दिल्ली पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष पारुल सिंह को पैरा स्पोर्ट्स और दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में योगदान के लिए खेल रत्न सम्मान मिला
नई दिल्ली: दिल्ली पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष पारुल सिंह को पैरा स्पोर्ट्स के विकास और दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में उनके योगदान के लिए खेल रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया।
दैनिक राष्ट्र सह्याद्रि मीडिया ग्रुप की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर मराठी मेलावा एवं सह्याद्रि रत्न (खेल रत्न) पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पैरा स्पोर्ट्स से जुड़ी हस्तियों और दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखा गया।
पैरा स्पोर्ट्स के विकास में योगदान को मिली पहचान
पारुल सिंह दिल्ली पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष के रूप में दिव्यांग खिलाड़ियों की खेलों में भागीदारी बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
पैरा स्पोर्ट्स में प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और उपयुक्त मंच तक पहुंच खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पारुल सिंह को मिला सम्मान इसी क्षेत्र में उनके योगदान को पहचान देने के रूप में देखा जा रहा है।

कई प्रमुख हस्तियां समारोह में हुईं शामिल
समारोह में केंद्रीय आयुष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले मौजूद रहे। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
स्वीडन के स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से सांसद नीला विखे पाटिल ने भी समारोह में हिस्सा लिया।
दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियों को पहचान देने पर जोर
कार्यक्रम में खेलों के जरिए सामाजिक समावेशन और समान अवसरों के महत्व को रेखांकित किया गया। पैरा स्पोर्ट्स दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के साथ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने का अवसर भी देता है।
दैनिक राष्ट्र सह्याद्रि मीडिया ग्रुप की सातवीं वर्षगांठ पर आयोजित इस समारोह ने पैरा स्पोर्ट्स समुदाय के योगदान और दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियों को व्यापक पहचान देने का संदेश दिया।




