DCP हरेश्वर वी. स्वामी के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क, साइबर जागरूकता, रात्रि गश्त और वाहन चोरी के खिलाफ अभियान तेज
नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली में अपराधों पर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी, आईपीएस के नेतृत्व में अपराध रोकने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
एमईआरआई के मानव संसाधन प्रमुख प्रोफेसर तपस डे ने पुलिस की इन कोशिशों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कानून का सख्ती से पालन कराने के साथ सामुदायिक सहभागिता पर जोर देना सकारात्मक कदम है।
वरिष्ठ नागरिकों के घर पहुंच रही पुलिस
पुलिसकर्मी वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संपर्क करने के लिए उनके घर जा रहे हैं। इस दौरान वे उन्हें अपराध के नए तरीकों, संभावित खतरों और बचाव के उपायों की जानकारी देते हैं।
इसके अलावा, शिक्षण संस्थानों में साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटकों के जरिए भी लोगों तक सुरक्षा से जुड़े संदेश पहुंचाए जा रहे हैं।
ऑपरेशन चक्र 2.0 में 185 वाहन बरामद
वाहन चोरी के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन चक्र 2.0’ के तहत पुलिस ने 72 घंटे का विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 185 चोरी के वाहन बरामद किए गए और 44 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
त्योहारों से पहले पुलिस ने झपटमारी और अन्य अपराधों में सक्रिय आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान अवैध हथियार और चोरी किए गए मोबाइल फोन भी बरामद हुए। वहीं, ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत घोषित अपराधियों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार करने पर जोर दिया गया।
स्थानीय लोगों से बढ़ा रही पुलिस का संपर्क
पुलिस ने नवनियुक्त कर्मियों का स्थानीय निवासियों से सार्वजनिक मंचों पर परिचय कराने की पहल शुरू की है। इससे लोग अपने क्षेत्र के पुलिसकर्मियों को पहचान सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उनसे सीधे संपर्क कर सकेंगे।
पुलिस थानों में पुस्तकालय भी स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों और वरिष्ठ नागरिकों को पढ़ने की सुविधा देना है।
रामलीला स्थलों और बाजारों में सुरक्षा के इंतजाम
त्योहारों के दौरान पश्चिमी दिल्ली के 41 रामलीला स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई। यहां शिकायत निवारण केंद्र और जागरूकता कियोस्क भी लगाए गए। इन कियोस्क के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी और नशे से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस ने बाजार संगठनों, रेस्तरां संचालकों और स्थानीय निवासियों के साथ बैठकें भी कीं। इनमें अतिक्रमण, नियमों का पालन, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और पटाखों के सुरक्षित इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
‘विमुक्त’ और ‘तालमेल’ जैसी पहलों के साथ लगातार गश्त के जरिए पश्चिमी दिल्ली पुलिस अपराध रोकने और नागरिकों का भरोसा मजबूत करने की कोशिश कर रही है।




