Sunday, 02 August 2026
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₹80,000 करोड़ का घोटाला उजागर: डॉ. के. ए. पॉल ने आंध्र प्रदेश के बड़े भ्रष्टाचार कांड का किया पर्दाफाश

ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक और प्रसिद्ध वैश्विक उपदेशक डॉ. के. ए. पॉल द्वारा आज नई दिल्ली के आंध्र भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान, उन्होंने आंध्र प्रदेश के सबसे बड़े वित्तीय घोटाले जिसकी अनुमानित कीमत ₹80,000 करोड़ (10 बिलियन अमेरिकी डॉलर) है का खुलासा किया।

यह घोटाला गोदावरी बैंक छल्ला परियोजना से जुड़ा हुआ है, जो आंध्र प्रदेश में जल संकट को दूर करने और कृषि उत्पादन को बढ़ाने का एक प्रोजेक्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों और कंपनियों ने इस परियोजना का गलत फायदा उठाने की कोशिश की है, जिससे राज्य की आर्थ‍िक स्थिति और जनता का विश्वास संकट में पड़ सकता है।

डॉ. पॉल ने मेगा कृष्णा रेड्डी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कालेश्वरम परियोजना में ₹48,000 करोड़ की गड़बड़ियों के बारे में सीएजी (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। “ऐसे भ्रष्टाचारियों को यह बड़ा प्रोजेक्ट सौंपना राज्य के लिए खतरे की घंटी हो सकता है”।

भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष: “मेरी लड़ाई, मेरी जिम्मेदारी”
डॉ. पॉल ने इस दौरान कुछ गंभीर आरोप भी लगाए, जिनमें शामिल हैं:
• चुनावी रिश्वत: ₹44 करोड़ का धन चुनावी बॉंड्स के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों तक पहुंचाया गया।
• पोलवरम परियोजना में देरी: पोलवरम परियोजना की लापरवाही पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
• कॉर्पोरेट शोषण: डॉ. पॉल ने आरोप लगाया कि कंपनियों ने अनुचित तरीके से प्रोजेक्ट्स के ठेके हासिल किए हैं।

डॉ. पॉल ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि उन्हें भ्रष्टाचारियों द्वारा जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। “भ्रष्टाचार के ताकतवर लोग मुझे चुप कराने की कोशिश करेंगे, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा। यह मेरे लिए और मेरी मातृभूमि के लिए लड़ाई है,” उन्होंने कहा।

अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे डॉ. पॉल
डॉ. पॉल ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से गोदावरी-क्रिष्णा नदी जोड़ने परियोजना को तुरंत रोकने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है, तो वह पवन कल्याण के घर के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे।

डॉ. पॉल ने मुख्यमंत्री नायडू से आंध्र प्रदेश के विकास के लिए कुछ प्रमुख कदम उठाने की अपील की:

  1. पारदर्शी निविदाएं: परियोजना आवंटन में खुले और निष्पक्ष तरीके से निविदाएं प्रक्रिया अपनाई जाए।
  2. ईमानदार ठेकेदारों की नियुक्ति: केवल उन कंपनियों को ठेके दिए जाएं, जिनका रिकॉर्ड साफ हो।
  3. स्थानीय रोजगार: बड़े प्रोजेक्ट्स से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और स्थानीय समुदायों का विकास हो।

डॉ. पॉल ने यह भी साफ किया कि यदि इन मुद्दों को नजरअंदाज किया गया तो वह अदालत का रुख करेंगे। “अगर इस परियोजना को भ्रष्ट कंपनियों को सौंपा गया तो मैं न्यायालय में इसकी चुनौती दूंगा,” उन्होंने चेतावनी दी।

उन्होंने बाइबिल का उद्धरण देते हुए कहा, “प्रभु झूठे मापदंडों से नफरत करते हैं, लेकिन सही माप उन्हें पसंद है” (नीतिवचन 11:1)।

डॉ. पॉल, जो पहले नायडू के समर्थक रहे हैं, ने कहा, “मैंने नायडू का साथ दिया था, लेकिन अब जब आंध्र प्रदेश के भविष्य को खतरा है, तो मैं चुप नहीं रह सकता।”

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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