Sunday, 02 August 2026
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एआईसीटीई के चेयरमैन प्रोफेसर टी.जी.सीताराम ने मार्गदर्शन स्कीम  2023-24 को किया लॉन्च

परामर्श और मार्गदर्शन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को दिया जाएगा बढ़ावा

एम आई संस्थान मान्यता प्राप्त नहीं करने वाले ग्रामीण संस्थानों का करेंगे मार्गदर्शन

नई दिल्ली।

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्लिकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के चेयरमैन प्रोफेसर टी.जी. सीताराम ने मार्गदर्शन स्कीम 2023-24  बुधवार को लॉन्च की, इस परिवर्तनकारी योजना का उद्देश्य मार्गदर्शन इंस्टीट्यूट्स(एमआई) के माध्यम से मेंटी बेनिफिशियरी इंस्टीट्यूट्स(एमबीआई) को सलाह और मार्गदर्शन प्रदान करके देश भर में तकनीकी शिक्षा के मानक को ऊपर उठाना है।

प्रोफेसर टी.जी. सीताराम ने  कहा, “मार्गदर्शन योजना 2023-24 हमारे देश में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंस्टीट्यूट्स(संस्थान) के बीच सहयोग और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देकर, हम इस शिक्षा क्षेत्र में समग्र विकास के द्वार खोल रहे हैं।”

उन्होंने कहा, ” इस मार्गदर्शन स्कीम का उद्देश्य इंस्टीट्यूशन्स की गुणवत्ता को बढ़ाना है। 10 इंस्टीट्यूशन्स को 30 लाख रुपए का आवंटन प्रदान किया जाएगा, जिन्हें उन ग्रामीण संस्थानों का मागदर्शन करने का काम सौंपा जाएगा जो अब तक मान्यता प्राप्त नहीं हो सके हैं। एआईसीटीई टीम ने इस स्कीम से अत्यधिक उन्नत विकास के प्रयास किए हैं।

इस लॉन्च कार्यक्रम में एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रोफेसर राजीव कुमार सहित एआईसीटीई के अन्य अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने तकनीकी शिक्षा परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव लाने की इस स्कीम की क्षमता पर अपना विश्वास जताया।

उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई मार्गदर्शन स्कीम एमआई द्वारा प्रदान की जाने वाली अत्याधुनिक सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करती है। जिसमें अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, व्यापक पुस्तकालय, सभागार, इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेल, आईपीआर सेल, कार्यशालाएं और बहुत कुछ शामिल हैं, जो संस्थानों को अपने शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को समृद्ध करने के लिए मजबूत बनाते हैं।

मार्गदर्शन स्कीम के तहत भाग लेने वाले संस्थानों को एनआईआरएफ रैंकिंग, एनबीए और एनएएसी मान्यता की प्राप्ति के लिए मागदर्शन और समर्थन प्रदान किया जाएगा। यह समर्थन व्यापक प्रशिक्षण कार्यशालाओं, परामर्श कार्यक्रमों और सलाहकार सेवाओं के माध्यम से बढ़ाया जाएगा। इन मार्गदर्शन संस्थानों में एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान और आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, आईआईएससी, आईएसईआर और आईआईएम जैसे केंद्रीय वित्त पोषित संस्थान शामिल हैं।

मार्गदर्शन योजना ने देश भर के तकनीकी संस्थानों से भागीदारी प्राप्त की है। एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रोफेसर राजीव कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “मार्गदर्शन योजना की प्रतिक्रिया शिक्षा समुदाय की उन्नति के प्रति प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है। साथ में, हम तकनीकी शिक्षा परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार हैं।”

इच्छुक संस्थानों को इस परिवर्तनकारी अवसर का लाभ उठाने की सलाह दी जाती है। जिसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2023 निर्धारित की गई है। यह योजना तीन वर्षों के दौरान विकास और वृद्धि की गारंटी देती है।

मार्गदर्शन योजना के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक पार्टी एआईसीटीई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.aicte-india.org/schemes/institutional-development-schemes पर जाएं।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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