Wednesday, 07 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: CJI ने कहा- ‘एक अच्छी फिल्म बनाकर लोगों को फिर एंटरटेन करो’, एक्टर बोले- ‘16 सावन झेल के…’ फ्रांस में भड़का छात्र आंदोलन, 1,800 स्कूलों में लगे ताले! आंसू गैस और पुलिस कार्रवाई के बीच 2.5 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर CBSE Date Sheet 2027: क्या आपको भी है कक्षा 10वीं और 12वीं की डेटशीट का इंतजार? जानें कब जारी हो सकता है टाइमटेबल और क्या है लेटेस्ट अपडेट ‘हिंदी सीखो या नौकरी छोड़ दो’: बेंगलुरु में Zomato मैनेजर पर केस, भाषा विवाद ने फिर खड़े किए सवाल RBI Repo Rate: महंगाई के दबाव के बीच रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी, जानें EMI से लेकर GDP पर क्या होगा इसका असर कम टीडीएस भारत के वीडीए अनुपालन ढांचे को कैसे मजबूत कर सकता है Nobel Prize 2026 Physics: बर्फ में छिपे ‘भूत कणों’ को पकड़ने वाले वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार JBL ने भारत में लॉन्च की नई PartyBox रेंज, AI EasySing Mics के साथ मिलेगा Karaoke का नया अनुभव Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: CJI ने कहा- ‘एक अच्छी फिल्म बनाकर लोगों को फिर एंटरटेन करो’, एक्टर बोले- ‘16 सावन झेल के…’ फ्रांस में भड़का छात्र आंदोलन, 1,800 स्कूलों में लगे ताले! आंसू गैस और पुलिस कार्रवाई के बीच 2.5 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर CBSE Date Sheet 2027: क्या आपको भी है कक्षा 10वीं और 12वीं की डेटशीट का इंतजार? जानें कब जारी हो सकता है टाइमटेबल और क्या है लेटेस्ट अपडेट ‘हिंदी सीखो या नौकरी छोड़ दो’: बेंगलुरु में Zomato मैनेजर पर केस, भाषा विवाद ने फिर खड़े किए सवाल RBI Repo Rate: महंगाई के दबाव के बीच रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी, जानें EMI से लेकर GDP पर क्या होगा इसका असर कम टीडीएस भारत के वीडीए अनुपालन ढांचे को कैसे मजबूत कर सकता है Nobel Prize 2026 Physics: बर्फ में छिपे ‘भूत कणों’ को पकड़ने वाले वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार JBL ने भारत में लॉन्च की नई PartyBox रेंज, AI EasySing Mics के साथ मिलेगा Karaoke का नया अनुभव

“Trade 2024: राजस्थान मंडप में जोधपुर की महिलाओं के उत्पादों ने छाप छोड़ी”

Trade 2024 नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 14 दिवसीय 43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते जोधपुर के पाल गांव की कल्याणी स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों ने अपनी विषेष छाप छोड़ी है।

Trade 2024: मेले में आ रहे आगंतुक विषेषकर महिलाएं इनके स्टाॅल पर जाकर समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनके हुनर के बूते आत्मनिर्भर बनने के अनुभवों की जानकारी ले रही हैं। इन स्वयंसेवी राजस्थानी महिलाओं के हूनर और उनके दृढ़ संकल्पों से उनके द्वारा हजारों लोगो को रोजगार देने तक के सफर की कहानी सुनकर लोग रोमांचित हो रहे हैं।
इन महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग क्षेत्र में अपनी मेहनत, सोच और निष्ठा से फर्श से अर्ष तक की कहावत को मूर्त रूप दिया है।

हल्के वजन एवं गर्माहट के लिये जयपुरी रजाईयां खरीददारों की बनी पहली पसंद

राजस्थान मंडप में जयपुरी रजाईयों को काफी पसंद किया जा रहा है और उनके हल्के वजन, कोमलता एवं गर्माहट की खासियत की बजह से खूब खरीदारी भी हो रही है। पवेलियन में जयपुरी रजाईयां के स्टोल संचालक अब्दुल रऊफ ने बताया कि जयपुरी रजाईयां बनाना बुनकरों का वंशानुगत व्यवसाय है और इसे वे पिछली कई पीढ़ीयों से करते आ रहे हैं।

श्री रऊफ ने बताया कि रजाईयों को बनाने के लिए उच्च श्रेणी की शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कपास का प्रयोग किया जाता है। साथ ही आधुनिक फैशनेबल एवं राजस्थानी डिजाइनों में इन्हें बनाया जा रहा है जिसे ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों के लिये अलग-अलग आकृति और आकार में रजाईयां उपलब्घ हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा फाईवर और बनारसी जरी बार्डर पर सुंदर पुष्प डिजाईन और गहरे रंगों की रजाईयां भी बनाई जाती हैं।

राजस्थानी शुद्ध कपास से पारंपरिक सांगानेरी हैंड ब्लाक प्रिंट में विश्व प्रसिद्ध जयपुरी डबल बेड की रजाईयां भी बनाई जा रही हैं जो कि दर्शकों द्वारा काफी पसंद की हैं।

राजस्थान की प्रसिद्ध बंधेज की साड़ियों को लोगो ने किया पसंद


राजस्थान मंडप के भीतरी भाग में लगे साड़ी और दुपट्टे के स्टाॅल पर महिलाओं ने खूब खरीदारी की। राज्य के चुरू जिले के कैलासर गांव से आई अंजू ने बताया कि राजस्थान की बंधेज साड़ियों और दुपट्टो को महिलाओं द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। उन्ही के साथ बूंदी जिले के डाबला गांव से आई मोबिता ने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए लाख से निर्मित चूड़ियों, कंगनों, गले के हार इत्यादि उत्पादों की अच्छी बिक्री हो रही है।

ये भी पढ़ें :- विद्युत, आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने आईआईटीएफ 2024 में विद्युत मंत्रालय…

शेयर करें: Facebook X WhatsApp

Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version