2018 में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज क्रिकेट के साथ-साथ विवादों को लेकर भी सुर्खियों में रही। बॉल टैंपरिंग से लेकर खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक और अनुशासनात्मक कार्रवाई तक, जानिए इस सीरीज के सात बड़े विवाद।
डरबन: दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट क्रिकेट की जंग शुक्रवार, 9 अक्टूबर से एक बार फिर शुरू होने जा रही है। दोनों टीमें डरबन के किंग्समीड स्टेडियम में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में आमने-सामने होंगी। इस सीरीज की खास बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया आठ साल बाद दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगी। पिछली बार 2018 में दोनों टीमों के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज क्रिकेट इतिहास की सबसे विवादित सीरीज में शामिल हो गई थी।
उस दौरे के दौरान मैदान पर और मैदान के बाहर कई विवाद सामने आए, जिनसे खिलाड़ियों के आचरण, खेल भावना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की साख पर सवाल उठे। अब 2026 में दोनों टीमें एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने हैं। इस बार मुकाबला केवल पुरानी प्रतिद्वंद्विता तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
आज से शुरू होगा पहला टेस्ट
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट 9 से 13 अक्टूबर 2026 तक डरबन के किंग्समीड स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबले की शुरुआत स्थानीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे होगी, जबकि भारतीय दर्शक इसे दोपहर 1 बजे से देख सकेंगे।
वहीं तीन मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट 18 से 22 अक्टूबर तक गेकेबरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में खेला जाएगा। आखिरी टेस्ट 27 से 31 अक्टूबर तक केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेला जाएगा। यह वही मैदान है, जहां 2018 में गेंद से छेड़छाड़ का चर्चित विवाद सामने आया था। ऐसे में इस बार यहां होने वाले मुकाबले पर भी क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहेगी।
इस सीरीज का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि दोनों टीमों को 2025-27 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में अपने प्रदर्शन को मजबूत करना है। पिछले साल लॉर्ड्स में हुए WTC फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त देकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था। अब ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर बेहतर प्रदर्शन करने और पिछली हार का हिसाब चुकता करने की चुनौती होगी।
दोनों टीमों की प्लेइंग और संभावित इलेवन
दक्षिण अफ्रीका ने पहले टेस्ट के लिए कगिसो रबाडा को आराम देने का फैसला किया है। वह हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं। कप्तान टेम्बा बावुमा की अगुआई में टीम ने तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्खिया को मौका दिया है। साथ ही, स्पिन विभाग में केशव महाराज और साइमन हार्मर को शामिल किया गया है।
दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन
एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, डेविड बेडिंगहम, टेम्बा बावुमा (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, वियान मुल्डर, काइल वेरेन (विकेटकीपर), मार्को यानसन, केशव महाराज, साइमन हार्मर और एनरिक नॉर्खिया।
वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम में पैट कमिंस की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण चुना है। हालांकि, पहले टेस्ट से पहले कैमरन ग्रीन की फिटनेस को लेकर सवाल रहे हैं। पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण उनके शुरुआती मुकाबले से बाहर रहने की संभावना जताई गई थी। जोश इंग्लिस भी दूसरे टेस्ट से टीम में शामिल होने वाले हैं। टीम ने फिलहाल अपनी प्लेइंग 11 जारी नहीं की है।
ऑस्ट्रेलिया की संभावित 11
ट्रैविस हेड, मैथ्यू रेनशॉ, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, निक मैडिन्सन, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), ब्यू वेबस्टर, पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लायन, जोश हेजलवुड
2018 की टेस्ट सीरीज के 7 विवाद
2018 में दक्षिण अफ्रीका ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज 3-1 से जीती थी। लेकिन इस सीरीज की चर्चा केवल नतीजे के कारण नहीं हुई। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच हुई बहस, दर्शकों के विवादित बर्ताव और बॉल टैंपरिंग की घटना ने इस सीरीज को क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादास्पद अध्यायों में शामिल कर दिया।
1. नाथन लियोन और एबी डिविलियर्स का विवाद
डरबन में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान नाथन लियोन और एबी डिविलियर्स के बीच हुई घटना ने खेल भावना को लेकर बहस छेड़ दी थी। मैच के दौरान दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डिविलियर्स रन आउट होने के बाद मैदान पर गिर पड़े थे। इसी बीच ऑस्ट्रेलियाई ऑफ स्पिनर लियोन ने गेंद उनके पास गिरा दी। उनके इस व्यवहार को खेल भावना के विपरीत माना गया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने उन पर जुर्माना लगाया।
यह घटना दोनों टीमों के बीच पहले से चल रहे तनाव के बीच हुई थी। मुकाबले में खिलाड़ियों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली और मैदान पर कई मौकों पर माहौल गरमाया। लियोन के व्यवहार की आलोचना हुई, जबकि इस घटना ने क्रिकेट में प्रतिद्वंद्विता और खेल भावना के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े किए। यह विवाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच उस टेस्ट सीरीज की चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया।
2. वॉर्नर और डी कॉक की सीढ़ियों पर बहस
पहले टेस्ट के चौथे दिन चाय के अंतराल के दौरान ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर और दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक के बीच स्टेडियम की सीढ़ियों पर तीखी बहस हो गई। यह विवाद मैदान के बाहर तक पहुंच गया और दोनों टीमों के खिलाड़ियों के व्यवहार पर सवाल उठने लगे।
वॉर्नर ने बाद में आरोप लगाया कि डी कॉक ने उनकी पत्नी कैंडिस वॉर्नर को लेकर निजी टिप्पणी की थी, जिससे वह नाराज हो गए। हालांकि, विवाद के दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए। दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन कप्तान फाफ डु प्लेसिस को भी मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना ने सीरीज में बढ़ती तल्खी और खिलाड़ियों के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों के कारण पैदा हुए विवाद को सुर्खियों में ला दिया।
3. रबाडा और स्टीव स्मिथ का टकराव
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज के दौरान तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ के बीच विवाद चर्चा में रहा। दूसरे टेस्ट में स्मिथ को आउट करने के बाद रबाडा ने जश्न मनाते हुए उनके कंधे से शारीरिक संपर्क किया था। इस घटना को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने रबाडा पर दो टेस्ट मैचों का प्रतिबंध लगाया था।
रबाडा ने इस फैसले के खिलाफ अपील की। सुनवाई के बाद प्रतिबंध हटा दिया गया, जिससे वह सीरीज के बाकी मुकाबलों में खेलने के योग्य हो गए। इस मामले ने क्रिकेट में आक्रामक जश्न और खिलाड़ियों के बीच शारीरिक संपर्क की स्वीकार्य सीमा को लेकर बहस छेड़ दी। घटना ने यह सवाल भी उठाया कि मैदान पर प्रतिस्पर्धात्मक आक्रामकता और खेल भावना के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
4. दर्शकों ने पहने सन्नी बिल विलियम्स के मास्क
पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वॉर्नर से जुड़े पुराने निजी विवाद ने स्टेडियम में भी सुर्खियां बटोरीं। मैच देखने पहुंचे कुछ दर्शक रग्बी खिलाड़ी सन्नी बिल विलियम्स के चेहरे वाले रबर मास्क पहनकर आए थे। इस घटना को वॉर्नर की पत्नी कैंडिस वॉर्नर और विलियम्स से जुड़े पुराने विवाद के संदर्भ में देखा गया।
मामला तब और चर्चा में आ गया, जब क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (CSA) के अधिकारियों ने मास्क पहने दर्शकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इस पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत में नाराजगी सामने आई और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से माफी मांगनी पड़ी।
इस घटना ने दिखाया कि मैदान के बाहर खिलाड़ियों से जुड़े निजी विवाद किस तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के दौरान दर्शकों के व्यवहार और दो क्रिकेट बोर्डों के संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।
5. कैमरे पर पकड़े गए कैमरन बैनक्रॉफ्ट
2018 की सीरीज का तीसरा टेस्ट केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेला गया था। इसी मुकाबले में गेंद से छेड़छाड़ का मामला सामने आया, जिसने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को गहरे संकट में डाल दिया।
मैच के दौरान टीवी कैमरों ने ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज कैमरन बैनक्रॉफ्ट को एक पीली वस्तु से गेंद की सतह को खुरचते हुए रिकॉर्ड किया। बाद में सामने आया कि वह सैंडपेपर था, जिसका इस्तेमाल गेंद को खुरदरा बनाकर रिवर्स स्विंग हासिल करने के लिए किया गया था।
इस घटना के सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया। सवाल उठने लगे कि क्या यह किसी एक खिलाड़ी की हरकत थी या टीम के अन्य सदस्य भी इसमें शामिल थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम की खेल भावना और नेतृत्व पर भी गंभीर सवाल उठे। इस पूरे प्रकरण को बाद में ‘सैंडपेपरगेट’ नाम दिया गया।
6. सैंडपेपर छिपाने की कोशिश और टीम प्रबंधन की भूमिका
बैनक्रॉफ्ट के गेंद से छेड़छाड़ करते कैमरे में पकड़े जाने के बाद विवाद और गहरा गया। मैदान पर अंपायर निगेल लॉन्ग और रिचर्ड इलिंगवर्थ ने उनसे पूछताछ की। बैनक्रॉफ्ट ने सैंडपेपर को छिपाने की कोशिश की और बाद में धूप के चश्मे के केस में उसे रखने का दृश्य भी कैमरे में सामने आया।
इसी दौरान ऑस्ट्रेलियाई कोच डैरेन लेहमैन के वॉकी-टॉकी पर स्थानापन्न खिलाड़ी पीटर हैंड्सकॉम्ब को मैदान की ओर भेजने के निर्देश देने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम ने टीम प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए।
7. स्टीव स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट के कबूलनामे के बाद ऑस्ट्रेलिया में बड़ा बदलाव
केपटाउन टेस्ट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टीव स्मिथ और कैमरन बैनक्रॉफ्ट ने गेंद से छेड़छाड़ की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की। मामले की जांच के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगाया, जबकि बैनक्रॉफ्ट को नौ महीने के लिए क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया।
इस विवाद के बाद स्मिथ ने कप्तानी छोड़ दी और लेहमैन ने भी कोच पद से इस्तीफा दे दिया। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को अपनी छवि दोबारा बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी।
सीरीज का आखिरी टेस्ट जोहानिसबर्ग में खेला गया, जहां दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 492 रन से हराया। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली। नतीजे से ज्यादा चर्चा इस बात की हुई कि गेंद से छेड़छाड़ के विवाद ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के नेतृत्व और खेल संस्कृति को किस तरह प्रभावित किया।
आठ साल बाद फिर आमने-सामने होंगी दोनों टीमें
2018 के बाद से दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीमों में काफी बदलाव आया है। कई अनुभवी खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं या टीम से बाहर हो चुके हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा अब भी बरकरार है। इस बार भी टेस्ट सीरीज में दोनों टीमें अपनी मौजूदा ताकत साबित करने उतरेंगी।
दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर साइमन हार्मर के मुताबिक, फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते चलन के चलते आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच पहले जैसी व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता कम होती जा रही है। अलग-अलग देशों के क्रिकेटर अब एक ही टीम में खेलते हैं, जिससे मैदान के बाहर भी उनके बीच दोस्ती बढ़ती है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबलों में प्रतिस्पर्धा की तीव्रता अब भी बनी रहती है।
दक्षिण अफ्रीका घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज जीतना चाहेगा। कगिसो रबाडा की गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौती हो सकती है, जबकि एनरिक नॉर्खिया की वापसी और दो स्पिनरों को उतारने की रणनीति अहम होगी। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया को अपने गेंदबाजों की फिटनेस, मध्यक्रम की बल्लेबाजी और शुरुआती विकेट बचाने पर ध्यान देना होगा।
सीरीज का तीसरा टेस्ट केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेला जाएगा, जहां 2018 में गेंद से छेड़छाड़ का विवाद सामने आया था। ऐसे में इस मैदान पर होने वाला मुकाबला पुरानी घटनाओं की याद भी दिला सकता है। हालांकि, इस बार दोनों टीमों की नजर विवादों के बजाय प्रदर्शन और सीरीज में जीत हासिल करने पर होगी।
