अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में कीशा लांस बॉटम्स, डेब हालैंड और जीना हिनोजोसा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। जॉर्जिया को पहली अश्वेत महिला, न्यू मैक्सिको को पहली मूल अमेरिकी महिला और टेक्सास को पहली लैटिना गवर्नर मिलने जा रही है।
वॉशिंगटन: अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनावों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच हुए इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट, दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
रिपब्लिकन पार्टी को उन राज्यों में भी हार का सामना करना पड़ा, जहां पिछले कई दशकों से उसका मजबूत प्रभाव रहा है। इन नतीजों को ट्रंप की नीतियों और उनके दूसरे कार्यकाल के प्रति मतदाताओं की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा केवल सत्ता के समीकरणों में बदलाव तक सीमित नहीं रही। पूरे अमेरिका में कई ऐसे उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जिन्होंने अमेरिकी राजनीति में नए इतिहास की शुरुआत की।
जॉर्जिया को पहली अश्वेत महिला गवर्नर मिली, न्यू मैक्सिको में पहली मूल अमेरिकी महिला राज्य की कमान संभालने जा रही हैं और मिशिगन से पहली बार कोई मुस्लिम अमेरिकी सीनेट पहुंचा है।
आइए जानते हैं 2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में बने इन सात बड़े रिकॉर्ड के बारे में।
1. अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर
2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियों में से एक जॉर्जिया की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार Keisha Lance Bottoms की जीत रही। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और कारोबारी Rick Jackson को हराकर राज्य का गवर्नर चुनाव जीत लिया। इस जीत के साथ वह अमेरिका के इतिहास में किसी राज्य की गवर्नर चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला बन गई हैं।
Keisha Lance Bottoms की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले अमेरिका के 250 साल के इतिहास में कोई अश्वेत महिला चुनाव जीतकर राज्य के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक नहीं पहुंची थी। इसके अलावा वह जॉर्जिया की पहली महिला और पहली अश्वेत गवर्नर भी होंगी। राज्य के पिछले सभी 83 गवर्नर श्वेत पुरुष रहे हैं।
Bottoms इससे पहले 2018 से 2022 तक अटलांटा की मेयर रह चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन में काम करने का उनका अनुभव राज्य की राजनीति में उनकी पहचान का एक महत्वपूर्ण आधार रहा। उनकी जीत से जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक पार्टी की भी वापसी हुई है। राज्य में 1998 के बाद पहली बार डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार गवर्नर बनने जा रहा है।
इस नतीजे ने यह भी दिखाया कि दक्षिणी अमेरिका के उन राज्यों में भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व का स्वरूप बदल रहा है, जहां लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा रहा है।
2. अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले खुले तौर पर समलैंगिक पुरुष
न्यू हैम्पशायर के चुनाव परिणाम ने भी अमेरिकी राजनीति में एक नया रिकॉर्ड बनाया। डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार Chris Pappas ने सीनेट चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सीनेटर John E. Sununu को हराकर जीत हासिल की। इस जीत के साथ Pappas अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले ऐसे पुरुष बन गए हैं, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी समलैंगिक पहचान जाहिर की है।
Pappas इससे पहले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं। वह 2019 से न्यू हैम्पशायर के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। सीनेट चुनाव में उनकी जीत ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक नई पहचान दिलाई है।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि Pappas अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले LGBTQ सांसद नहीं हैं। इससे पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की Tammy Baldwin भी समलैंगिक महिला के तौर पर सीनेट के लिए चुनी जा चुकी हैं।
उनकी जीत को LGBTQ समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान Pappas ने अपनी यौन पहचान को अभियान का मुख्य मुद्दा बनाने के बजाय नीतियों और मतदाताओं की समस्याओं पर ध्यान दिया था।
3. अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर
मिशिगन के सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार Abdul El-Sayed ने रिपब्लिकन उम्मीदवार Mike Rogers को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह अमेरिकी इतिहास में सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम अमेरिकी बन गए हैं।
Abdul El-Sayed का जन्म अमेरिका के मिशिगन राज्य में मिस्र से आए माता-पिता के घर हुआ था। वह पेशे से डॉक्टर और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ रहे हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने स्वास्थ्य प्रशासन से जुड़े पदों पर काम किया। वह मिशिगन के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी भी रह चुके हैं।
उनके चुनाव अभियान में स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाना, कामकाजी परिवारों पर आर्थिक दबाव कम करना और राजनीति में कॉरपोरेट कंपनियों के प्रभाव को सीमित करना प्रमुख मुद्दे रहे।
उन्होंने Medicare for All का भी समर्थन किया, जिसके तहत सभी नागरिकों को सरकारी व्यवस्था के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है।
उनकी उम्मीदवारी चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रही। रिपब्लिकन उम्मीदवार और उनके समर्थकों ने उनके राजनीतिक विचारों और कथित मुस्लिम ब्रदरहुड संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत सामने नहीं आए और El-Sayed ने इन्हें खारिज किया। डेमोक्रेटिक नेताओं ने उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को इस्लामोफोबिक भी बताया।
4. अमेरिका की पहली मूल अमेरिकी महिला गवर्नर
न्यू मैक्सिको में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार Deb Haaland ने गवर्नर चुनाव जीतकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार Gregg Hull को हराया। इसके साथ ही वह अमेरिका में किसी राज्य की गवर्नर चुनी जाने वाली पहली मूल अमेरिकी महिला बन गई हैं।
Haaland Laguna Pueblo समुदाय से आती हैं। अमेरिका में मूल निवासी समुदायों को लंबे समय तक राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष करना पड़ा है। ऐसे में उनका किसी राज्य के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक पहुंचना इन समुदायों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
राजनीति में आने से पहले Haaland कई वर्षों तक सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। 2018 में वह उन पहली दो मूल अमेरिकी महिलाओं में शामिल थीं, जिन्हें अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुना गया था। इसके बाद उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden के प्रशासन में गृह मंत्री (Secretary of the Interior) के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। इस पद पर पहुंचने वाली वह अमेरिका की पहली मूल अमेरिकी महिला थीं।
गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी के दौरान उनका काम देश की सार्वजनिक भूमि, प्राकृतिक संसाधनों और मूल निवासी समुदायों से जुड़े मामलों से संबंधित रहा। अब गवर्नर चुनाव जीतकर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
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5. टेक्सास की पहली लैटिना गवर्नर
टेक्सास के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार Gina Hinojosa ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और मौजूदा गवर्नर Greg Abbott को हराकर बड़ी जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह टेक्सास की पहली लैटिना गवर्नर बन गई हैं।
लैटिना शब्द का इस्तेमाल अमेरिका में लैटिन अमेरिकी मूल की महिलाओं के लिए किया जाता है। Hinojosa की जीत राज्य की राजनीति में हिस्पैनिक समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। टेक्सास में लैटिन अमेरिकी मूल की बड़ी आबादी रहती है, लेकिन राज्य के सर्वोच्च कार्यकारी पद पर अब तक इस समुदाय की किसी महिला को नहीं चुना गया था।
वे पेशे से वकील और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता हैं। वह इससे पहले टेक्सास हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सदस्य रह चुकी हैं। राज्य की राजनीति में उनका अनुभव और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता उनके चुनाव अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे।
उनकी जीत का एक दूसरा राजनीतिक पहलू भी है। टेक्सास लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है। राज्य में आखिरी बार डेमोक्रेटिक गवर्नर Ann Richards ने 1990 के दशक में शासन किया था। उन्होंने 1995 में पद छोड़ा था। इसके बाद से राज्य की सत्ता पर रिपब्लिकन पार्टी का कब्जा रहा।
6. फ्लोरिडा के पहले अश्वेत गवर्नर
फ्लोरिडा के गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार Byron Donalds ने जीत हासिल कर राज्य के इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाया। वह फ्लोरिडा के पहले अश्वेत गवर्नर बन गए हैं। इसके साथ ही वह अमेरिकी इतिहास में रिपब्लिकन पार्टी से चुनाव जीतकर गवर्नर बनने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति भी हैं।
Donalds इससे पहले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य थे। उन्होंने फ्लोरिडा के 19वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व किया। उनकी राजनीतिक पहचान रिपब्लिकन पार्टी के एक प्रमुख अश्वेत नेता के तौर पर रही है।
फ्लोरिडा में उनकी जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्य की राजनीति में लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का प्रभाव रहा है। वह मौजूदा गवर्नर Ron DeSantis के उत्तराधिकारी होंगे। Donalds ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार David Jolly को हराकर यह उपलब्धि हासिल की।
अमेरिकी राजनीति में अश्वेत नेताओं की गवर्नर पद तक पहुंच अब भी सीमित रही है। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, 250 वर्षों के अमेरिकी इतिहास में चुनाव जीतकर गवर्नर बनने वाले अश्वेत नेताओं की संख्या बहुत कम रही है। 2026 के चुनाव में फ्लोरिडा और जॉर्जिया के नतीजों ने इस तस्वीर को बदला है।
फ्लोरिडा से चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसवुमन
अमेरिका में हुए 2026 के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार Pia Dandiya ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और मरीन कॉर्प्स के पूर्व सैनिक Casey Askar को हराया। Dandiya को कुल 51.9 फीसदी वोट मिले, जबकि Askar को 48.1 फीसदी मत हासिल हुए।
इस जीत के साथ Dandiya फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं। वह अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली 10वीं भारतीय-अमेरिकी भी हैं।
पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका आकर बस गए थे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। वह शिक्षिका और न्यूयॉर्क के हार्लेम में हाईस्कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं। महज 28 साल की उम्र में उन्होंने एक स्कूल की संस्थापक प्रिंसिपल की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके अलावा वह व्हाइट हाउस फेलो भी रह चुकी हैं और Apple में भी काम कर चुकी हैं।
उनके चुनाव अभियान में शिक्षा, महंगाई और आर्थिक अवसर प्रमुख मुद्दे रहे। उनकी जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के प्रभाव वाले एक प्रतिस्पर्धी निर्वाचन क्षेत्र में डेमोक्रेटिक पार्टी को जीत दिलाई।
