दिल्ली मेट्रो के महिला कोच में नाबालिग लड़कियों के हंगामे का वीडियो वायरल,गाली-गलौज से यात्रियों में डर का माहौल, जानें क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली: नई दिल्ली राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई तकनीकी समस्या नहीं बल्कि यात्रियों का व्यवहार है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला कोच के अंदर कुछ नाबालिग लड़कियां हंगामा करती और अन्य महिला यात्रियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती नजर आ रही हैं।
इंस्टाग्राम यूजर ने शेयर किया वीडियो
यह वीडियो इंस्टाग्राम यूजर ने शेयर किया है। उन्होंने पोस्ट में बताया कि यह घटना 23 मार्च की शाम करीब 8 बजे की है। वह मैजेंटा लाइन पर स्थित हौज खास मेट्रो स्टेशन से मेट्रो में थीं। शुरुआत में सफर सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
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अचानक बदला माहौल, शुरू हुआ हंगामा
यूजर के मुताबिक, मेट्रो के महिला कोच में मौजूद कुछ नाबालिग लड़कियों ने अचानक शोर-शराबा शुरू कर दिया। पहले वे आपस में तेज आवाज में बात कर रही थीं, लेकिन धीरे-धीरे उनका व्यवहार और उग्र होता गया। उन्होंने आसपास बैठी महिलाओं पर टिप्पणी करनी शुरू कर दी और फिर गाली-गलौज पर उतर आईं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि कोच में मौजूद अन्य महिलाएं इस व्यवहार से असहज और परेशान नजर आ रही हैं। कुछ यात्रियों ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन लड़कियां किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थीं।
यात्रियों में डर और असहजता का माहौल
इस घटना के दौरान कई महिला यात्रियों ने डर के कारण सीट छोड़कर दूसरे कोच में जाने की कोशिश की, जबकि कुछ चुपचाप बैठी रहीं। महिला कोच, जिसे सुरक्षित माना जाता है, वहां इस तरह की घटना ने सभी को असहज कर दिया। यूजर ने कहा कि उन्हें इस घटना से असुरक्षित महसूस हुआ और सवाल उठाया कि अगर महिला कोच में भी ऐसी स्थिति हो, तो सुरक्षा का भरोसा कैसे बना रहेगा।
सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं। कई यूजर्स ने इस घटना पर चिंता जताई और कहा कि सार्वजनिक जगहों पर शालीन व्यवहार बनाए रखना जरूरी है।
DMRC की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले पर अभी तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, मेट्रो में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था रहती है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
जिम्मेदारी सिर्फ सिस्टम की नहीं, समाज की भी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सिर्फ कड़े नियम ही नहीं, बल्कि समाज और परिवार की भूमिका भी अहम है। बच्चों को सही व्यवहार, अनुशासन और दूसरों का सम्मान करना सिखाना बेहद जरूरी है।
साथ ही, यात्रियों को भी चाहिए कि ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत मेट्रो स्टाफ या हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा केवल व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि यात्रियों की जिम्मेदारी और जागरूकता से भी सुनिश्चित होती है।
