90mph से ज्यादा की रफ्तार, Hampshire के लिए शानदार प्रदर्शन और इंग्लैंड की जर्सी तक पहुंचने के बाद John Turner का करियर चोट के कारण अचानक खत्म हो गया। जानिए उनकी पूरी कहानी।
हैम्पशायर: क्रिकेट में 25 साल की उम्र को आमतौर पर करियर का शुरुआती दौर माना जाता है। इसी उम्र में कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना शुरू करते हैं और अगले एक दशक से ज्यादा समय तक खेलने का सपना देखते हैं। लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन टर्नरके लिए कहानी कुछ अलग रही। महज 25 साल की उम्र में उन्होंने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास का फैसला कर लिया है।
हैम्पशायर के इस तेज गेंदबाज का करियर चोटों से लगातार प्रभावित रहा और जून 2025 में लगी पीठ की स्ट्रेस फ्रैक्चर (Stress Fracture) के बाद वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में दोबारा गेंद नहीं डाल सके। करीब एक साल से ज्यादा समय तक मैदान से दूर रहने के बाद टर्नरने माना कि चोटों के इतिहास और भविष्य को लेकर सोचने के बाद अब क्रिकेट से आगे बढ़ने का समय आ गया है।
टर्नरने इंग्लैंड के लिए सिर्फ चार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, लेकिन उनका सफर इस छोटे से आंकड़े से कहीं ज्यादा दिलचस्प रहा। 90 मील प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंद फेंकने की क्षमता, Hampshire के लिए शानदार T20 प्रदर्शन, The Hundred में प्रभावशाली शुरुआत और फिर इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंच। उनका करियर तेज गति से ऊपर गया, लेकिन चोटों ने उतनी ही तेजी से उसे रोक दिया।
कौन हैं John Turner?
जॉन टर्नर का जन्म 10 अप्रैल 2001 को Johannesburg, South Africa में हुआ था। उनकी मां के जरिए उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिली। उन्होंने South Africa के प्रसिद्ध Hilton College में पढ़ाई की और 2021 में यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चले गए।
क्रिकेट के साथ-साथ टर्नर ने अपनी पढ़ाई को भी गंभीरता से जारी रखा। उन्होंने University of Exeter से Economics and Finance की डिग्री पूरी की। 2024 में अपनी डिग्री पूरी करने के दौरान भी वह क्रिकेट खेल रहे थे।
रिपोर्ट के अनुसार The Hundred के दौरान एक मैच खत्म करने के बाद वह रात में Exeter लौटे, अगले दिन सुबह परीक्षा दी और फिर वापस टीम से जुड़ गए थे।
यानी क्रिकेट के शुरुआती प्रोफेशनल वर्षों में ही टर्नर ने यह दिखा दिया था कि उनकी पहचान केवल गेंद की रफ्तार तक सीमित नहीं थी।
Hampshire से प्रोफेशनल करियर की शुरुआत
Turner ने 2021 Royal London One-Day Cup में Hampshire के लिए अपना List A डेब्यू किया। उनके पहले ही प्रोफेशनल विकेट ने सबका ध्यान खींच लिया। उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज Alastair Cook को आउट किया।
इसके बाद 2022 में उन्होंने First-Class क्रिकेट में कदम रखा। Sri Lanka Cricket Development XI के खिलाफ अपने प्रथम-श्रेणी डेब्यू में उन्होंने पहली पारी में 5/31 का शानदार प्रदर्शन किया। उसी साल One-Day Cup में उन्होंने हैम्पशायर के लिए 20 विकेट लिए और टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लैंकाशिर के खिलाफ 5/25 रहा।
यह प्रदर्शन संकेत था कि हैम्पशायर के पास एक ऐसा तेज गेंदबाज है, जिसकी रफ्तार और नियंत्रण दोनों उसे भविष्य में बड़ी भूमिका दिला सकते हैं।
2023 बना करियर का सबसे बड़ा मोड़
टर्नर के करियर का सबसे शानदार दौर 2023 में आया। उन्होंने उस साल हैम्पशायर के लिए County Championship और Vitality Blast दोनों में अपनी जगह बनाई, लेकिन टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
Vitality Blast में उन्होंने केवल 11 मैचों में 21 विकेट लिए। उनका गेंदबाजी औसत 11.76 और इकोनॉमी रेट 6.67 रहा। उस सीजन में 10 से ज्यादा ओवर गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों के बीच उनका इकोनॉमी रेट प्रतियोगिता में सबसे बेहतर था।
हैम्पशायर के लिए T20 डेब्यू पर उन्होंने मिडलसेक्स के खिलाफ पहली ही गेंद पर विकेट लिया और चार ओवर में 3/30 का आंकड़ा दर्ज किया। सरे के खिलाफ उन्होंने 3/17 लेकर भी अपनी क्षमता दिखाई।
उनकी रफ्तार और लगातार सही जगह गेंद डालने की क्षमता ने उन्हें इंग्लैंड के चयनकर्ताओं की नजरों में ला दिया।
इंग्लैंड की टीम में मिली जगह
2023 के शानदार घरेलू प्रदर्शन के बाद टर्नर को इंग्लैंड के डेवलपमेंट पाथवेज (Development Pathways) में जगह मिली और उन्हें ECB Development Contract भी मिला। उसी साल उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम में बुलाया गया था, हालांकि चोट के कारण वह सीरीज नहीं खेल पाए।
इसके बाद 2024 में उनका अंतरराष्ट्रीय सपना पूरा हुआ। उन्हें वेस्ट इंडीज दौरे के लिए इंग्लैंड की white-ball टीम में शामिल किया गया और उन्होंने ODI तथा T20I दोनों में डेब्यू किया।
चार अंतरराष्ट्रीय मैचों का करियर
जॉन टर्नर ने इंग्लैंड के लिए कुल चार अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इनमें दो ODI और दो T20I मुकाबले शामिल हैं। इन चार मुकाबलों में उन्होंने तीन विकेट अपने नाम किए।
आंकड़ों की दृष्टि से यह कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन टर्नर के मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अभी शुरू ही हुआ था। वह इंग्लैंड की भविष्य की तेज गेंदबाजी योजनाओं का हिस्सा बन सकते थे।
हैम्पशायर के लिए टर्नर का रिकॉर्ड
टर्नर ने हैम्पशायर के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में 53 मैचों में 97 विकेट लिए। पांच साल के प्रोफेशनल करियर में यह आंकड़ा बताता है कि वह केवल एक T20 विशेषज्ञ नहीं थे।
उनके करियर में हैम्पशायर कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ा और टर्नर टीम की गेंदबाजी योजनाओं का हिस्सा रहे। क्लब के लिए उनके 2023 के T20 प्रदर्शन को खास तौर पर उनकी breakthrough season माना जाता है।
इसके अलावा उन्होंने The Hundred में Trent Rockets के साथ तीन सीजन बिताए, South Africa की Paarl Royals के लिए भी खेला और 2025 में Lancashire के साथ loan spell किया।
90mph की रफ्तार थी उनकी सबसे बड़ी ताकत
टर्नर की सबसे बड़ी खासियत उनकी पेस थी। वह 90 मील प्रति घंटे यानी लगभग 145 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार तक पहुंच सकते थे।
लेकिन तेज गेंदबाजी केवल गति का खेल नहीं है। एक तेज गेंदबाज को हर गेंद के दौरान रन-अप, जंप, शरीर का भार, गेंद छोड़ने की स्थिति और लैंडिंग का भारी दबाव झेलना पड़ता है।
यही वजह है कि तेज गेंदबाजों में पीठ, घुटने, टखने और हैमस्ट्रिंग जैसी चोटें आम देखी जाती हैं।
तेज गेंदबाजों की पीठ क्यों टूटती है?
तेज गेंदबाजी में शरीर को एक साथ कई दिशाओं में तेजी से मूवमेंट करना पड़ता है। गेंद छोड़ते समय तेज गेंदबाज का शरीर flex, extend, rotate और side-flex करता है। इसके साथ अगले पांव को पिच पर उतरते समय शरीर का भारी भार रोकना पड़ता है।
BCCI की जानकारी के अनुसार गेंदबाज की front leg landing के दौरान शरीर के वजन का आठ गुना तक भार पड़ सकता है। तेज गेंदबाजों में lumbar spine यानी कमर के निचले हिस्से की stress injury विशेष चिंता का विषय है।
वैज्ञानिक साहित्य भी बताता है कि lumbar bone stress injuries क्रिकेट के तेज गेंदबाजों में लंबे समय से पहचानी जाने वाली समस्या हैं। लगातार दोहराए जाने वाले bowling actions और शरीर पर पड़ने वाले mechanical load से stress reaction विकसित हो सकता है, जो आगे चलकर stress fracture में बदल सकता है।
तेज गेंदबाजों में लगातार बढ़ रहा चोट का खतरा
हाल के वर्षों में युवा तेज गेंदबाजों की चोटों को लेकर चिंता बढ़ी है। आज एक खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट के साथ T20 लीग, The Hundred, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और अलग-अलग देशों की फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में खेल सकता है। एक ही साल में अलग-अलग फॉर्मेट के बीच लगातार बदलाव शरीर को पर्याप्त रिकवरी टाइम नहीं दे सकते।
युवा खिलाड़ियों के लिए समस्या और गंभीर हो सकती है क्योंकि शरीर अभी पूरी तरह विकसित हो रहा होता है। BCCI के अनुसार 23 साल से कम उम्र के तेज गेंदबाज lower-back stress fractures के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हो सकते हैं।
इसीलिए आधुनिक क्रिकेट में वर्कलोड मॉनिटरिंग, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग और सही बॉलिंग एक्शन की समीक्षा और पर्याप्त रिकवरी को पहले से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।
Jofra Archer भी झेल चुके हैं लंबी चोट
John Turner का मामला इंग्लैंड के एक और तेज गेंदबाज Jofra Archer की कहानी की याद दिलाता है। आर्चर को भी लंबे समय तक elbow और back injuries से जूझना पड़ा और 2022 में उन्हें back stress fracture की समस्या हुई थी। वह लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौट पाए।
हालांकि आर्चर वापसी करने में सफल रहे, वहीं टर्नर की कहानी अलग दिशा में चली गई।
जसप्रीत बुमराह भी चोट के शिकार
भारत में भी तेज गेंदबाजों की back injuries नई बात नहीं हैं। जसप्रीत बुमराह को 2019 में lower-back stress fracture हुआ था और बाद में भी उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठते रहे। तेज गेंदबाजों की चोट पर विशेषज्ञों ने गेंदबाजी की तकनीक, वर्कलोड, फिटनेस और ट्रेनिंग मेथड को महत्वपूर्ण कारकों में गिना है।
इससे साफ है कि समस्या केवल किसी एक देश या एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है।
टर्नर के लिए अब आगे क्या?
क्रिकेट से संन्यास का मतलब यह नहीं है कि टर्नर की खेल से पूरी तरह दूरी हो जाएगी। उन्होंने Economics and Finance की पढ़ाई पूरी कर रखी है, इसलिए उनके पास क्रिकेट के बाहर करियर बनाने के विकल्प मौजूद हैं।
उन्होंने अपने बयान में अपने पांच साल के हैंपशायर करियर को बेहद खास बताया और क्लब, साथियों तथा समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया। हैंपशायर के Director of Cricket Giles White ने भी टर्नर को असाधारण प्रतिभा वाला खिलाड़ी बताते हुए उनके संन्यास पर निराशा जताई।
एक अधूरे करियर का अंत
जॉन टर्नर की कहानी इसलिए ज्यादा दुखद है क्योंकि उनका करियर किसी खराब प्रदर्शन के कारण खत्म नहीं हुआ। वह तब क्रिकेट से दूर हुए जब उनका भविष्य अभी बनना शुरू ही हुआ था।
25 की उम्र में उन्होंने 90mph से ज्यादा की रफ्तार दिखाई, Alastair Cook जैसे दिग्गज को अपने पहले प्रोफेशनल विकेट के रूप में आउट किया, हैंपशायर के लिए T20 में 21 विकेट का शानदार सीजन खेला, The Hundred में नाम बनाया और फिर इंग्लैंड की जर्सी पहनने का सपना पूरा किया। लेकिन चार अंतरराष्ट्रीय मैचों के बाद ही उनका सफर रुक गया।
टर्नर ने 25 साल की उम्र में गेंद को आखिरी बार पीछे छोड़ते हुए एक नए जीवन की ओर कदम बढ़ा दिया है। उनकी कहानी इंग्लैंड क्रिकेट को यह याद भी दिलाती है कि तेज गेंदबाज तैयार करना केवल उन्हें ज्यादा तेज गेंद फेंकना सिखाने का काम नहीं है।उन्हें लंबे समय तक फिट रखना भी उतना ही जरूरी है।
ये भी पढ़ें :- Brock Lesnar Retires: ‘द बीस्ट’ ने कहा WWE को अलविदा, The Pat McAfee Show पर किया रिटायरमेंट का ऐलान




