Wednesday, 24 June 2026
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इटाढ़ी किसान उत्पादक कंपनी ने कृषि उत्पादों के क्षेत्र में बिहार को दिलाई एक खास पहचान

दिल्ली एफपीओ मेले में गुणवत्ता वाले उत्पादों को खरीदने उमड़े लोग

नई दिल्ली।

बिहार के बक्सर जिला के इटाढ़ी ब्लॉक में स्थित ‘इटाढ़ी किसान उत्पादक कंपनी’ ने कृषि उत्पादों के क्षेत्र में बिहार को एक खास पहचान दिलाई है। यह कंपनी चने का सत्तू, चने की दाल का बेसन, छप्पन भोग चावल, सोना मंसूरी चावल, सोना चूर चावल और विभिन्न प्रकार के आचार जैसे उत्पाद तैयार करती है और उस क्षेत्र के किसानों की आय में वृद्धि करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है।

हाल ही में दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) मेले में माननीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा कंपनी के स्टाल विजिट में उन्होंने बताया की उत्पादों का विशेषता बहुत ही सराहनीय है। इस तीन दिवसीय मेले में 30,000 से अधिक आगंतुक पहुंचे और लगभग 1 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई। यह मेला किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधे संपर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना। मेले में 55 एफपीओ के तहत 1 हजार किसानों के विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन ने किसानों को अपने उत्पादों को एक बड़े बाजार में प्रदर्शित करने का मौका दिया और उपभोक्ताओं को सीधे किसानों से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद खरीदने का अवसर प्राप्त हुआ। इस मेले में इटाढ़ी किसान उत्पादक कमंपनी ने अपने उच्च गुणवत्ता वाले चने के सत्तू, चने की दाल के बेसन, छप्पन भोग चावल, सोना मंसूरी चावल, सोना चूर चावल और विभिन्न प्रकार के किसानों द्वारा तैयार उत्पादों से बिहार को एक खास पहचान दिलाने में भूमिका निभाई। इस मेले में इन उत्पादों को खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़

पड़ी।

इटाढ़ी किसान उत्पादक कंपनी ने कृषि उत्पादों के क्षेत्र में बिहार को दिलाई एक खास पहचान

इस मेले में आईं आगंतुक रुचि शर्मा ने बताया, ” इटाढ़ी किसान उत्पादक कंपनी ने बिहार के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मेले में इनके उत्पादों की भारी मांग ने साबित कर दिया कि स्वाद और गुणवत्ता का हमेशा सम्मान होता है। मुझे चने का सत्तू बहुत पंसद आया। गर्मियों में यह बहुत ही शानदार पेय है।”

एक अन्य आगंतुक रेवा सहगल ने बताया, ” बिहार के इस स्टॉल पर उन्हें उत्पाद काफी पंसद आए। उन्होंने चने की दाल का बेसन खरीदा है। क्योंकि बारिश के मौके पर पकोड़े काफी पंसद किए जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न प्रकार के आचार खरीदे हैं। “

बता दें कि बिहार के ये उत्पाद अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए काफी लोकप्रिय हैं। कंपनी के आचार भी लोगों द्वारा काफी पंसद किए जाते हैं। ये आचार पारंपरिक तरीके से बनाए जाते हैं, जिसमें स्थानीय मसालों और विधियों का उपयोग किया जाता है, जिससे स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है। कंपनी के सदस्य दीपक कुमार गुप्ता और विशाल कुमार सिंह ने बताया कि उनके उत्पादों की मांग बिहार में ही नहीं बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी ने इन उत्पादों के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया है। ऐसे मेले किसानों को अपने उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री के नए अवसर प्रदान करते हैं। और इस मेले से किसानों का आत्मविश्वास और बढ़ेगा।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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