Sunday, 11 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर डॉ. चरणजीत सिंह की अंतरराष्ट्रीय अपील World Mental Health Day 2026: मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना कितना जरूरी, जानें भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में क्या हैं कानून छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, खरीद दर पर 70 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा; पुराने भुगतान पर भी मिलेगा फायदा WWE Money in the Bank 2026: रोमन रेंस से लेकर ब्रॉन ब्रेकर तक, जानें कौन जीतेगा ब्रीफकेस और कौन बचाएगा खिताब Other Mommy Day 1 Collection: जेसिका चैस्टेन की हॉरर फिल्म को मिला कैसा रिस्पॉन्स, भारत में पहले दिन कमाए इतने रुपये Dhruv Rathee Detained: गुरुग्राम में ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया, CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले बढ़ी हलचल डॉ. के. ए. पॉल ने राहुल गांधी को दिया 30 दिन का अल्टीमेटम Nobel Peace Prize 2026: भारतीय मूल की नवी पिल्लै को शांति का नोबेल, जानिए रंगभेद से अंतरराष्ट्रीय न्याय तक उनका सफर भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर डॉ. चरणजीत सिंह की अंतरराष्ट्रीय अपील World Mental Health Day 2026: मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना कितना जरूरी, जानें भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में क्या हैं कानून छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, खरीद दर पर 70 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा; पुराने भुगतान पर भी मिलेगा फायदा WWE Money in the Bank 2026: रोमन रेंस से लेकर ब्रॉन ब्रेकर तक, जानें कौन जीतेगा ब्रीफकेस और कौन बचाएगा खिताब Other Mommy Day 1 Collection: जेसिका चैस्टेन की हॉरर फिल्म को मिला कैसा रिस्पॉन्स, भारत में पहले दिन कमाए इतने रुपये Dhruv Rathee Detained: गुरुग्राम में ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया, CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले बढ़ी हलचल डॉ. के. ए. पॉल ने राहुल गांधी को दिया 30 दिन का अल्टीमेटम Nobel Peace Prize 2026: भारतीय मूल की नवी पिल्लै को शांति का नोबेल, जानिए रंगभेद से अंतरराष्ट्रीय न्याय तक उनका सफर

Operation Sohan: उधमपुर में रातभर चली मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर, जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी

उधमपुर में आतंकवाद विरोधी अभियान ऐसे समय हुआ है जब जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई है। जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर तलाशी और घेराबंदी जारी है।

उधमपुर: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों ने रातभर चले आतंकवाद विरोधी अभियान में दो आतंकियों को मार गिराया है। यह कार्रवाई जिले के माजलता इलाके के ब्रत्तल सोहन और खुब्बन के घने जंगलों में की गई। भारतीय सेना के जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के मुताबिक, 16 और 17 सितंबर की दरम्यानी रात खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। अभियान को ‘ऑपरेशन सोहन’ नाम दिया गया।

सेना के अनुसार, सुरक्षा बलों को ब्रत्तल इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के बारे में पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने इलाके में लक्षित आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। खराब मौसम, लगातार बारिश, दुर्गम पहाड़ी इलाका और कम दृश्यता के बावजूद सुरक्षा बलों ने अभियान को आगे बढ़ाया और दो आतंकियों को मार गिराया। सेना ने यह भी कहा है कि इलाके में तलाशी और निगरानी अभियान अभी जारी है।

संदिग्ध गतिविधि की सूचना के बाद शुरू हुआ अभियान

अधिकारियों के अनुसार, माजलता इलाके में बुधवार शाम संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त टीम ने तलाशी के दौरान संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया। इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने रात करीब नौ बजे ब्रत्तल सोहन और खुब्बन के आसपास के जंगलों में घेराबंदी मजबूत की थी। कुछ देर बाद गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी स्थिति मजबूत की और संभावित भागने के रास्तों को भी कवर किया। रात के दौरान कुछ समय तक स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही, लेकिन गुरुवार सुबह आतंकियों की ओर से दोबारा गोलीबारी किए जाने के बाद मुठभेड़ तेज हुई।

सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद उनके शव बरामद किए गए और इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।

सेना, पुलिस और CRPF ने मिलकर चलाया अभियान

‘ऑपरेशन सोहन’ में भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर के जवानों के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें शामिल थीं। कुछ रिपोर्टों में जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह यानी एसओजी और सेना के पैरा विशेष बलों की शुरुआती तैनाती का भी उल्लेख है। मुठभेड़ शुरू होने के बाद इलाके में अतिरिक्त बल भेजे गए।

सुरक्षा बलों के बीच समन्वय इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। खुफिया सूचना मिलने के बाद पहले इलाके की घेराबंदी की गई और फिर संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। मुठभेड़ शुरू होने के बाद अतिरिक्त जवानों को भेजकर घेरा और मजबूत किया गया। इसके बाद आतंकियों के संभावित ठिकानों और आसपास के जंगलों में तलाशी तेज कर दी गई।

सेना ने बताया कि अभियान के दौरान मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। क्षेत्र में खराब मौसम, बारिश, कठिन पहाड़ी भूभाग और कम दृश्यता के कारण तलाशी और निगरानी अभियान आसान नहीं था। इसके बावजूद सुरक्षा बलों ने अभियान जारी रखा और दो आतंकियों को मार गिराया।

माजलता और आसपास के जंगल क्यों महत्वपूर्ण हैं?

उधमपुर जम्मू संभाग का एक महत्वपूर्ण जिला है और इसका बड़ा हिस्सा पहाड़ी तथा वन क्षेत्र में आता है। माजलता समेत आसपास के दुर्गम इलाकों में घने जंगल और पहाड़ी भूभाग सुरक्षा बलों के लिए तलाशी अभियान को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में आतंकियों के छिपने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बलों को व्यापक इलाके की घेराबंदी करनी पड़ती है।

उधमपुर-रियासी क्षेत्र के साथ-साथ जम्मू संभाग के कई पहाड़ी जिलों में पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों की आतंकवाद विरोधी गतिविधियां तेज रही हैं। उधमपुर, रियासी, रामबन, कठुआ, पुंछ और राजौरी के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई है। इन क्षेत्रों में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों और घुसपैठ कर आए आतंकियों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए जंगलों में तलाशी अभियान चलाए जाते रहे हैं।

ये भी पढ़ें :- दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ की मानहानि नोटिस, 7 दिन में माफी की मांग

आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई के बाद बढ़ी सतर्कता

उधमपुर में यह अभियान ऐसे समय हुआ है जब जम्मू संभाग के पीर पंजाल क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। 15 सितंबर को राजौरी पुलिस ने पीर पंजाल क्षेत्र में कथित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में बताई गई थी।

इन घटनाओं के बाद उधमपुर-रियासी क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। सुरक्षा बलों ने प्रमुख मार्गों पर निगरानी, वाहनों की जांच और संवेदनशील इलाकों में घेराबंदी बढ़ाई है।

छह महीने से जारी हैं ऐसे अभियान

जम्मू संभाग के पहाड़ी और वन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के आतंकवाद विरोधी अभियान लगातार जारी रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य जंगलों में छिपे आतंकियों की मौजूदगी का पता लगाना, उनके संभावित ठिकानों को नष्ट करना और स्थानीय स्तर पर उनके संपर्क नेटवर्क की पहचान करना है।

इन इलाकों में छह महीने से अधिक समय से अलग-अलग आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहे हैं। सुरक्षा बलों ने कई अभियानों में आतंकियों को मार गिराया है। एजेंसियों का उद्देश्य आतंकियों को लगातार दबाव में रखना और उन्हें सुरक्षित ठिकाना बनाकर हमले की योजना तैयार करने से रोकना है।

इस साल उधमपुर जिले में पहले भी आतंकवाद विरोधी कार्रवाई हुई है। फरवरी 2026 में बसंतगढ़ के जोफर जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो आतंकियों को मार गिराया था। उस अभियान में भी सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त भूमिका रही थी।

फरवरी में हुई उस कार्रवाई के बाद भी उधमपुर और आसपास के वन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की निगरानी जारी रही।

सर्च और सर्विलांस ऑपरेशन अभी जारी

दो आतंकियों के मारे जाने के बावजूद ‘ऑपरेशन सोहन’ को अभी समाप्त घोषित नहीं किया गया है। सेना के अनुसार, इलाके में तलाशी और निगरानी अभियान जारी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुठभेड़ स्थल या आसपास के जंगलों में कोई अन्य आतंकी मौजूद तो नहीं है।

सुरक्षा बल मारे गए आतंकियों की पहचान, उनके हथियारों और बरामद सामग्री की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे क्षेत्र में कब पहुंचे, किस नेटवर्क के संपर्क में थे और क्या उनके साथ कोई अन्य आतंकी भी मौजूद था। इन सवालों के जवाब तलाशी अभियान और जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

अधिकारियों ने इलाके में अतिरिक्त बलों की तैनाती भी जारी रखी है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित रास्तों और जंगल के दूसरे हिस्सों की जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

Home » Operation Sohan: उधमपुर में रातभर चली मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर, जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी
शेयर करें: Facebook X WhatsApp

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version