग, क्या सचमुच जरूरी है रोजाना 10,000 कदम? South Korea Heatwave: दक्षिण कोरिया में जानलेवा हीटवेव बनी राष्ट्रीय आपदा, अब तक 19 लोगों की मौत सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प, योगी सूरी बोले— ‘स्वामी दयानंद की तलवार बनकर नशे के राक्षस का अंत करें’ वाईएसआरसीपी के विरोध के बावजूद राज्यसभा में चिंतकायला विजय ने विशेष सीबीआई अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया डॉ. के.ए. पॉल ने विजय को वाशिंगटन डीसी बुलाया, स्टालिन परिवार से अपील EPS-95 पेंशनर्स की चेतावनी: पेंशन बढ़ाओ, वरना EPFO कार्यालय बंद अब पुलिस स्टेशनों में Menstrual Hygiene सुविधाओं का होगा सर्वे, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए निर्देश Faridabad Teacher Murder: 9 महीने तक पीछा किया, धमकियां दीं और आखिर स्कूल में किया कत्ल…! एकतरफा सनक ने ली शिक्षिका की जान दुनिया में सबसे ज्यादा चलते हैं हांगकांग के लोग, क्या सचमुच जरूरी है रोजाना 10,000 कदम? South Korea Heatwave: दक्षिण कोरिया में जानलेवा हीटवेव बनी राष्ट्रीय आपदा, अब तक 19 लोगों की मौत

वाईएसआरसीपी के विरोध के बावजूद राज्यसभा में चिंतकायला विजय ने विशेष सीबीआई अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया

सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विशेष सीबीआई अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों, न्यायाधीशों की कमी और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर दिया जोर

नई दिल्ली: राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान टीडीपी सांसद चिंतकायला विजय ने विशेष सीबीआई अदालतों में न्यायिक देरी और वर्षों से लंबित मामलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। वाईएसआरसीपी सांसदों के लगातार व्यवधान के बावजूद उन्होंने दृढ़ता से अपना पक्ष रखते हुए सदन से अपील की कि न्यायिक सुधारों के साथ-साथ विशेष सीबीआई अदालतों में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

बहस के दौरान विजय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से जुड़े सुधार निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन विशेष सीबीआई अदालतों की कार्यप्रणाली पर भी समान रूप से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि इन अदालतों की स्थापना भ्रष्टाचार और अन्य जटिल आपराधिक मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, त्वरित न्याय देने के बजाय इन अदालतों में कई मामले वर्षों से लंबित पड़े हैं और न्याय मिलने में लगातार देरी हो रही है।

विजय ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ लंबित 31 मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये अत्यंत महत्वपूर्ण मामले हैं, लेकिन 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी इनमें कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है। पहली बार सांसद बने विजय ने यह भी बताया कि इस अवधि के दौरान आठ न्यायाधीश बदले जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि न्यायाधीशों की कमी न्यायिक देरी का एक प्रमुख कारण है।

https://notdnews.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-05-at-8.16.21-PM.mp4

विजय ने सदन के सामने एक सीधा और महत्वपूर्ण सवाल रखा, “यदि 13 साल बाद भी डिस्चार्ज याचिका पर ही सुनवाई चल रही है, तो मुकदमे की सुनवाई आखिर कब शुरू होगी?” उनके इस सवाल ने न्यायपालिका में रिक्त पदों और प्रक्रियागत देरी के गंभीर प्रभाव को उजागर किया तथा न्यायिक जवाबदेही और समयबद्ध न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया।

वाईएसआरसीपी सांसदों के लगातार विरोध और व्यवधान के बावजूद चिंतकायला विजय अपने तर्कों पर अडिग रहे और विशेष सीबीआई अदालतों में सुधार की आवश्यकता को मजबूती से उठाते रहे। समय पर न्याय सुनिश्चित करने और न्यायिक प्रणाली में जवाबदेही की मांग करते हुए युवा टीडीपी नेता ने पारदर्शिता, जवाबदेही और आंध्र प्रदेश की जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उनके हस्तक्षेप ने न्याय व्यवस्था से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है और उम्मीद की जा रही है कि इससे न्यायिक सुधारों तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में चल रही बहस को और मजबूती मिलेगी।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version