नई दिल्ली: अगर आप दिल्ली में रहते हुए बिहार के पारंपरिक स्वाद को मिस कर रहे हैं, तो अब आपके लिए अच्छी खबर है। नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में मंगलवार को नई बिहार भवन कैंटीन का शुभारंभ किया गया। इस कैंटीन का उद्देश्य सिर्फ भोजन परोसना नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध खान-पान संस्कृति को राष्ट्रीय राजधानी में नई पहचान दिलाना भी है। यहां आने वाले मेहमान, प्रवासी बिहारी और दिल्ली-एनसीआर के लोग अब एक ही जगह बिहार के प्रसिद्ध व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।
नई दिल्ली स्थित बिहार भवन के स्थानिक आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को नई बिहार भवन कैंटीन का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में बिहार भवन के कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
इस मौके पर मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बिहार भवन हमेशा से बिहार की संस्कृति और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करता रहा है। अब इस नई कैंटीन के जरिए बिहार के पारंपरिक व्यंजनों को भी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना था कि यह पहल बिहार के खान-पान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई बिहार भवन कैंटीन के मेन्यू में बिहार के कई लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन शामिल किए गए हैं। यहां आने वाले लोग लिट्टी-चोखा, सत्तू से बने विभिन्न व्यंजन, कढ़ी-भात, दाल-भात, मौसमी सब्जियां और अन्य बिहारी पकवानों का स्वाद ले सकेंगे।
कैंटीन का प्रयास है कि यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बिहार के घर जैसा स्वाद और पारंपरिक भोजन का अनुभव मिले।
क्या है कैंटीन का समय?
बिहार भवन कैंटीन सुबह के नाश्ते और पूरे दिन के भोजन के लिए निर्धारित समय पर संचालित होगी।
- नाश्ता: सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक
- दोपहर और रात्रि भोजन: 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
इस समय के दौरान आगंतुक अपनी पसंद के पारंपरिक बिहारी व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं।
नई बिहार भवन कैंटीन केवल खाने की जगह नहीं होगी, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत को देशभर के लोगों तक पहुंचाने का एक माध्यम भी बनेगी। राजधानी दिल्ली में रहने वाले प्रवासी बिहारियों के लिए यह कैंटीन अपने घर के स्वाद से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी, वहीं अन्य राज्यों के लोग भी बिहार के पारंपरिक व्यंजनों से परिचित हो सकेंगे।
