Thursday, 22 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Harry Brook 200: हैरी ब्रूक ने 114 गेंदों में जड़ा वनडे का सबसे तेज दोहरा शतक, शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ा OPPO Find X10 Series: ट्रिपल 200MP कैमरा, 8,000mAh बैटरी और नए AI फीचर्स के साथ लॉन्च हुए फ्लैगशिप स्मार्टफोन Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर के शो के लिए नहीं दी अनुमति, AAP ने उठाए सवाल डॉ. के. ए. पॉल की इजरायलियों से शांति और बदलाव की अपील सोनिया गांधी ने किया इंस्टाग्राम पर डेब्यू, अपनी किताब ‘Belonging’ की पहली झलक साझा की Dammam Airport Attack: सऊदी अरब के किंग फहद एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत और 8 घायल दिल्ली में प्रदूषण के बीच मेट्रो का बड़ा कदम, आज से रोजाना चलेंगी 20 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं UNESCO के Tentative List में शामिल हुए भारत के 3 नए स्थल, छत्तीसगढ़ का सिरपुर और अंडमान के ज्वालामुखियों को मिली पहचान Harry Brook 200: हैरी ब्रूक ने 114 गेंदों में जड़ा वनडे का सबसे तेज दोहरा शतक, शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ा OPPO Find X10 Series: ट्रिपल 200MP कैमरा, 8,000mAh बैटरी और नए AI फीचर्स के साथ लॉन्च हुए फ्लैगशिप स्मार्टफोन Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर के शो के लिए नहीं दी अनुमति, AAP ने उठाए सवाल डॉ. के. ए. पॉल की इजरायलियों से शांति और बदलाव की अपील सोनिया गांधी ने किया इंस्टाग्राम पर डेब्यू, अपनी किताब ‘Belonging’ की पहली झलक साझा की Dammam Airport Attack: सऊदी अरब के किंग फहद एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत और 8 घायल दिल्ली में प्रदूषण के बीच मेट्रो का बड़ा कदम, आज से रोजाना चलेंगी 20 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं UNESCO के Tentative List में शामिल हुए भारत के 3 नए स्थल, छत्तीसगढ़ का सिरपुर और अंडमान के ज्वालामुखियों को मिली पहचान

कुश्ती का महाकुंभ: दिल्ली के यमुना तट पर ऐतिहासिक इनामी दंगल का आयोजन

दिग्गज कांग्रेस नेता जयप्रकाश अग्रवाल और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बढ़ाया पहलवानों का हौसला

विश्व चैंपियन दंड (11011) परम पूज्य गुरु धर्मपाल यादव जी की स्मृति में यमुना तट पर हुआ आयोजन

नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026:

पुरानी दिल्ली के यमुना तट स्थित घाट संख्या–2 पर रविवार को यमुना युवक केंद्र के तत्वावधान में ऐतिहासिक इनामी कुश्ती दंगल का आयोजन परंपरागत गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। वर्ष 1967 से लगातार आयोजित हो रहा यह दंगल आज भी कुश्ती प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष का आयोजन महान पहलवान स्वर्गीय धर्मपाल यादव की स्मृति को समर्पित रहा।

कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व सांसद जयप्रकाश अग्रवाल ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक बल का खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार और भारतीय परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय धर्मपाल यादव जैसे पहलवानों ने देश में कुश्ती को पहचान दिलाई और यमुना युवक केंद्र द्वारा दशकों से इस विरासत को आगे बढ़ाया जाना सराहनीय प्रयास है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने स्वर्गीय धर्मपाल यादव को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पारंपरिक खेलों को संरक्षण और प्रोत्साहन देना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के अखाड़ों में अभ्यास करने वाले पहलवानों को विशेष सहयोग की आवश्यकता है और इसी दिशा में ‘दिल्ली केसरी’ जैसे बड़े स्तर के कुश्ती आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि दिल्ली के पहलवानों को राष्ट्रीय मंच मिल सके।

नगर निगम पार्षद सुमन गुप्ता ने कहा कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मबल और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने निगम स्तर पर ऐसे आयोजनों के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

दंगल संयोजक खलीफा अजय यादव ने बताया कि दंगल में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 200 से अधिक पहलवानों ने भाग लिया। मिट्टी के अखाड़े में हुए रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को बांधे रखा। विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार दिए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। भारत केसरी पहलवान राज सिंह की मौजूदगी से पहलवानों का उत्साह और बढ़ गया।

यमुना युवक केंद्र के महासचिव विजय शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि संस्था हर वर्ष इस इनामी दंगल का आयोजन करती है, ताकि पुरानी दिल्ली की अखाड़ा संस्कृति और देसी कुश्ती की परंपरा जीवित रह सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में यमुना युवक केंद्र द्वारा हर महीने नियमित रूप से कुश्ती दंगल आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार, अनिल भारद्वाज, भीष्म शर्मा, महेश कपूर, जिला अध्यक्ष मौ. उस्मान, सुनीता धवन, सरदार जगतार सिंह, जवाहरलाल धवन सहित अनेक गणमान्य अतिथि, अखाड़ा गुरुजन और समाजसेवी उपस्थित रहे। इस अवसर पर 100 से अधिक समाजसेवियों को शाल, स्मृति-चिह्न और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।

यमुना तट पर आयोजित यह दंगल खेल, संस्कृति और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने पुरानी दिल्ली की गौरवशाली अखाड़ा परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।