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बिल्ड कनेक्ट 2026 ने इंडस्ट्री के नेक्स्ट-जनरेशन डीलर–डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क की दिशा में हो रहे बदलाव को रेखांकित किया

नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026 – भारत का स्टील उद्योग एक नए विकास चरण में प्रवेश कर रहा है। देश का स्टील उत्पादन 160 मिलियन टन को पार कर चुका है और 2030 तक स्थापित क्षमता 300 मिलियन टन तक पहुँचने की संभावना है। हालांकि क्षमता विस्तार मजबूत बना हुआ है, लेकिन अब उद्योग का ध्यान वैल्यू चेन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ — भारत के डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क — की ओर केंद्रित हो रहा है।

वित्त वर्ष 2026 में लगभग 50 मिलियन टन फिनिश्ड स्टील ट्रेड-आधारित चैनलों के माध्यम से बाजार तक पहुँचा। इससे स्पष्ट है कि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर अब बाजार की गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले वर्षों में स्टील की मांग लगातार बढ़ने का अनुमान है, और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि डिस्ट्रीब्यूशन की क्षमता, वित्तीय मजबूती और डिजिटल तैयारी यह तय करेगी कि यह विकास कितनी प्रभावी ढंग से बाजार तक पहुँचता है।

इसी विषय पर व्यापक चर्चा बिल्ड कनेक्ट 2026 में हुई, जो 19–20 फरवरी को यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस मंच का आयोजन कमोडिटी मार्केट इंटेलिजेंस फर्म बिगमिंट द्वारा किया गया, जिसमें अखिल भारतीय लोहा व्यापार संघ (ABLVS) ने सपोर्टिंग एसोसिएशन के रूप में सहयोग किया। कार्यक्रम में 1,500 से अधिक फुटफॉल दर्ज हुआ, जिसमें 500 से अधिक कन्फर्म प्रतिभागी और 1,000 से अधिक पंजीकृत विज़िटर शामिल थे। 72 शहरों और 15 से अधिक राज्यों से 400 से अधिक कंपनियों ने भागीदारी की। लगभग 48% प्रतिभागी वरिष्ठ निर्णयकर्ता थे, जिनमें डायरेक्टर, मैनेजिंग डायरेक्टर और बिजनेस ओनर शामिल रहे।

कार्यक्रम में SAIL ने स्ट्रैटेजिक पीएसयू पार्टनर के रूप में भाग लिया। साथ ही AIIFA Sustainable Steel Manufacturers Association, National Institute of Secondary Steel Technology (NISST), Bureau Veritas तथा प्रमुख ट्रेड और कंस्ट्रक्शन संगठनों जैसे BAI, GISF, CFI, RISTA और BIMA का भी सहयोग प्राप्त हुआ। इससे मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड बॉडीज़ और तकनीकी संस्थानों के बीच व्यापक समन्वय दिखाई दिया।

उद्घाटन समारोह में श्री वी. आर. शर्मा (Member Advisory Board, Jindal Steel & Power), श्री बिमलेन्द्र झा (Ex-MD, JSP & Ambuja Cements Ltd.), श्री अनुराग सिन्हा (Executive Director, Engineers India Limited), श्री विशेश शाहरा (Chairman, Shreeyam Power & Steel Industries Ltd.), श्री विवेक अदुकिया (Chairman, SRMA) और श्री अमित गुप्ता (President, ABLVS) सहित कई वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

12 केंद्रित सत्रों और 40 से अधिक विशेषज्ञ संबोधनों में इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड, जीएसटी अनुपालन, ग्रीन स्टील अपनाने, सप्लाई चेन फाइनेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ई-कॉमर्स इंटीग्रेशन, गुणवत्ता मानक, ब्रांडिंग प्रभाव और भुगतान वसूली तंत्र जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उद्योग का स्पष्ट मत सामने आया कि उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ-साथ एक अधिक संगठित और वित्तीय रूप से सशक्त डिस्ट्रीब्यूशन इकोसिस्टम का निर्माण आवश्यक है।

बिल्ड कनेक्ट अवॉर्ड्स 2026 के माध्यम से भारत के स्टील डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मानित किया गया, जिसमें क्षेत्रीय डिस्ट्रीब्यूटर नेतृत्व, डीलर प्रदर्शन और टेक्नोलॉजी अपनाने को मान्यता दी गई।

जैसे-जैसे भारत की स्टील मांग उच्च खपत स्तरों की ओर बढ़ रही है, उद्योग जगत ने दोहराया कि सतत विकास केवल मैन्युफैक्चरिंग स्केल पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि एक मजबूत, अधिक संगठित और नेक्स्ट-जनरेशन डीलर–डिस्ट्रीब्यूटर बैकबोन के निर्माण पर भी निर्भर करेगा। बिल्ड कनेक्ट 2026 ने इसी बदलाव को रेखांकित किया — जहाँ फोकस केवल क्षमता विस्तार से हटकर पूरे वैल्यू चेन के इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हुआ।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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