दम्माम एयरपोर्ट पर हमले से पहले सऊदी अरब के शायबाह तेल क्षेत्र में एक ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने रोक दिया था। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हुई।
दम्माम: सऊदी अरब के पूर्वी शहर दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार शाम हुई इस घटना की पुष्टि की। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, हवाई अड्डे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
हमले के बाद अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने यमन के हूती समूह की ओर से सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों को सुरक्षा संबंधी चिंता का कारण बताया है।
एक की मौत, आठ घायल
सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार शाम हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने घटना की पुष्टि की है। घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी चोटों की गंभीरता अलग-अलग बताई गई है।
घटना के बाद अधिकारियों ने हवाई अड्डे के परिसर और वहां मौजूद सुविधाओं को हुए नुकसान की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान सऊदी अरब के निवासी के रूप में बताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हमले की पूरी परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार पक्ष के बारे में स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है।
हमले का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। विमान ट्रैकिंग सेवा Flightradar24 के अनुसार, कुछ उड़ानों को दम्माम एयरपोर्ट से उनके निर्धारित मार्गों के बजाय दूसरे रास्तों से भेजा गया। इससे हवाई अड्डे के संचालन और यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
इस घटना ने सऊदी अरब के नागरिक विमानन ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन और स्थिति की निगरानी जारी है। यात्रियों को अपनी उड़ानों से संबंधित जानकारी के लिए एयरलाइनों और हवाई अड्डे की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
हूती विद्रोहियों पर उठे सवाल
दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले के लिए अभी तक किसी संगठन या समूह की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अधिकारियों ने शुरुआती बयान में हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष का नाम नहीं बताया। इसलिए इस घटना को सीधे हूती विद्रोहियों से जोड़ना फिलहाल सही नहीं होगा।
हालांकि, यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच सुरक्षा तनाव बढ़ा हुआ है। हूती समूह को ईरान का समर्थन प्राप्त है और वह पहले भी क्षेत्र में मिसाइल तथा ड्रोन हमलों के लिए चर्चा में रहा है। हाल के दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के संदर्भ में भी हूती समूह का नाम सामने आया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को हटाने के फैसले की वजह बताते हुए हूती समूह की ओर से नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों का उल्लेख किया।
अमेरिकी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश
दम्माम एयरपोर्ट पर हमले और सऊदी अरब में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने 21 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि यह आदेश सऊदी अरब में तैनात गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों पर लागू होता है।
अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले के पीछे सऊदी अरब में नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों का हवाला दिया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन घटनाओं के कारण नागरिकों को नुकसान पहुंचा है और यात्रा व्यवस्था में बाधाएं पैदा हुई हैं।
अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद अपने नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। सुरक्षा चेतावनी में कहा गया कि क्षेत्र में जारी संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है और उसका प्रभाव मौजूदा प्रभावित इलाकों से आगे तक पहुंच सकता है। अमेरिकी नागरिकों से सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों की सूचनाओं और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि खाड़ी क्षेत्र के सभी देशों में अमेरिकी मिशनों से कर्मचारियों को हटाने का व्यापक आदेश दिया गया है।
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सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठान पर भी हमला
एयरपोर्ट पर हमले से पहले बुधवार को सऊदी अरब के शायबाह तेल क्षेत्र में भी सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर घटना हुई थी। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने एक ड्रोन को रोक दिया, जो सऊदी अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र में एक प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। ड्रोन को रोकने के बाद उसका मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
इस घटना ने सऊदी अरब के ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। शायबाह तेल क्षेत्र देश के महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों में शामिल है। ऐसे स्थानों पर हमले की कोशिश से कर्मचारियों की सुरक्षा और ऊर्जा उत्पादन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर जोखिम पैदा हो सकता है।
सऊदी अरब के लिए यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि देश अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों की सुरक्षा में किसी भी तरह की बाधा का असर स्थानीय स्तर से आगे भी पड़ सकता है।
रियाद एयरपोर्ट पर भी हो चुके हैं हमले
दम्माम की घटना से पहले सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमलों की खबरें सामने आई थीं। 10 और 11 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। इसके बाद 11 अक्टूबर को हुए एक अन्य हमले में एक व्यक्ति की मौत और 11 लोगों के घायल होने की सूचना दी गई थी। इन घटनाओं के बाद रियाद एयरपोर्ट पर परिचालन प्रभावित हुआ।
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीमित उड़ान संचालन फिर से शुरू किया गया। कुछ सऊदी एयरलाइनों को पूर्व अनुमति के साथ उड़ानें संचालित करने की इजाजत दी गई थी। हालांकि, कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें रद्द रखीं।
दम्माम एयरपोर्ट पर उड़ानों की स्थिति
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित है और दम्माम शहर को अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क उपलब्ध कराता है। यह क्षेत्र फारस की खाड़ी के निकट है और बहरीन तथा कतर जैसे देशों के आसपास के व्यापक क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा सूचना के अनुसार, दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जेद्दा का किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिचालन में थे, लेकिन कुछ उड़ानों में देरी और रद्द होने की स्थिति बनी हुई थी। इसके विपरीत, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर संचालन अधिक सीमित था।
दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद कुछ उड़ानों को दूसरे मार्गों की ओर मोड़ा गया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में सभी प्रभावित उड़ानों की संख्या या सामान्य संचालन पूरी तरह बहाल होने का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया।
ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे एयरलाइन और एयरपोर्ट की आधिकारिक सूचनाओं के जरिए अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और सुरक्षा की चुनौती
सऊदी अरब में हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष का असर कई देशों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। यमन में हूती समूह और सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच संघर्ष लंबे समय से जारी है। अब नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों की खबरों ने क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है।
अमेरिका ने सऊदी अरब में अपने गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को हटाने का फैसला सुरक्षा जोखिमों के मद्देनजर लिया है। यह कदम सामान्य राजनयिक गतिविधियों से अलग एक सुरक्षा उपाय है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को संभावित खतरे से बचाना है।
एक व्यक्ति की मौत और आठ लोगों के घायल होने की घटना ने सऊदी अरब के नागरिक विमानन ढांचे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही, अमेरिकी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश यह संकेत देता है कि क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस समय सबसे अहम प्राथमिकता घायलों का इलाज, हवाई अड्डे की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना है।

