1958 विश्व कप फाइनल में पेले की पहनी गई ऐतिहासिक नंबर 10 जर्सी 42 करोड़ रुपये में नीलाम हुई। जानिए 17 साल की उम्र में फुटबॉल इतिहास रचने वाले पेले की प्रेरणादायक कहानी।
स्टॉकहोम/न्यूयॉर्क: एक पुरानी जर्सी… जिसे करीब 68 साल पहले फुटबॉल के मैदान पर पहना गया था। समय के साथ उसका रंग फीका पड़ गया, कपड़ा पुराना हो गया, लेकिन उसकी कीमत लगातार बढ़ती गई। आखिरकार जुलाई 2026 में न्यूयॉर्क में हुई एक नीलामी में यही जर्सी 49 लाख अमेरिकी डॉलर (US$4.9 million) यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 42 करोड़ रुपये में बिक गई।
यह सिर्फ एक कपड़े का टुकड़ा नहीं था, बल्कि फुटबॉल इतिहास के उस सुनहरे पल की निशानी थी जिसने ब्राजील को पहली बार विश्व विजेता बनाया और दुनिया को पेले (Pelé) जैसा महान खिलाड़ी दिया।
यह वही प्रतिष्ठित नंबर 10 जर्सी थी, जिसे 29 जून 1958 को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम स्थित Råsunda Stadium में खेले गए FIFA World Cup Final में 17 वर्षीय पेले ने पहना था।
उस मुकाबले में ब्राजील ने मेजबान स्वीडन को 5-2 से हराकर अपने इतिहास का पहला विश्व कप जीता था। फाइनल में पेले ने दो शानदार गोल दागे थे और दुनिया को बता दिया था कि ब्राजील फुटबॉल का भविष्य अब एक सुनहरे हाथों में है।
रिकॉर्ड कीमत में बिकी ऐतिहासिक जर्सी
अमेरिकी नीलामी संस्था Sotheby’s ने जुलाई 2026 में इस ऐतिहासिक जर्सी की नीलामी आयोजित की। कई देशों के संग्राहकों के बीच कड़ी बोली लगी और आकिरकार यह जर्सी US$4.9 million में बिकी। Sotheby’s के अनुसार, यह पेले से जुड़ा अब तक का सबसे महंगा खेल-स्मृति चिह्न (Sports Memorabilia) है।
साथ ही यह नीलामी में बिकने वाली दुनिया की दूसरी सबसे महंगी फुटबॉल जर्सी भी बन गई।
इस सूची में पहले स्थान पर अब भी डिएगो माराडोना की 1986 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ “Hand of God” मैच में पहनी गई जर्सी है, जो वर्ष 2022 में लगभग US$9.3 million में बिकी थी।
17 साल का लड़का, जिसने रचा इतिहास
आज पेले को फुटबॉल का सबसे महान खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन 1958 विश्व कप शुरू होने से पहले वह दुनिया के लिए लगभग अनजान थे।
23 अक्टूबर 1940 को ब्राजील के Três Corações शहर में जन्मे Edson Arantes do Nascimento, जिन्हें दुनिया बाद में Pelé के नाम से जानने लगी, बेहद साधारण परिवार से आते थे।
उनके पिता Dondinho भी फुटबॉलर थे, लेकिन उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी।
बचपन में पेले के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। वे कई बार नंगे पैर फुटबॉल खेलते थे। चमड़े की गेंद खरीदने के पैसे नहीं होते थे, इसलिए वे मोजों और अखबारों से बनी गेंद से अभ्यास करते थे।
लेकिन उनकी प्रतिभा इतनी असाधारण थी कि कम उम्र में ही वे Santos FC की पहली टीम तक पहुंच गए।
1958 विश्व कप के समय उनकी उम्र केवल 17 वर्ष थी। टूर्नामेंट की शुरुआत में घुटने की चोट के कारण वे शुरुआती दो मुकाबले नहीं खेल सके। लेकिन जब उन्हें टीम में जगह मिली तो उन्होंने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को चौंका दिया।
ब्राजील के लिए ऐतिहासिक टूर्नामेंट
1958 FIFA World Cup का आयोजन स्वीडन में हुआ था। इससे पहले ब्राजील दो बार विश्व कप फाइनल हार चुका था और पहली ट्रॉफी की तलाश में था।
क्वार्टर फाइनल में पेले ने वेल्स के खिलाफ निर्णायक गोल दागकर ब्राजील को सेमीफाइनल में पहुंचाया। इसके बाद सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ उन्होंने शानदार हैट्रिक लगाई। इतनी कम उम्र में विश्व कप सेमीफाइनल में हैट्रिक लगाने वाले वे पहले खिलाड़ी बने।
इसके बाद पूरी दुनिया की नजरें फाइनल पर थीं, जहां ब्राजील का सामना मेजबान स्वीडन से होना था।
वह फाइनल जिसने पेले को बना दिया ‘फुटबॉल का किंग‘
29 जून 1958 को स्टॉकहोम के Råsunda Stadium में लगभग 50,000 से अधिक दर्शकों की मौजूदगी में विश्व कप फाइनल खेला गया।
मुकाबले की शुरुआत स्वीडन ने शानदार की और मैच के चौथे मिनट में नील्स लीडहोम (Nils Liedholm) ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। लेकिन इसके बाद ब्राजील ने जबरदस्त वापसी की।
ब्राजील की तरफ से Vavá ने दो गोल कर स्कोर पलटा। इसके बाद पेले ने वह गोल किया जिसे आज भी विश्व कप इतिहास के सबसे खूबसूरत गोलों में गिना जाता है। उन्होंने गेंद को डिफेंडर के ऊपर से उछालकर शानदार वॉली में गोल कर दिया।
बाद में मारियो ज़ागालो (Mário Zagallo) ने एक और गोल किया और मैच के अंतिम मिनटों में पेले ने अपना दूसरा गोल दागकर ब्राजील की 5-2 की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी।
मैच खत्म होते ही 17 वर्षीय पेले भावुक होकर मैदान पर गिर पड़े। यह केवल ब्राजील की पहली विश्व कप जीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसे युग की शुरुआत थी जिसमें पेले फुटबॉल के सबसे बड़े सुपरस्टार बनकर उभरे।
पेले का अंतर्राष्ट्रीय करियर
1958 विश्व कप जीतने के बाद पेले केवल ब्राजील के हीरो नहीं रहे, बल्कि पूरी दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलर बन गए। जिस खिलाड़ी ने महज 17 साल की उम्र में विश्व कप फाइनल में दो गोल किए थे, उसने अगले दो दशकों तक फुटबॉल पर अपना दबदबा बनाए रखा।
पेले ने अपने करियर में कुल तीन (1958, 1962 और 1970) FIFA World Cup जीते। आज तक पुरुष फुटबॉल के इतिहास में कोई भी खिलाड़ी तीन विश्व कप जीतने का यह रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है।
यही वजह है कि उन्हें अक्सर “The King of Football” या “O Rei” (पुर्तगाली भाषा में ‘राजा’) कहा जाता है।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पेले ने ब्राजील के लिए 92 मैचों में 77 गोल किए। यह रिकॉर्ड कई दशकों तक राष्ट्रीय टीम का सर्वोच्च गोल रिकॉर्ड रहा।
क्लब स्तर पर उन्होंने अपना अधिकांश करियर Santos FC के साथ बिताया, जहां उन्होंने टीम को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिताब जिताए। करियर के अंतिम वर्षों में वे अमेरिका के New York Cosmos से भी खेले, जिससे फुटबॉल की लोकप्रियता अमेरिका में बढ़ाने में मदद मिली।
Sotheby’s तक कैसे पहुंची यह जर्सी?
इस ऐतिहासिक जर्सी की नीलामी विश्व प्रसिद्ध ऑक्शन हाउस Sotheby’s ने कराई। नीलामी से पहले विशेषज्ञों ने इसकी प्रामाणिकता (Authenticity) की विस्तृत जांच की। इसमें जर्सी के कपड़े, सिलाई, मैच रिकॉर्ड, ऐतिहासिक दस्तावेज और स्वामित्व (Provenance) से जुड़े कई पहलुओं का सत्यापन किया गया।
नीलामी के दौरान दुनिया भर के कई निजी संग्राहकों और खेल इतिहास में रुचि रखने वाले निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई। अखिरकार यह जर्सी US$4.9 million (49 लाख डॉलर) में बिकी, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 42 करोड़ रुपये के बराबर है।
Sotheby’s के अनुसार यह अब तक नीलामी में बिकने वाली दुनिया की दूसरी सबसे महंगी फुटबॉल जर्सी है।
माराडोना की जर्सी अब भी पहले स्थान पर
फुटबॉल इतिहास की सबसे महंगी जर्सी का रिकॉर्ड अभी भी डिएगो माराडोना के नाम है।
माराडोना की 1986 FIFA World Cup के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पहनी गई प्रसिद्ध “Hand of God” जर्सी वर्ष 2022 में US$9.3 million में नीलाम हुई थी। उसी मैच में माराडोना ने विवादित “Hand of God” गोल और बाद में “Goal of the Century” दोनों किए थे।
पेले की जर्सी अब इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है, जो यह दर्शाती है कि फुटबॉल इतिहास की महान उपलब्धियों का मूल्य समय के साथ लगातार बढ़ रहा है।
स्पोर्ट्स मेमोरैबिलिया का बढ़ता बाजार
पिछले एक दशक में खेलों से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुओं की नीलामी का बाजार तेजी से बढ़ा है। अब केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि उनके बल्ले, जर्सियां, जूते, ट्रॉफियां और हस्ताक्षरित वस्तुएं भी करोड़ों रुपये में बिक रही हैं।
इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि खेल प्रेमी और संग्राहक इन वस्तुओं को इतिहास का हिस्सा मानते हैं। कई निवेशक इन्हें कला (Art) की तरह दीर्घकालिक निवेश के रूप में भी खरीद रहे हैं।
पेले की जर्सी की रिकॉर्ड नीलामी इसी बढ़ते वैश्विक बाजार का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
पेले की विरासत
29 दिसंबर 2022 को 82 वर्ष की आयु में Pele का निधन हो गया था, लेकिन उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई। FIFA ने उन्हें 20वीं सदी का महानतम फुटबॉलर माना, जबकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने उन्हें Athlete of the Century का सम्मान दिया।
आज भी दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ी जैसे लियोनेल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार और किलियन एम्बाप्पे पेले को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणाओं में गिनते हैं। उनके खेल ने यह साबित किया कि प्रतिभा, अनुशासन और टीम भावना किसी भी खिलाड़ी को अमर बना सकती है।
ये भी पढ़ें :- Japan Open 2026: पहली बार जापान ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचीं पीवी सिंधु, चिर प्रतिद्वंद्वी चेन युफेई से होगी भिड़ंत
