डॉ. के.ए. पॉल ने ट्रम्प से भारतीयों के डिपोर्टेशन पर रोक की अपील, पीएम मोदी से मांगा सहयोग

वैश्विक शांति दूत और राष्ट्रपति ट्रम्प के समर्थक डॉ. के.ए. पॉल ने आज नई दिल्ली के आंध्र भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीयों की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर उनसे डिपोर्टेशन प्रक्रिया रोकने और भारतीय अप्रवासियों का समर्थन करने की अपील की।

डॉ. पॉल, जो 2016 और 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में ट्रम्प के लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर चुके हैं, ने भारतीय प्रवासियों, वीज़ा धारकों (H1, B1, B2), और अवैध श्रमिकों के अमेरिकी समाज में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने ट्रम्प से अपील की कि लगभग 8 लाख भारतीय श्रमिकों के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

भारतीय मतदाताओं का प्रभाव और ट्रम्प का समर्थन

डॉ. पॉल ने सात प्रमुख स्विंग राज्यों में भारतीय समुदाय के राजनीतिक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय मतदाता अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ट्रम्प प्रशासन को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारतीय समुदाय हमेशा रिपब्लिकन पार्टी के साथ खड़ा रहा है और उनकी नीतियों से प्रभावित है।

भारत की रणनीतिक भूमिका और चीन का खतरा

वैश्विक सुरक्षा पर बात करते हुए डॉ. पॉल ने भारत की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने चीन, उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देशों से उत्पन्न खतरों का सामना करने में भारत के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने ट्रम्प को यह भी याद दिलाया कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंध दोनों देशों के हित में हैं।

पीएम मोदी और तेलंगाना सरकार से नाराजगी

डॉ. पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री से अमेरिका में रह रहे भारतीयों की अनिश्चितता पर ध्यान न देने के लिए नाराजगी जताई। उन्होंने भारतीय नेताओं से आग्रह किया कि वे कूटनीतिक कदम उठाकर विदेशों में रह रहे भारतीयों के अधिकारों और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

अप्रवासी समुदाय के लिए एकजुट होने की अपील

डॉ. पॉल ने अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों से अपील की कि वे हिम्मत न हारें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने लॉस एंजिल्स और वॉशिंगटन डीसी में बड़े आयोजनों की घोषणा करते हुए भारतीय समुदाय को एकजुट होने का आह्वान किया।

“हम हार नहीं मानेंगे। आशा बनाए रखें, प्रार्थना करें और एकजुट रहें। हमें सफलता अवश्य मिलेगी,” डॉ. पॉल ने कहा। उन्होंने भारतीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और वैश्विक नेताओं से सहयोग की अपील की।

भारतीय प्रवासियों के समर्थन के लिए मजबूत प्रयास

डॉ. पॉल ने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट कर दिया कि वह विदेशों में भारतीय समुदाय के लिए एक मजबूत आवाज बने रहेंगे। उनका यह प्रयास भारतीय अप्रवासियों के सशक्तिकरण और अधिकारों की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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