Saturday, 22 August 2026
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बीकानेर हाउस में संपन्न हुआ ‘राजस्थान उत्सव’, 11 दिनों तक छाया रहा रंग-रस और संस्कृति का जादू

हस्तशिल्प स्टॉल्स पर ₹80 लाख से ज्यादा की बिक्री, राजीविका और रूडा बने आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली, 25 मार्च 2026:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख और बहुप्रतीक्षित आयोजनों में शुमार राजस्थान उत्सव-2026 ने अपनी विशिष्ट और अविस्मरणीय छाप छोड़ते हुए बुधवार को भव्य समापन किया। बीकानेर हाउस परिसर में आयोजित इस 11 दिवसीय उत्सव में जहां एक ओर राजस्थान की समृद्ध कला, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव का आकर्षक संगम देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों के लजीज स्वाद ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध करते हुए व्यापक सराहना अर्जित की।

राज्य की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजू ओमप्रकाश ने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुभारंभ किया गया राजस्थान उत्सव अपनी पूरी अवधि में राजधानी वासियों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा। पूरे उत्सव में महिलाओं, पुरूषों के साथ-साथ हर उम्र के बच्चों के मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा गया। बीकानेर हाउस का प्रांगण मेले की आभा से आलोकित रहा और पूरा परिसर ‘राजस्थानमय’ नजर आया। 11 दिवसीय इस उत्सव ने न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया, बल्कि राज्य के कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों के लिए आर्थिक अवसर भी सृजित किए।

गणगौर की सवारी

अंजू ओमप्रकाश ने बताया कि राजस्थान के मशहूर गणगौर उत्सव को देखते हुए बीकानेर हाउस में 200 महिलाओं के समूह ने राजस्थानी परिधानों में गणगौर की सवारी निकाली जिसकों देखने के लिए सैकड़ो की संख्या में दर्शक एकत्रित हुए।

राजीविका और रूडा के स्टॉल्स बने आकर्षण का केंद्र

राजीविका और रूडा द्वारा प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए हस्तशिल्प कारों के माध्यम से लगाए गए लगभग 50 स्टॉल्स ने उत्सव में विशेष रौनक बिखेरी। इन स्टॉल्स पर हस्तकलाकारों द्वारा निर्मित राजस्थानी उत्पादों की खरीद के लिए दर्शकों में खूब उत्साह देखा गया। रूडा के मेला संचालक श्री ओमप्रकाश ने बताया कि पूरे उत्सव के दौरान हस्तकलाकारों ने लगभग 80 लाख रूपये से ज्यादा की बिक्री की जो इस आयोजन की सफलता और लोकप्रियता को दर्शाता है।

राजस्थान पर्यटन द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्याएं

राजस्थान उत्सव में हर शाम राजस्थान पर्यटन द्वारा सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन ने पूरे उत्सव को संगीतमय कर दिया। राजस्थान के लोककलाकारों ने प्रदेश के नृत्य और गायन प्रस्तुत कर सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

राजस्थान पर्यटन के सहायक निदेशक श्री छत्रपाल यादव ने बताया कि इस वर्ष के उत्सव में पद्मश्री पुरस्कार से मनोनित लोककलाकारों सहित अन्य प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। इसके अतिरिक्त श्रीराम भारतीय कला केन्द्र की छात्राओं ने कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया।

राजस्थानी व्यंजनों के स्वाद से सजा फूड कोर्ट

संयुक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती रिंकू मीना ने बताया कि उत्सव में मनोरंजन की श्रंखला में राजस्थानी व्यंजनों का भी अलग ही स्थान दिखा। राजस्थान के प्रसिद्ध व्यंजन दाल-बाटी-चूरमा, प्याज की कचौरी, मूंग की दाल का हलवा, मिर्ची बड़ा आदि के स्वाद ने दिल्ली वासियों को चांदनी चौक के स्वाद को भूलने को मजबूर कर दिया। इन सभी स्टाॅल्स पर व्यंजनों के स्वाद के लिए लोग प्रतीक्षा में खड़े दिखाई दिए।

मनोरंजन के लिए पारंपरिक खेल आयोजन

आवासीय आयुक्त कार्यालय में अतिरिक्त निदेशक श्रीमती शर्मिला गुप्ता ने बताया कि पूरे उत्सव में मनोरंजन के लिए आयोजित पारंपरिक खेलों ने हर उम्र और वर्ग के बच्चों का खूब उत्साहित किया। रस्साकसी, रूमाल, झप्पट्टा, लैमन रेस, पेंटिंग, मेहंदी, वन और थ्री लेग रेस, साफा बंधन, नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताओं में सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिसमें विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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