पटना: आज बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। नीतीश कुमार के 11 वर्षों से अधिक के लंबे कार्यकाल ( 22 फरवरी, 2015 से 14 अप्रैल, 2026 तक) के बाद , सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वे आधिकारिक तौर पर बिहार के 24 वें मुख्यमंत्री और विशेष रूप से भाजपा पार्टी के पहले मुख्यमंत्री हैं ।
आजादी से लेकर अब तक , बिहार में सत्ता की बागडोर 24 अलग-अलग चेहरों के हाथों में रही है। एक समय कांग्रेस का दबदबा था , फिर गठबंधनों का दौर चला, उसके बाद राष्ट्रपति शासन आया और फिर क्षेत्रीय दलों का उदय हुआ… यह घटनाक्रम महज नामों की सूची नहीं है, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक कहानी है।
आइए, स्वतंत्रता से लेकर अब तक बिहार के सभी मुख्यमंत्रियों के बारे में एक-एक करके जानते हैं। किसने कितने समय तक सत्ता संभाली , वे किस पार्टी से थे और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा-पढ़े पूरी जानकारी।
| क्रमांक | मुख्यमंत्री का नाम | कार्यकाल | अवधि |
|---|---|---|---|
| 1 | श्री कृष्ण सिंह | 15 अगस्त 1947 – 31 जनवरी 1961 | 13 वर्ष 169 दिन |
| 2 | दीप नारायण सिंह | 1 फरवरी 1961 – 18 फरवरी 1961 | 17 दिन |
| 3 | बिनोदानंद झा | 18 फरवरी 1961 – 2 अक्टूबर 1963 | 2 वर्ष 226 दिन |
| 4 | कृष्ण बल्लभ सहाय | 2 अक्टूबर 1963 – 5 मार्च 1967 | 3 वर्ष 154 दिन |
| 5 | महामाया प्रसाद सिन्हा | 5 मार्च 1967 – 28 जनवरी 1968 | 329 दिन |
| 6 | सतीश प्रसाद सिंह | 28 जनवरी 1968 – 1 फरवरी 1968 | 4 दिन |
| 7 | बी. पी. मंडल | 1 फरवरी 1968 – 22 मार्च 1968 | 50 दिन |
| 8 | भोला पासवान शास्त्री | 22 मार्च 1968 – 29 जून 1968 | 99 दिन |
| 9 | हरिहर सिंह | 26 फरवरी 1969 – 22 जून 1969 | 116 दिन |
| 10 | भोला पासवान शास्त्री | 22 जून 1969 – 4 जुलाई 1969 | 12 दिन |
| 11 | दारोगा प्रसाद राय | 16 फरवरी 1970 – 22 दिसंबर 1970 | 309 दिन |
| 12 | कर्पूरी ठाकुर | 22 दिसंबर 1970 – 2 जून 1971 | 162 दिन |
| 13 | भोला पासवान शास्त्री | 2 जून 1971 – 9 जनवरी 1972 | 221 दिन |
| 14 | केदार पांडे | 19 मार्च 1972 – 2 जुलाई 1973 | 1 वर्ष 105 दिन |
| 15 | राम सुंदर दास | 21 अप्रैल 1979 – 17 फरवरी 1980 | 302 दिन |
| 16 | जगन्नाथ मिश्रा | 8 जून 1980 – 14 अगस्त 1983 | 3 वर्ष 67 दिन |
| 17 | चंद्रशेखर सिंह | 14 अगस्त 1983 – 12 मार्च 1985 | 1 वर्ष 210 दिन |
| 18 | बिंदेश्वरी दुबे | 12 मार्च 1985 – 13 फरवरी 1988 | 2 वर्ष 338 दिन |
| 19 | भागवत झा आज़ाद | 13 फरवरी 1988 – 10 मार्च 1989 | 1 वर्ष 25 दिन |
| 20 | सत्येंद्र नारायण सिन्हा | 11 मार्च 1989 – 6 दिसंबर 1989 | 270 दिन |
| 21 | जगन्नाथ मिश्रा | 6 दिसंबर 1989 – 10 मार्च 1990 | 94 दिन |
| 22 | लालू प्रसाद यादव | 10 मार्च 1990 – 28 मार्च 1995 | 5 वर्ष 18 दिन |
| 23 | लालू प्रसाद यादव | 4 अप्रैल 1995 – 25 जुलाई 1997 | 2 वर्ष 112 दिन |
| 24 | राबड़ी देवी | 25 जुलाई 1997 – 11 फरवरी 1999 | 1 वर्ष 201 दिन |
| 25 | राबड़ी देवी | 9 मार्च 1999 – 2 मार्च 2000 | 359 दिन |
| 26 | नीतीश कुमार | 3 मार्च 2000 – 10 मार्च 2000 | 7 दिन |
| 27 | राबड़ी देवी | 11 मार्च 2000 – 6 मार्च 2005 | 4 वर्ष 360 दिन |
| 28 | नीतीश कुमार | 24 नवंबर 2005 – 20 मई 2014 | 8 वर्ष 177 दिन |
| 29 | जीतन राम मांझी | 20 मई 2014 – 22 फरवरी 2015 | 278 दिन |
| 30 | नीतीश कुमार | 22 फरवरी 2015 – 19 नवंबर 2025 | 10 वर्ष 5 दिन |
| 31 | नीतीश कुमार | 20 नवंबर 2025 – 14 अप्रैल 2026 | कार्यकाल समाप्त |
| 32 | सम्राट चौधरी | 15 अप्रैल 2026 – वर्तमान | जारी |
क्या कहती है यह सूची?
कांग्रेस का सुनहरा दौर (1947-1977)- शुरुआती 20 साल तक कांग्रेस ने लगभग एकछत्र राज किया और श्री कृष्ण सिंह सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहे।
अस्थिरता का दौर (1967-1980)- इस समय बिहार की राजनीति अस्थिर रही जिससे छोटे-छोटे कार्यकाल बने, गठबंधन टूटे और कई बार राष्ट्रपति शासन लगा।
जनता-जेडी-आरजेडी का उदय (1990 के बाद)- लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति को नया रूप दिया।
नीतीश कुमार का रिकॉर्ड– कुल 19 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में राज करने वाले बिहार के सबसे लंबे मुख्यमंत्री रहे।
आज का मोड़: सम्राट चौधरी के साथ पहली बार भाजपा ने बिहार की सत्ता की कमान संभाली है।
यह सूची सिर्फ नाम और तारीखों की नहीं, बल्कि बिहार की लोकतांत्रिक यात्रा की कहानी है, जहां हर दशक ने नई चुनौतियां, नई उम्मीदें और नई साझेदारियां दीं। आज सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बिहार को विकास के नए मुकाम पर ले जाने का वादा कर रही है।
बिहार की यह राजनीतिक विरासत हमें याद दिलाती है कि सत्ता अस्थायी है, लेकिन विकास और सुशासन की उम्मीद हमेशा स्थायी रहती है। आगे क्या होगा, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा, कि बिहार के नए चौधरी का सम्राट युग कैसा नज़र आता हैं।
