Tuesday, 20 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
TMC छोड़ने के बाद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार का बड़ा तोहफा, 20.5 करोड़ रुपये के विवादित प्लॉट के आवंटन को मिली मंजूरी Asian Para Games 2026: दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर टी20 में जीता गोल्ड, 56.36 सेकंड में बनाया गेम्स रिकॉर्ड Cristiano Ronaldo Suspended: पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डो को राष्ट्रीय टीम से 30 दिन का बैन, 255 यूरो का जुर्माना भी लगा 101th  Foundation Day of RSS: जानें संघ से जुड़े 7 ऐसे विवादित अध्याय, जिसने खड़े किए RSS की विचारधारा पर सवाल MERI और SIA-India ने अंतरिक्ष चिप्स पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया Ferdinand-Isabella Marriage: 557 साल पहले कैसे एक शाही विवाह ने रखी आधुनिक स्पेन की नींव? एक ही क्रिप्टो एसेट, अलग-अलग नियम: क्यों नियमों का पालन करने वाले एक्सचेंज नुकसान में हैं Jamia Student Union Protest: जामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग पर तेज हुआ आंदोलन, जानें 2006 में क्यों भंग हुआ था छात्रसंघ TMC छोड़ने के बाद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार का बड़ा तोहफा, 20.5 करोड़ रुपये के विवादित प्लॉट के आवंटन को मिली मंजूरी Asian Para Games 2026: दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर टी20 में जीता गोल्ड, 56.36 सेकंड में बनाया गेम्स रिकॉर्ड Cristiano Ronaldo Suspended: पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डो को राष्ट्रीय टीम से 30 दिन का बैन, 255 यूरो का जुर्माना भी लगा 101th  Foundation Day of RSS: जानें संघ से जुड़े 7 ऐसे विवादित अध्याय, जिसने खड़े किए RSS की विचारधारा पर सवाल MERI और SIA-India ने अंतरिक्ष चिप्स पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया Ferdinand-Isabella Marriage: 557 साल पहले कैसे एक शाही विवाह ने रखी आधुनिक स्पेन की नींव? एक ही क्रिप्टो एसेट, अलग-अलग नियम: क्यों नियमों का पालन करने वाले एक्सचेंज नुकसान में हैं Jamia Student Union Protest: जामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग पर तेज हुआ आंदोलन, जानें 2006 में क्यों भंग हुआ था छात्रसंघ

Asian Para Games 2026: दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर टी20 में जीता गोल्ड, 56.36 सेकंड में बनाया गेम्स रिकॉर्ड

तेलंगाना के ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में पहचान बनाने वाली दीप्ति जीवनजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में गोल्ड जीता। जानिए उनके शुरुआती जीवन, परिवार, कोच एन. रमेश के मार्गदर्शन और खेल करियर की अहम उपलब्धियों के बारे में।

आइची-नागोया: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की दीप्ति जीवनजी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मंगलवार, 20 अक्टूबर को हुई इस प्रतियोगिता में उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया।

दीप्ति की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह पहले ही विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। एशियन पैरा गेम्स में उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि लगातार अभ्यास, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव किसी खिलाड़ी को शीर्ष स्तर तक पहुंचाने में कितनी अहम भूमिका निभाता है।

भारत के लिए यह स्वर्ण पदक प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में मिली महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा। आकाशवाणी न्यूज की 20 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, दीप्ति के गोल्ड जीतने के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 23 हो गई थी। इनमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और 10 कांस्य पदक शामिल थे।

56.36 सेकंड में पूरी की 400 मीटर दौड़

महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में दीप्ति जीवनजी ने 56.36 सेकंड का समय दर्ज किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया। जापान की नीना कन्नो ने 58.92 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता, जबकि उनकी हमवतन अकाने काटो 1 मिनट 0.26 सेकंड में दौड़ पूरी करके कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहीं।

दीप्ति और दूसरे स्थान पर रहने वाली नीना कन्नो के समय में 2.56 सेकंड का अंतर रहा। 400 मीटर जैसी स्पर्धा में यह अंतर महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि इसमें धावकों को शुरुआती गति के साथ-साथ पूरे लैप में अपनी रफ्तार और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखना पड़ता है।

दीप्ति की जीत का एक अहम पहलू यह भी है कि वह इस स्पर्धा में अपना पिछला खिताब बचाने में सफल रहीं। उन्होंने 2023 के एशियन पैरा गेम्स में भी महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड के साथ एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया था। 2026 में दोबारा गोल्ड जीतकर उन्होंने इस स्पर्धा में अपनी निरंतरता साबित की।

ये भी पढ़ें :- Cristiano Ronaldo Suspended: पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डो को राष्ट्रीय टीम से 30 दिन का बैन, 255 यूरो का जुर्माना भी लगा

कौन हैं दीप्ति जीवनजी?

दीप्ति जीवनजी तेलंगाना की रहने वाली भारतीय पैरा एथलीट हैं। उनका संबंध वारंगल क्षेत्र के एक गांव से है। उनके माता-पिता छोटे किसान हैं और उन्होंने अपने परिवार का जीवन चलाने के लिए खेतों में काम करने के साथ मजदूरी भी की है। साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली दीप्ति ने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में पहचान बनाई।

दीप्ति की दौड़ने की क्षमता कम उम्र में ही सामने आने लगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खेल प्राधिकरण यानी स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कोच एन. रमेश ने उन्हें तब पहचाना, जब वह लगभग 15 वर्ष की थीं। एक राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन को देखकर कोच ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें प्रशिक्षण देना शुरू किया।

किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी की क्षमता को सही समय पर पहचानना उसके करियर की दिशा बदल सकता है। दीप्ति के मामले में भी कोच का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण साबित हुआ।

बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद ने भी उनकी यात्रा में भूमिका निभाई। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सुझाव पर दीप्ति की हैदराबाद में बौद्धिक दिव्यांगता से संबंधित जांच कराई गई। इसके बाद उनकी पैरा एथलेटिक्स यात्रा को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

2019 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान

दीप्ति जीवनजी के अंतरराष्ट्रीय करियर को शुरुआती पहचान 2019 में मिली। उन्होंने हांगकांग में आयोजित एशियन यूथ चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और कांस्य पदक जीता। यह उपलब्धि उनके लिए महत्वपूर्ण पड़ाव थी, क्योंकि इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेना जारी रखा।

2019 से 2022 के बीच एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया। इस दौरान उन्हें अलग-अलग स्तरों पर अपनी क्षमता परखने का अवसर मिला।

2020 में गुवाहाटी में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में दीप्ति ने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल करते हुए दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

बाद के वर्षों में उनका ध्यान 400 मीटर टी20 स्पर्धा में मजबूत प्रदर्शन करने पर रहा। विभिन्न प्रतियोगिताओं में मिले अनुभव का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर किया। 2023 में एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका नाम भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल होने लगा।

2023 के एशियन पैरा गेम्स में भी जीता था गोल्ड

दीप्ति जीवनजी के करियर में 2023 के एशियन पैरा गेम्स को महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। इस प्रतियोगिता में उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इस दौरान उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड के साथ एशियाई रिकॉर्ड भी कायम किया।

इस सफलता ने उन्हें महाद्वीपीय स्तर पर स्थापित किया। एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए सिर्फ एक बड़ी उपलब्धि नहीं था, बल्कि आगे होने वाली विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव भी था।

2026 में उसी स्पर्धा में दोबारा गोल्ड जीतना उनकी निरंतरता को दर्शाता है। किसी बड़े टूर्नामेंट में एक बार शीर्ष स्थान हासिल करना और फिर अगले संस्करण में खिताब बचाना अलग-अलग तरह की चुनौतियां हैं। दूसरे मामले में खिलाड़ी को अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने के साथ अन्य प्रतिस्पर्धियों की प्रगति का भी सामना करना पड़ता है।

नागोया में 56.36 सेकंड के समय के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाकर दीप्ति ने दिखाया कि वह एशियाई स्तर पर अब भी शीर्ष दावेदारों में शामिल हैं।

2024 में बनाया था विश्व रिकॉर्ड

दीप्ति जीवनजी की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में 2024 की पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक शामिल है। इस प्रतियोगिता में उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा 55.07 सेकंड में पूरी की और विश्व रिकॉर्ड बनाया।

विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि थी। इससे पहले वह एशियाई स्तर पर अपनी क्षमता दिखा चुकी थीं, लेकिन विश्व रिकॉर्ड ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।

इसी वर्ष पेरिस पैरालंपिक में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पैरालंपिक में पदक जीतना किसी भी पैरा एथलीट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इसमें दुनिया के अलग-अलग देशों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।

दीप्ति की 2024 की उपलब्धियों में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण और पैरालंपिक का कांस्य दोनों शामिल हैं। ये परिणाम बताते हैं कि वह अलग-अलग स्तर की बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखती हैं।

इसके बाद 2025 में उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया। उन्होंने 2025 और 2026 में इंडियन ओपन में भी स्वर्ण पदक जीते। इन परिणामों के साथ उनका करियर लगातार आगे बढ़ता रहा।

क्या है टी20 कैटेगरी?

पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों को उनकी दिव्यांगता और संबंधित खेल गतिविधि पर उसके प्रभाव के आधार पर अलग-अलग वर्गों में रखा जाता है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है।

टी20 वर्ग बौद्धिक दिव्यांगता वाले एथलीटों के लिए निर्धारित है। ऐसी दिव्यांगता किसी खिलाड़ी की जानकारी को समझने और संसाधित करने, ध्यान केंद्रित करने या प्रतियोगिता के दौरान रणनीति अपनाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, इसका प्रभाव प्रत्येक खिलाड़ी पर अलग-अलग हो सकता है।

इस वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, तकनीक और दौड़ के दौरान गति का प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है। 400 मीटर दौड़ में धावकों को एक पूरे लैप में अपनी गति बनाए रखनी पड़ती है। शुरुआत में बहुत अधिक ऊर्जा खर्च करने से अंतिम चरण में प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है, जबकि बहुत धीमी शुरुआत से प्रतिस्पर्धियों को बढ़त मिल सकती है।

दीप्ति की उपलब्धियां इस वर्ग में उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती हैं। हालांकि, किसी खिलाड़ी की दिव्यांगता को उसकी पूरी पहचान मानना उचित नहीं है। उनके करियर का आकलन खेल उपलब्धियों, रिकॉर्ड, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर भी किया जाना चाहिए।

माता-पिता के सहयोग ने निभाई अहम भूमिका

दीप्ति जीवनजी की यात्रा में उनके परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके माता-पिता ने उनके खेल संबंधी सपनों का समर्थन किया, जबकि गांव में कुछ लोगों ने उन्हें लेकर ताने भी दिए थे।

सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाले खिलाड़ी के लिए खेल में आगे बढ़ने का रास्ता आसान नहीं होता। प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी, यात्रा और अन्य जरूरतों के लिए सहयोग की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में परिवार का समर्थन खिलाड़ी को लंबे समय तक अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है।

दीप्ति के माता-पिता ने उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर दिया। कोचिंग और खेल जगत से मिले मार्गदर्शन के साथ उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं।

उनकी उपलब्धियां यह भी बताती हैं कि खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए शुरुआती पहचान, उपयुक्त प्रशिक्षण और परिवार का सहयोग एक साथ महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल संस्थानों और प्रशिक्षकों की भूमिका भी इसी कारण अहम हो जाती है।

Home » Asian Para Games 2026: दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर टी20 में जीता गोल्ड, 56.36 सेकंड में बनाया गेम्स रिकॉर्ड
शेयर करें: Facebook X WhatsApp
MD Faijan

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।