Saturday, 10 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर डॉ. चरणजीत सिंह की अंतरराष्ट्रीय अपील World Mental Health Day 2026: मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना कितना जरूरी, जानें भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में क्या हैं कानून छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, खरीद दर पर 70 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा; पुराने भुगतान पर भी मिलेगा फायदा WWE Money in the Bank 2026: रोमन रेंस से लेकर ब्रॉन ब्रेकर तक, जानें कौन जीतेगा ब्रीफकेस और कौन बचाएगा खिताब Other Mommy Day 1 Collection: जेसिका चैस्टेन की हॉरर फिल्म को मिला कैसा रिस्पॉन्स, भारत में पहले दिन कमाए इतने रुपये Dhruv Rathee Detained: गुरुग्राम में ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया, CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले बढ़ी हलचल डॉ. के. ए. पॉल ने राहुल गांधी को दिया 30 दिन का अल्टीमेटम Nobel Peace Prize 2026: भारतीय मूल की नवी पिल्लै को शांति का नोबेल, जानिए रंगभेद से अंतरराष्ट्रीय न्याय तक उनका सफर भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर डॉ. चरणजीत सिंह की अंतरराष्ट्रीय अपील World Mental Health Day 2026: मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना कितना जरूरी, जानें भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में क्या हैं कानून छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, खरीद दर पर 70 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा; पुराने भुगतान पर भी मिलेगा फायदा WWE Money in the Bank 2026: रोमन रेंस से लेकर ब्रॉन ब्रेकर तक, जानें कौन जीतेगा ब्रीफकेस और कौन बचाएगा खिताब Other Mommy Day 1 Collection: जेसिका चैस्टेन की हॉरर फिल्म को मिला कैसा रिस्पॉन्स, भारत में पहले दिन कमाए इतने रुपये Dhruv Rathee Detained: गुरुग्राम में ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया, CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले बढ़ी हलचल डॉ. के. ए. पॉल ने राहुल गांधी को दिया 30 दिन का अल्टीमेटम Nobel Peace Prize 2026: भारतीय मूल की नवी पिल्लै को शांति का नोबेल, जानिए रंगभेद से अंतरराष्ट्रीय न्याय तक उनका सफर

भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर डॉ. चरणजीत सिंह की अंतरराष्ट्रीय अपील

नई दिल्ली: मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. चरणजीत सिंह ने भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपील की है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं, संयुक्त राष्ट्र के संबंधित निकायों, राजनयिक मिशनों, मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से कथित अधिकार उल्लंघनों की स्वतंत्र जाँच कराने का अनुरोध किया है।

उपलब्ध नौ पृष्ठों की ईमेल प्रति के अनुसार, यह अपील 10 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:51 बजे भेजी गई थी। इसमें शांतिपूर्ण सभा पर कथित प्रतिबंधों, मनमानी हिरासत और संवैधानिक एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के संभावित उल्लंघनों की जाँच की माँग की गई है।

डॉ. सिंह ने राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, निर्वाचन आयोग और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय सहित संबंधित संस्थाओं से अपने अधिकार-क्षेत्र के अनुसार उचित कार्रवाई पर विचार करने का आग्रह किया है।

अपील में दिल्ली में कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों के दौरान पुलिस तैनाती, प्रदर्शनकारियों की कथित गिरफ्तारी, इंटरनेट सेवाओं पर संभावित प्रतिबंध और सार्वजनिक परिवहन में व्यवधान जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। इसमें पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के कामकाज में संभावित बाधाओं की भी स्वतंत्र जाँच करने की माँग की गई है।

पत्र में लगभग 50,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती का दावा किया गया है। हालाँकि, इस संख्या और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अपील में हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति और उनके कानूनी अधिकारों की समीक्षा करने का भी अनुरोध किया गया है।

डॉ. सिंह ने संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 22 का उल्लेख करते हुए समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों पर जोर दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दस्तावेजों के प्रासंगिक प्रावधानों का भी हवाला दिया है।

उन्होंने प्रशासन से पुलिस कार्रवाई में कानूनसम्मत प्रक्रिया, आवश्यकता और आनुपातिकता सुनिश्चित करने तथा इंटरनेट प्रतिबंधों और चुनाव संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा करने का आग्रह किया है।

डॉ. सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से आधिकारिक दस्तावेजों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और सत्यापित तस्वीरों एवं वीडियो के आधार पर घटनाओं की पड़ताल करने को कहा है। उपलब्ध ईमेल अभिलेख संदेश भेजे जाने का दस्तावेजी रिकॉर्ड प्रस्तुत करता है, लेकिन लगभग 500 प्राप्तकर्ताओं तक सफल डिलीवरी या किसी संस्था द्वारा कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।