Wednesday, 14 October 2026
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CBSE का बड़ा फैसला: 10वीं स्टूडेंट्स को राहत, इस साल नहीं लागू होगी 3 भाषा नीति

बोर्ड ने बदले नियम, 9वीं क्लास के स्टूडेंट्स को भी ‘वन टाइम’ छूट, पढ़ सकेंगे 2 विदेशी भाषाएं

2028 में होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए नया ‘मैथ्स-साइंस’ फॉर्मूला जारी

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को अपनी त्रि-भाषा (Three-Language) नीति को लेकर नए और संशोधित दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड के इस फैसले से देश भर के लाखों छात्रों और अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। नए आदेश के तहत कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच (सत्र 2026-27) के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़ने के नियम से पूरी तरह छूट दे दी गई है। सीबीएसई की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने साफ किया, “10वीं के मौजूदा बैच को इस साल त्रि-भाषा नीति का पालन नहीं करना होगा। यही नहीं, वर्तमान में जो छात्र 7वीं से 9वीं क्लास में हैं, उन्हें भी आगे चलकर 10वीं में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की कोई जरूरत नहीं होगी।”

क्यों पीछे हटा बोर्ड? समझिए पूरा विवाद

दरअसल, करीब एक महीने पहले सीबीएसई ने ऐलान किया था कि 1 जुलाई से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने शर्त रखी थी कि विदेशी भाषा सिर्फ वही बच्चे ले सकेंगे जो पहले से दो भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हों। इस कड़े नियम के खिलाफ कई परेशान छात्रों और अभिभावकों ने अदालत (हाई कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया था। चौतरफा दबाव के बाद अब बोर्ड ने अपने कदम पीछे खींचे हैं।

अभिभावकों के काम की बात, क्लास के हिसाब से समझिए नया नियम

सीबीएसई ने उलझन को दूर करने के लिए नियमों को दो हिस्सों में बांट दिया है। 10वीं का मौजूदा बैच को तीन भाषाएं पढ़ने और उसकी परीक्षा देने की कोई बाध्यता नहीं है। जबकि 9वीं का मौजूदा बैच (सत्र 2026-27) के छात्रों को ‘वन-टाइम रिलैक्सेशन’ (एक बार की राहत) दी गई है। ये छात्र दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा का कॉम्बिनेशन चुनकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। इन्हें तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा को अनिवार्य रूप से जोड़ना होगा।

2028 की बोर्ड परीक्षा का नया फॉर्मूला: मैथ्स और साइंस में ‘टू-टीयर’ सिस्टम

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि सत्र 2026-27 में जो बच्चे 9वीं क्लास में एडमिशन ले रहे हैं, उनके लिए साल 2028 में होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षा बिल्कुल नए पैटर्न पर होगी। इस व्यवस्था के तहत गणित (Maths) और विज्ञान (Science) को दो स्तरों पर पढ़ाया जाएगा।

मानक (Standard) स्तर: यह सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा। सभी बच्चे 80 अंकों की एक जैसी सामान्य परीक्षा देंगे।
उन्नत (Advanced) स्तर: यह पूरी तरह वैकल्पिक (Optional) होगा। जो छात्र किसी विषय में अपनी गहरी वैचारिक समझ, तार्किक सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता को साबित करना चाहते हैं, वे इस अतिरिक्त उन्नत स्तर की परीक्षा में बैठ सकेंगे।

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IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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