‘मिडनाइट हैमर’ ऑपरेशन: अमेरिका ने ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों पर बी-2 बॉम्बर्स से किया हमला
अमेरिका ने ईरान के नतांज, एस्फाहान और फोर्डो स्थित प्रमुख परमाणु केंद्रों को बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स के ज़रिए निशाना बनाकर बड़ा सैन्य अभियान अंजाम दिया है। इस मिशन को ‘मिडनाइट हैमर’ नाम दिया गया है।
ट्रंप का दावा: “गुप्त परमाणु केंद्रों को गहरी क्षति पहुंचाई गई”
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को “सटीक और विनाशकारी” बताया। उन्होंने ‘ट्रुथ’ सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सैटेलाइट चित्रों में ईरान के भूमिगत परमाणु ढांचे को गंभीर नुकसान होता साफ देखा जा सकता है। ट्रंप ने कहा, “जो सफेद ढांचा दिख रहा है, वह गहराई में था, वहीं सबसे ज़्यादा क्षति हुई है।”
बी-2 बॉम्बर्स की वापसी का वीडियो किया साझा
हमले के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स के सुरक्षित अमेरिका लौटने का वीडियो साझा करते हुए पायलटों का आभार जताया। उन्होंने लिखा, “हमारे महान पायलट मिसौरी में सुरक्षित लैंड कर चुके हैं। सटीक हमले के लिए उन्हें धन्यवाद।”
उप राष्ट्रपति वेंस ने दी सफाई: “यह युद्ध नहीं, परमाणु खतरे के खिलाफ कदम”
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए किया गया है, न कि ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए। उन्होंने कहा, “हम तेहरान के साथ युद्ध नहीं चाहते, बल्कि उसके परमाणु मंसूबों का विरोध कर रहे हैं। कूटनीति का रास्ता अब भी खुला है।”
सुरक्षित माने जाने वाले परमाणु ठिकाने भी बने निशाना
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने खास तौर पर भूमिगत ठिकानों को निशाना बनाया जो अब तक बेहद संरक्षित माने जाते थे। फिलहाल ईरान की तरफ से इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका
इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और भड़कने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक समुदाय की निगाहें अब ईरान और अमेरिका की अगली रणनीतिक चालों पर टिकी हैं।
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