क्या घंटों फोन देखने से आपकी गर्दन पर असर पड़ रहा है? जानिए ‘Text Neck’ क्या है, इसके लक्षण, गर्दन और कंधों पर होने वाली परेशानी और इससे बचने के आसान उपाय।
नई दिल्ली: स्मार्टफोन अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है। सुबह उठते ही फोन देखना, काम के बीच लगातार मैसेज चेक करना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, वीडियो देखना और रात को सोने से पहले घंटों स्क्रीन पर समय बिताना, इन सबने हमारी दिनचर्या बदल दी है।
लेकिन फोन की इस बढ़ती निर्भरता का असर सिर्फ आंखों या नींद तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक फोन को नीचे रखकर देखने की आदत आपकी गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ पर भी अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
इसी वजह से पिछले कुछ वर्षों में ‘Text Neck’ या ‘Tech Neck’ जैसे शब्द चर्चा में आए हैं। आमतौर पर इन शब्दों का इस्तेमाल उस स्थिति के लिए किया जाता है, जिसमें व्यक्ति लंबे समय तक मोबाइल या दूसरे स्क्रीन डिवाइस को देखने के लिए गर्दन आगे और नीचे की ओर झुकाकर रखता है।
इस पोस्चर में लंबे समय तक रहने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में खिंचाव, जकड़न और असहजता महसूस हो सकती है।
फोन देखने से गर्दन पर दबाव क्यों बढ़ता है?
जब हम फोन को अपनी आंखों के सामने रखने के बजाय नीचे की ओर पकड़ते हैं, तो हमारा सिर आगे की तरफ झुक जाता है। इस दौरान गर्दन की मांसपेशियों को सिर को स्थिर रखने के लिए लगातार काम करना पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति कुछ मिनटों के बजाय लंबे समय तक इसी पोस्चर में रहता है, तो मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ सकता है।
स्मार्टफोन के सामान्य इस्तेमाल में अक्सर व्यक्ति फोन को छाती या कमर के आसपास रखता है और गर्दन को नीचे झुका लेता है। इसके साथ ही दोनों कंधे आगे की ओर आ सकते हैं और upper back भी गोल हो सकती है। अगर यही स्थिति रोजाना कई घंटों तक दोहराई जाए, तो गर्दन और कंधों में थकान या असहजता महसूस होना संभव है।
एक व्यवस्थित समीक्षा (systematic review) में स्मार्टफोन के उपयोग से जुड़े बायोमैकेनिकल साक्ष्यों (biomechanical evidence) का विश्लेषण करते हुए पाया गया कि फोन का इस्तेमाल करते समय नीचे की ओर देखने की मुद्रा (posture) और लंबे समय तक डिवाइस का उपयोग मस्कुलोस्केलेटल लक्षणों से जुड़ सकते हैं।
ये लक्षण केवल गर्दन तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि कंधों (shoulders), बाहों (arms), कलाइयों (wrists), हाथों (hands) और अंगूठों (thumbs) में भी महसूस हो सकते हैं।
Neck Pain के अलावा कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं?
नियमित रूप से फोन का इस्तेमाल करने के दौरान समस्या सिर्फ गर्दन के दर्द तक ही सीमित नहीं रहती। लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने और फोन चलाने से कई लोगों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में तरह-तरह की परेशानियों और तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है।
1. गर्दन में दर्द और जकड़न
लंबे समय तक गर्दन झुकाकर रखने के बाद उठने पर गर्दन में अकड़न महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को गर्दन को दाएं-बाएं घुमाने में असहजता भी हो सकती है।
2. कंधों में खिंचाव
फोन चलाते समय अगर कंधे लगातार आगे की ओर झुके रहते हैं, तो upper trapezius और आसपास की मांसपेशियों पर खिंचाव बढ़ सकता है। इससे कंधों में भारीपन महसूस हो सकती है।
3. Upper back में असहजता
फोन देखते समय सिर्फ गर्दन ही नहीं झुकती। कई बार पूरा upper body आगे की तरफ झुक जाता है। लंबे समय तक ऐसी मुद्रा बनाए रखने से upper back में भी discomfort हो सकता है।
4. सिरदर्द
गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में तनाव कुछ लोगों में tension-type headache से जुड़ा हो सकता है। हालांकि हर headache को smartphone use से जोड़ना सही नहीं है, क्योंकि इसके पीछे sleep problems, stress, dehydration और कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
5. हाथ और अंगूठे में परेशानी
फोन पर लगातार typing, scrolling और gaming करने से हाथों और अंगूठे में दौहराए जाने वाली मूवमेंट बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक ऐसा करने पर अंगूठे, कलाई या हाथों में असहजता महसूस हो सकती है।
Smartphone-related musculoskeletal symptoms पर हुई शोध में upper extremities के कई हिस्सों में discomfort की रिपोर्ट सामने आई है।
क्या फोन आपकी गर्दन को सच में ‘उम्रदराज‘ बना सकता है?
यही सवाल इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है। ‘टेक नेक’ शब्द का इस्तेमाल केवल गर्दन के दर्द के लिए नहीं, बल्कि गर्दन की त्वचा पर दिखाई देने वाले कुछ कॉस्मेटिक बदलावों के लिए भी किया जाता है।
जब हम फोन देखते समय लगातार गर्दन नीचे की ओर झुकाते हैं, तो गर्दन की त्वचा में बार-बार सिलवटें बनती हैं। समय के साथ बार-बार दोहराई जाने वाली इस गतिविधि और त्वचा के बूढ़े होने के सामान्य कारणों से यह क्षैतिज रेखाएं ज्यादा दिखाई दे सकती हैं। गर्दन की त्वचा पर उम्र, आनुवंशिकी (जींस), सूरज की यूवी किरणों के प्रभाव और कोलेजन में प्राकृतिक कमी जैसे कई कारणों का असर पड़ता है।
कुछ डर्मेटोलॉजी और कॉस्मेटिक मेडिसिन स्रोत ‘टेक नेक’ को गर्दन पर दिखाई देने वाली क्षैतिज रेखाओं और त्वचा के ढीलेपन से जोड़ते हैं। लेकिन इसे इस तरह समझना जरूरी है कि सिर्फ फोन देखने से आपकी गर्दन अचानक बूढ़ी नहीं हो जाती। बल्कि बार-बार एक ही तरह से गर्दन मोड़ने की आदत त्वचा के बूढ़े होने की मौजूदा प्रक्रिया की रफ्तार बढ़ा सकती है।
गर्दन की त्वचा को अक्सर चेहरे की तुलना में स्किनकेयर रूटीन में कम ध्यान मिलता है। बहुत से लोग चेहरे पर सनस्क्रीन और मॉइस्चराइज़र लगाते हैं, लेकिन गर्दन को छोड़ देते हैं। इससे यूवी किरणों का बुरा असर गर्दन पर भी पड़ सकता है।
‘Text Neck’ से बचने के उपाय
सबसे आसान तरीका है कि आपको फोन छोड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि फोन इस्तेमाल करने का तरीका बदलने की जरूरत है।
फोन को आंखों के करीब रखें
फोन को बहुत नीचे रखकर देखने के बजाय उसे जितना संभव हो सके आंखों के करीब रखें। इससे गर्दन को लगातार नीचे झुकाने की जरूरत कम होगी।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर समय फोन को बिल्कुल आंखों के सामने उठाकर रखना है। आरामदायक स्थिति में फोन को थोड़ा ऊपर रखना और गर्दन को neutral position के करीब रखना ज्यादा व्यावहारिक तरीका है।
लगातार एक ही मुद्रा में न रहें
अगर आपका काम या पढ़ाई फोन पर निर्भर है, तो लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से बचें। बीच-बीच में मुद्रा बदलें, उठें और कुछ देर चलें।
सिर्फ मुद्रा सुधारना ही पर्याप्त नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण है। गर्दन के दर्द के जोखिम कारकों की जांच करने वाले एक अनुदैर्ध्य अध्ययन में पाया गया कि कम नींद की गुणवत्ता और अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि इसके महत्वपूर्ण कारक थे, जबकि स्मार्टफोन के इस्तेमाल के दौरान गर्दन झुकाने की मुद्रा को अकेले गर्दन के दर्द का जोखिम कारक नहीं पाया गया।
‘Phone Break’ को अपनी आदत बनाएं
अगर आप लंबे समय तक लगातार scrolling करते हैं, तो बीच-बीच में फोन से नजर हटाएं। कुछ मिनट के लिए डिवाइस नीचे रखें, गर्दन को आराम दें और अपनी मुद्रा बदलें।
आप चाहें तो अपने फोन में screen-time reminders या app limits का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ स्क्रीन टाइम कम करना नहीं, बल्कि लगातार और बिना ब्रेक के फोन इस्तेमाल करने की आदत को तोड़ना होना चाहिए।
Voice Typing का इस्तेमाल करें
अगर आपको लंबे संदेश लिखने हैं, तो हर बार नीचे देखकर लगातार typing करने के बजाय voice typing का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे हाथों और गर्दन पर लगातार एक ही तरह का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
गर्दन के लिए कौन-सी Exercises मदद कर सकती हैं?
अगर लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने के बाद गर्दन और कंधों में stiffness महसूस होती है, तो हल्की movement और stretching मददगार हो सकती है। उदाहरण के तौर पर गर्दन को धीरे-धीरे दाएं और बाएं घुमाना, कंधों को पीछे की ओर रोल करना और chest-opening movements किए जा सकते हैं।
लेकिन व्यायाम करते समय किसी भी गतिविधि को जबरदस्ती नहीं करना चाहिए। अगर दर्द बढ़ता है, चक्कर आते हैं या हाथ में झनझनाहट महसूस होती है, तो व्यायाम रोककर चिकित्सीय परामर्श लेना बेहतर है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर गर्दन का दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बना रहता है, तो इसे केवल ‘फोन की वजह’ मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खास तौर पर अगर दर्द के साथ हाथों में सुन्नपन, झनझनाहट, कमजोरी, लगातार हो रहे असहनीय दर्द, चोट के बाद दर्द या गतिविधि में गंभीर परेशानी हो, तो चिकित्सीय सलाह जरूरी हो सकती है।
गर्दन के दर्द (neck pain) के पीछे मांसपेशियों में खिंचाव (muscle strain) के अलावा सर्वाइकल स्पाइन की समस्याएं, नसों में होने वाली जलन या दबाव (nerve irritation), खराब नींद, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता (physical inactivity) और दूसरी चिकित्सीय स्थितियां (medical conditions) भी हो सकती हैं। इसलिए सही निदान (diagnosis) के लिए डॉक्टर या योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
फोन चलाएं, लेकिन गर्दन को नजरअंदाज न करें
आज के समय में स्मार्टफोन को पूरी तरह जीवन से हटाना संभव नहीं है और न ही इसकी जरूरत है। लेकिन अगर आपका दिन कई घंटों की स्क्रॉलिंग, चैटिंग, गेमिंग या वीडियो देखने में गुजरता है, तो अपनी गर्दन के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। फोन को बहुत नीचे रखकर लगातार देखने के बजाय उसे थोड़ा ऊपर रखें।
लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें। बीच-बीच में ब्रेक लें। नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और पर्याप्त नींद लें। अगर गर्दन या कंधों में लगातार तकलीफ महसूस हो रही है, तो समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लें। और अगर चिंता गर्दन की त्वचा को लेकर है, तो मुद्रा सुधारने के साथ-साथ सनस्क्रीन और बुनियादी स्किनकेयर को भी दिनचर्या में शामिल करें।
याद रखें, ‘टेक नेक’ कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका पूरा दोष सिर्फ आपके स्मार्टफोन पर डाला जा सके। लेकिन फोन इस्तेमाल करने की आपकी आदतें आपकी गर्दन और मुद्रा पर असर डाल सकती हैं। इसलिए स्मार्टफोन को छोड़ना नहीं, बल्कि उसे स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करना ही सबसे बेहतर उपाय है।
ये भी पढ़ें :- 105 साल पहले शुरू हुई इंसुलिन की ऐतिहासिक कहानी, जिसने करोड़ों डायबिटीज मरीजों को दी नई जिंदगी


