Wednesday, 30 September 2026
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1 अक्टूबर से रेलवे में टिकट चेकिंग होगी सख्त, इन यात्रियों को रखनी होगी Original ID; नियम तोड़ने पर लग सकता है भारी जुर्माना

अक्टूबर में त्योहारी यात्रा बढ़ने से पहले मध्य रेल ने एक महीने का विशेष टिकट जांच अभियान घोषित किया है। ट्रेनों और स्टेशनों पर टिकट, पहचान, रियायत और यात्रा प्राधिकार की जांच बढ़ाई जा सकती है।

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से टिकट जांच और सख्त होने जा रही है। मध्य रेल (Central Railway) 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक एक महीने का विशेष टिकट जांच अभियान चलाएगा।

इस दौरान टिकट की वैधता और उसकी वास्तविकता के साथ-साथ रियायती टिकट, निर्धारित आरक्षण कोटे और रेलवे पास से यात्रा करने वाले यात्रियों के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। यात्रियों को विशेष रूप से यात्रा के दौरान निर्धारित Original ID Proof साथ रखने की सलाह दी गई है।

रेलवे के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य आरक्षण सुविधाओं के दुरुपयोग, रियायतों और पास के गलत इस्तेमाल, फर्जी या अनियमित टिकटों और रेलवे राजस्व में होने वाले नुकसान को रोकना है। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर टिकट की प्रामाणिकता जांचने के लिए TTE App का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

मध्य रेल की ओर से 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत ट्रेनों के अलावा स्टेशनों पर भी टिकटों की जांच की जाएगी। अभियान में सामान्य टिकटों के साथ उन यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो कंसेशन यानी रियायती किराए, निर्धारित आरक्षण कोटे और विभिन्न प्रकार के रेलवे पास के आधार पर यात्रा कर रहे हैं।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जांच का मकसद केवल यात्रियों के पास टिकट है या नहीं, यह देखना नहीं है। यह भी जांचा जाएगा कि टिकट जिस आधार पर जारी हुआ है, यात्री वास्तव में उस सुविधा के लिए पात्र है या नहीं।

किन यात्रियों को Original ID रखना होगा?

इस विशेष अभियान में उन यात्रियों को अपने निर्धारित मूल पहचान दस्तावेज साथ रखने होंगे, जो रियायती टिकट या निर्धारित आरक्षण कोटे के तहत यात्रा कर रहे हैं। टिकट जांच कर्मचारी यह सत्यापित कर सकते हैं कि यात्री उस रियायत या कोटे का लाभ लेने के लिए पात्र है या नहीं।

रेलवे की ओर से बताए गए स्वीकार्य पहचान पत्रों में वोटर फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र, मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज का फोटोयुक्त छात्र पहचान पत्र, फोटोयुक्त राष्ट्रीयकृत बैंक पासबुक, फोटोयुक्त लैमिनेटेड बैंक क्रेडिट कार्ड और आधार कार्ड शामिल हैं।

हालांकि, यात्रियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी विशेष रियायत या कोटे के लिए केवल सामान्य पहचान पत्र ही नहीं, बल्कि उस सुविधा के लिए निर्धारित पात्रता दस्तावेज भी आवश्यक हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले अपने टिकट की श्रेणी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है।

ग्रुप टिकट वालों के लिए भी अहम नियम

अगर एक ही टिकट पर एक से अधिक यात्रियों की बुकिंग है तो भी पहचान पत्र से जुड़े नियम लागू होंगे। मध्य रेल के अनुसार, ऐसे टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों में से कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान पत्र होना चाहिए।

अगर जांच के दौरान आवश्यक मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो लागू रेलवे नियमों के अनुसार उस टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को वैध टिकट के बिना यात्रा करने वाला माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में रेलवे नियमों के मुताबिक कार्रवाई या जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

इसलिए परिवार या दोस्तों के साथ ग्रुप में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी जरूरी है कि टिकट के साथ कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान पत्र मौजूद हो।

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E-Pass और PTO से यात्रा करने वालों के लिए भी सख्ती

रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलने वाली यात्रा सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर भी विशेष निगरानी होगी। इनमें E-Pass और PTO (Privilege Ticket Order) जैसे यात्रा लाभ शामिल हैं।

रेलवे के मुताबिक, E-Pass या PTO के आधार पर यात्रा करने वाले यात्रियों को निर्धारित Original ID Proof साथ रखना होगा। इसके अलावा यात्रा शुरू करने से पहले यह भी सुनिश्चित करना होगा कि E-Pass या PTO को निर्धारित Authority to Travel में विधिवत बदलवाया या एक्सचेंज किया गया हो।

यानी केवल E-Pass या PTO उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं होगा। उससे जुड़ी यात्रा प्रक्रिया भी पूरी होनी चाहिए।

रेलवे के प्रशिक्षण दस्तावेजों के अनुसार, PTO रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए मिलने वाली यात्रा सुविधा से जुड़ा प्रमाणपत्र है। इसके आधार पर पात्र यात्री निर्धारित शर्तों के तहत रियायती किराए पर यात्रा कर सकते हैं।

अनारक्षित टिकटों की भी होगी जांच

विशेष अभियान केवल आरक्षित या रियायती टिकटों तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य रेल ने अनारक्षित टिकटों की प्रामाणिकता की जांच पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही है।

जरूरत पड़ने पर टिकट जांच कर्मचारी TTE App के जरिए टिकट की जानकारी और उसकी वास्तविकता को मौके पर सत्यापित कर सकते हैं। इससे फर्जी, बदले हुए या गलत तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे टिकटों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

रेलवे का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से टिकट जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और संदिग्ध टिकटों की जांच मौके पर की जा सकती है।

बिना टिकट या गलत टिकट पर जुर्माना

टिकट जांच अभियान के दौरान यात्रियों के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव पहले ही लागू हो चुका है। बिना वैध टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है।

रेलवे के मुताबिक, जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 के अंतर्गत न्यूनतम जुर्माना 20 जून 2026 से ₹500 किया गया है।

इसका मतलब यह है कि बिना उचित टिकट या यात्रा प्राधिकरण के पकड़े जाने पर यात्री को केवल सामान्य किराया ही नहीं, बल्कि लागू अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।

क्या थे पुराने नियम?

टिकट रहित यात्रा पर रेलवे की ओर से वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्क के नियमों में 2026 में बदलाव किया गया है। पहले बिना वैध टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क ₹250 था। नए नियमों के तहत इसे बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है। इसका मतलब है कि बिना टिकट या उचित यात्रा प्राधिकार के ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे का कहना है कि यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपने टिकट और यात्रा संबंधी दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए। अक्टूबर में शुरू होने वाला विशेष टिकट जांच अभियान भी इसी व्यवस्था के तहत चलाया जाएगा। अभियान के दौरान रेलवे के विभिन्न मार्गों और स्टेशनों पर टिकट जांच बढ़ाई जा सकती है।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल वैध टिकट के साथ यात्रा करें और जुर्माने से बचने के लिए यात्रा से पहले टिकट की वैधता और विवरण जरूर जांच लें।

डिजिटल टिकट वालों को भी सावधान रहने की जरूरत

रेलवे में डिजिटल टिकटिंग का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। लेकिन डिजिटल टिकट होने का मतलब यह नहीं है कि हर तरह का स्क्रीनशॉट या दूसरे व्यक्ति के मोबाइल से प्राप्त टिकट यात्रा के लिए वैध माना जाएगा।

रेलवे पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि RailOne ऐप से बुक किए गए अनारक्षित टिकट को उसी पंजीकृत मोबाइल फोन पर उपलब्ध रखना जरूरी है, जिससे टिकट बुक किया गया था। किसी दूसरे व्यक्ति के फोन पर बुक टिकट का स्क्रीनशॉट भेजकर यात्रा करना वैध यात्रा प्राधिकरण नहीं माना जाता।

इसलिए यात्रियों को डिजिटल टिकट के मामले में भी मूल बुकिंग डिवाइस और टिकट की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

1 अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान के दौरान यात्रियों को कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी चाहिए।

पहला, यात्रा से पहले यह जांच लें कि टिकट सही तारीख, ट्रेन और यात्री के नाम पर है।

दूसरा, अगर टिकट किसी रियायत या विशेष कोटे के तहत है तो उस सुविधा से जुड़ा आवश्यक पात्रता दस्तावेज साथ रखें।

तीसरा, ग्रुप टिकट होने पर कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान पत्र जरूर रहे।

चौथा, E-Pass या PTO से यात्रा करने वाले यात्री मूल ID के साथ यह भी सुनिश्चित करें कि यात्रा प्राधिकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

पांचवां, अनारक्षित डिजिटल टिकट वाले यात्री टिकट उसी मोबाइल पर रखें, जिससे टिकट बुक किया गया है।

त्योहारी सीजन से पहले क्यों अहम है अभियान?

अक्टूबर से देशभर में त्योहारी यात्राओं का दौर शुरू हो जाता है। इस दौरान लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ प्रमुख रेलवे स्टेशनों और उपनगरीय सेवाओं में भी यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे समय में टिकटों की जांच को तेज करने से रेलवे को अनधिकृत यात्रा और टिकट संबंधी गड़बड़ियों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है।

मध्य रेल का यह अभियान फिलहाल 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। अभियान के दौरान टिकट की वैधता, पहचान, रियायत और पास से जुड़े दस्तावेजों के साथ अनारक्षित टिकटों की प्रामाणिकता पर भी ध्यान दिया जाएगा।

यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टिकट के साथ आवश्यक मूल पहचान और पात्रता दस्तावेज जरूर रखें। खासकर रियायती टिकट, निर्धारित कोटे, E-Pass और PTO के जरिए यात्रा करने वालों को दस्तावेजों की कमी से बचना होगा। नियमों के मुताबिक आवश्यक पहचान प्रस्तुत नहीं कर पाने पर एक ही टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को वैध टिकट के बिना यात्रा करने वाला माना जा सकता है।

इसलिए अक्टूबर में ट्रेन यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए टिकट बुक करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि यात्रा के समय उनके पास सही टिकट, सही दस्तावेज और आवश्यक मूल ID मौजूद हो।

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MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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