Monday, 03 August 2026
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सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट न्यायाधीश, सॉलिसिटर जनरल्स और वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित 1000 से अधिक अधिवक्ता केसरी चैप्टर 2 की स्क्रीनिंग में हुए शामिल

नई दिल्ली, (न्यूज ऑफ द डे)

भारत की समृद्ध विधिक विरासत को समर्पित एक ऐतिहासिक आयोजन में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के स्थायी वकील अधिवक्ता विनीत धांडा ने नई दिल्ली में केसरी चैप्टर 2 की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीशों, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल्स, और केंद्र सरकार के वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ताओं सहित 1000 से अधिक कानूनी विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और विभिन्न ज़िला अदालतों की बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य भी इस आयोजन का हिस्सा बने, जिससे यह कार्यक्रम भारत की विधिक बिरादरी के लिए एकता का दुर्लभ और प्रेरणादायक क्षण बन गया।

कार्यक्रम की शुरुआत पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों की याद में एक मिनट के मौन के साथ की गई—जो राष्ट्रीय एकजुटता और शोक की एक सामूहिक अभिव्यक्ति थी।

अक्षय कुमार, आर. माधवन, अनन्या पांडे और अमित सियाल अभिनीत केसरी चैप्टर 2 भारत के उपनिवेशकालीन इतिहास के एक प्रेरणादायक अध्याय को उजागर करती है—जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद भारतीय वकीलों द्वारा ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध शुरू किए गए विधिक संघर्ष को। फिल्म दिखाती है कि कैसे अदालतें भी आज़ादी की लड़ाई में रणभूमि बन गई थीं, जहां बुद्धि और साहस के साथ अन्याय का विरोध किया गया।

अधिवक्ता विनीत धांडा—जो राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष भी हैं और भारत सरकार के पूर्व सहायक सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं—ने सभा को संबोधित करते हुए कहा: “यह केवल एक फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं है, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम कानूनी योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए एक ऐतिहासिक संगम है। केसरी चैप्टर 2 हमें यह याद दिलाती है कि न्याय केवल सड़कों पर ही नहीं, अदालतों में भी लड़ा गया था। यह फिल्म उन लोगों के साहस और बुद्धिमत्ता को सलाम है, जिन्होंने कानून के दायरे में रहकर औपनिवेशिक अन्याय को चुनौती दी।”

फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे अभिनेता आर. माधवन ने भावुक होकर कहा: “मैं श्री विनीत धांडा और उनके परिवार का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने देशभक्ति से प्रेरित भारतीय फिल्मों को प्रदर्शित करने की इस शानदार पहल को आगे बढ़ाया। यह एक अद्भुत कदम है और मैं इस अवसर पर हमारे माननीय न्यायाधीशों, माननीय अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल्स, केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ताओं, और सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट व अन्य जिला बार एसोसिएशनों के सभी मान्य सदस्यों का स्वागत करता हूं। यह फिल्म हमारे लिए एक जुनून का प्रोजेक्ट रहा है और मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म आपको भी उतनी ही गहराई से छुएगी जितनी हमें इसे बनाते समय छुई।”

अभिनेत्री अनन्या पांडे ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा: “मैं विनीत सर और उनके परिवार को देशभक्ति से प्रेरित फिल्मों को प्रदर्शित करने की इस महान पहल के लिए धन्यवाद देती हूं। मैं सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और अन्य जिला अदालतों के बार एसोसिएशन के सभी मान्य सदस्यों का स्वागत करती हूं। ईश्वर सबका भला करे और जय हिंद।”
यह आयोजन भारत के कानूनी इतिहास के भूले-बिसरे योद्धाओं को समर्पित एक प्रेरणादायक श्रद्धांजलि बन गया, जिसने आज के कानूनी संरक्षकों में एक नई ऊर्जा और गर्व का संचार किया।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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