Scam 1992 में हर्षद मेहता और Scam 2003 में अब्दुल करीम तेलगी की कहानी दिखाने के बाद अब फ्रेंचाइजी का कहानी सहारा समूह पर केंद्रित होगी। Scam 2010 में सहारा समूह और SEBI के बीच चले चर्चित वित्तीय विवाद की कहानी दिखाई जाएगी।
मुंबई: हंसल मेहता की चर्चित वेब सीरीज फ्रेंचाइजी Scam एक नए अध्याय के साथ लौट रही है। इस बार कहानी शेयर बाजार या फर्जी स्टांप पेपर के कारोबार की नहीं, बल्कि सहारा समूह के संस्थापक और दिवंगत कारोबारी सुब्रत रॉय की जिंदगी की होगी।
सीरीज का नाम Scam 2010: The Subrata Roy Saga रखा गया है। सोमवार, 2 नवंबर को मेकर्स ने इसका पहला लुक और टीजर जारी किया। सीरीज का निर्देशन हंसल मेहता ने किया है और यह जनवरी 2027 में Sony LIV पर स्ट्रीम होगी।
इस प्रोजेक्ट को बिरला स्टूडियोज और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने मिलकर तैयार किया है। इसकी कहानी पत्रकार तमल बंद्योपाध्याय की किताब Sahara: The Untold Story पर आधारित है।
सिद्धार्थ बोडके निभाएंगे सुब्रत रॉय का किरदार
सीरीज के पहले लुक में सिद्धार्थ बोडके को सुब्रत रॉय के रूप में पेश किया गया है। इस किरदार के लिए अभिनेता को एक ऐसे कारोबारी की भूमिका निभानी है, जिसकी पहचान सिर्फ उसके व्यावसायिक साम्राज्य तक सीमित नहीं थी। सुब्रत रॉय अपनी सार्वजनिक मौजूदगी, बड़े आयोजनों और राजनीतिक तथा मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियों से संबंधों के कारण भी चर्चा में रहते थे।
सिद्धार्थ बोडके ने इस भूमिका को अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण और खास अनुभवों में से एक बताया है। 2 नवंबर को जारी बयान में उन्होंने कहा कि इस किरदार को निभाने में उनकी सबसे ज्यादा दिलचस्पी सुब्रत रॉय की सार्वजनिक छवि के पीछे मौजूद व्यक्ति को समझने में थी।
अभिनेता के मुताबिक, लोग रॉय की बड़ी कारोबारी पहचान से परिचित हैं, लेकिन वह यह जानना चाहते थे कि उनके फैसलों के पीछे क्या सोच थी और किन परिस्थितियों ने उन्हें प्रभावित किया।
बोडके ने कहा कि वह लंबे समय तक इस किरदार के साथ जुड़े रहे और इसकी तैयारी ने उन्हें एक अभिनेता के साथ-साथ एक व्यक्ति के तौर पर भी काफी कुछ सिखाया। उन्होंने हंसल मेहता के साथ काम करने को सीखने का अच्छा अनुभव बताया।
सहारा समूह के संस्थापक पर आधारित है कहानी
Scam 2010 का केंद्र सुब्रत रॉय का कारोबारी सफर और सहारा इंडिया परिवार का उत्थान-पतन है। रॉय ने 1978 में सहारा इंडिया परिवार की स्थापना की थी। शुरुआती दौर में कंपनी ने छोटे शहरों और कस्बों में अपनी पहुंच बनाई। समय के साथ सहारा ने वित्तीय सेवाओं से आगे बढ़कर कई दूसरे क्षेत्रों में भी कारोबार का विस्तार किया।
सहारा समूह की मौजूदगी रियल एस्टेट, मीडिया, मनोरंजन, हॉस्पिटैलिटी और अन्य क्षेत्रों में रही। कंपनी ने देशभर में बड़ा ग्राहक आधार तैयार किया और सुब्रत रॉय एक प्रभावशाली कारोबारी के रूप में पहचाने जाने लगे। उनकी सार्वजनिक छवि भी काफी चर्चित थी। बड़े आयोजनों में फिल्मी सितारों, खेल जगत की हस्तियों और राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी सहारा की पहचान का हिस्सा बन गई थी।
लेकिन कारोबारी विस्तार के साथ समूह के सामने कई वित्तीय और कानूनी चुनौतियां भी आईं। खास तौर पर निवेशकों से धन जुटाने की योजनाओं को लेकर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI के साथ सहारा का लंबा विवाद चला। यही विवाद आगे चलकर देश के चर्चित कॉर्पोरेट और कानूनी मामलों में शामिल हो गया।
क्या था सहारा और SEBI के बीच विवाद?
सहारा समूह से जुड़ा विवाद मुख्य रूप से उसकी दो कंपनियों, सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से वैकल्पिक पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर यानी OFCD के माध्यम से धन जुटाने से संबंधित था।
SEBI ने इन कंपनियों की ओर से जुटाए गए धन और निवेशकों को दी गई जानकारी पर सवाल उठाए थे। नियामक का कहना था कि इन कंपनियों ने जिन तरीकों से धन जुटाया, वह निर्धारित नियमों का पालन नहीं करती।
इस मामले में SEBI और सहारा समूह के बीच कानूनी लड़ाई कई वर्षों तक चली। मामला पहले प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अगस्त 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की दोनों कंपनियों को निवेशकों से जुटाई गई रकम ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया था। अदालत ने SEBI को निवेशकों के पैसे वापस कराने की प्रक्रिया की निगरानी करने की जिम्मेदारी भी दी।
इसके बाद रकम की वापसी, निवेशकों की पहचान और जमा किए गए दस्तावेजों को लेकर विवाद जारी रहा। सहारा समूह ने अदालत के आदेशों और भुगतान से संबंधित अपनी दलीलें रखीं, जबकि नियामक ने आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए।
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2014 में हुई थी सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी
सहारा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होने और बकाया रकम की वापसी से जुड़े विवाद के बीच सुब्रत रॉय को फरवरी 2014 में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी अदालत की अवमानना से जुड़ी कार्यवाही के तहत हुई थी। उन्हें कुछ समय तिहाड़ जेल में भी रहना पड़ा। बाद में उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया।
रॉय की कानूनी मुश्किलें इसके बाद भी लंबे समय तक जारी रहीं। सहारा समूह की संपत्तियों की बिक्री और निवेशकों को भुगतान से जुड़े मुद्दे अदालतों और नियामक के सामने बने रहे। इस मामले में बड़ी रकम और लाखों निवेशकों के हित जुड़े होने के कारण यह देश के सबसे चर्चित वित्तीय विवादों में से एक बन गया।
सुब्रत रॉय का नवंबर 2023 में 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद भी सहारा से जुड़े वित्तीय विवाद और निवेशकों के भुगतान का मुद्दा चर्चा में बना रहा। Scam 2010 में इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह प्रस्तुत किया जाता है, यह सीरीज देखने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल मेकर्स ने कहानी के सभी पहलुओं और घटनाओं का विस्तृत खुलासा नहीं किया है।
तमल बंद्योपाध्याय की किताब से ली गई है कहानी
Scam 2010: The Subrata Roy Saga पत्रकार और लेखक तमल बंद्योपाध्याय की किताब Sahara: The Untold Story पर आधारित है। यह किताब सहारा समूह के कारोबारी विस्तार और उससे जुड़े विवादों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ मानी जाती है। सीरीज इसी पृष्ठभूमि को आधार बनाकर सुब्रत रॉय की जिंदगी और उनके कारोबारी साम्राज्य की कहानी पेश करेगी।
कहानी में सिर्फ वित्तीय विवादों पर ध्यान देने के बजाय रॉय के व्यक्तित्व, उनके कारोबारी फैसलों और सहारा की बढ़ती ताकत को भी जगह मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह एक वास्तविक घटनाओं से प्रेरित नाटकीय प्रस्तुति है।
सीरीज के अन्य कलाकार
सिद्धार्थ बोडके इस सीरीज में सुब्रत रॉय की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनके अलावा कलाकारों की टीम में कृतिका सिंह, मून बनर्जी और आदित्य श्रीवास्तव भी शामिल हैं। द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, कृतिका सिंह सीरीज में स्वप्ना रॉय और मून बनर्जी छबी रॉय का किरदार निभाएंगी। आदित्य श्रीवास्तव की भूमिका के बारे में उपलब्ध शुरुआती जानकारी में विस्तृत खुलासा नहीं किया गया है।
सिद्धार्थ बोडके इससे पहले अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 2 में भी नजर आ चुके हैं। हालांकि, सुब्रत रॉय जैसा वास्तविक और विवादों से जुड़ा किरदार निभाना उनके लिए अलग तरह की चुनौती होगी। इस भूमिका में उन्हें एक ऐसे व्यक्ति को पर्दे पर उतारना है, जिसकी जिंदगी में कारोबारी सफलता, सार्वजनिक लोकप्रियता और कानूनी विवाद जैसे कई अलग-अलग पहलू शामिल रहे हैं।
हंसल मेहता की वापसी, पहले दो सीजन भी रहे थे चर्चित
Scam 2010 के साथ हंसल मेहता एक बार फिर इस फ्रेंचाइजी के निर्देशन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इस सीरीज की शुरुआत साल 2020 में Scam 1992: The Harshad Mehta Story से हुई थी। इसमें शेयर बाजार के कारोबारी हर्षद मेहता की जिंदगी और 1992 के शेयर बाजार घोटाले को दिखाया गया था। प्रतीक गांधी ने हर्षद मेहता की भूमिका निभाई थी। इस सीरीज को दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और प्रतीक गांधी को देशभर में पहचान मिली।
इसके बाद फ्रेंचाइजी का दूसरा सीजन Scam 2003: The Telgi Story आया। इसमें अब्दुल करीम तेलगी और स्टांप पेपर घोटाले की कहानी दिखाई गई थी। गगन देव रियार ने तेलगी की भूमिका निभाई थी। दूसरे सीजन में निर्देशन की जिम्मेदारी जय मेहता ने संभाली थी, जबकि हंसल मेहता फ्रेंचाइजी के शो रनर के तौर पर जुड़े रहे।
अब तीसरे अध्याय में हंसल मेहता निर्देशन की कमान संभाल रहे हैं। पहली दो सीरीज की तरह इस बार भी कहानी वास्तविक कारोबारी घटनाओं और उनसे जुड़े विवादों पर आधारित है। हालांकि, इस बार मामला शेयर बाजार या स्टांप पेपर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े कारोबारी समूह के निर्माण और उसके बाद सामने आए कानूनी संघर्षों पर केंद्रित है।
कब और कहां देख सकेंगे Scam 2010?
मेकर्स ने पुष्टि की है कि Scam 2010: The Subrata Roy Saga जनवरी 2027 में Sony LIV पर स्ट्रीम होगी। फिलहाल इसकी रिलीज की सटीक तारीख घोषित नहीं की गई है। सीरीज का पहला लुक और टीजर 2 नवंबर 2026 को जारी किया गया। इसमें सिद्धार्थ बोडके को सुब्रत रॉय के किरदार में दिखाया गया है और इसके साथ ही फ्रेंचाइजी के नए अध्याय की आधिकारिक स्ट्रीमिंग विंडो भी सामने आई है।
इस सीरीज का निर्माण बिरला स्टूडियोज और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने किया है। हंसल मेहता इसके निर्देशक हैं। कहानी तमल बंद्योपाध्याय की किताब पर आधारित है और इसका मुख्य विषय सहारा समूह का सफर तथा सुब्रत रॉय से जुड़े विवाद हैं।
Scam 2010 ऐसे समय में आ रही है, जब पहले दो सीजन ने वास्तविक वित्तीय और कारोबारी घटनाओं पर आधारित कहानियों के लिए दर्शकों के बीच एक अलग पहचान बनाई है। सुब्रत रॉय की जिंदगी में कारोबारी सफलता से लेकर कानूनी लड़ाई तक कई ऐसे मोड़ रहे हैं, जिन्हें लेकर लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि हंसल मेहता इस जटिल कहानी को किस नजरिये से पर्दे पर उतारते हैं और सिद्धार्थ बोडके अपने अभिनय से सुब्रत रॉय के व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को किस तरह पेश करते हैं।
