Tuesday, 04 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस का नियमन: तेजी से बढ़ते VDA इकोसिस्टम में कमियों को दूर करने की जरूरत किताबों की ऑनलाइन दुकान से AI की दुनिया तक, Amazon ने कैसे तय किया 3 ट्रिलियन डॉलर तक का सफर? Happy Birthday Barack Obama: अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति से लेकर बिन लादेन के खात्मे तक, जानिए ओबामा की पूरी कहानी Trisha Remarks Row: अभिनेत्री त्रिशा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार Apple ने Telegram को App Store से हटाकर फिर किया बहाल, बाल शोषण सामग्री पर उठे सवाल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने लगाए अभिजीत दिपके पर गंभीर आरोप, दिपके पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार? Vozinha की नई पारी शुरू, केप वर्डे के स्टार गोलकीपर ने चिली की क्लब से किया करार पैरा स्पोर्ट्स योगदान के लिए पारुल सिंह को मिला नेशनल आइकन अवॉर्ड 2026 डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस का नियमन: तेजी से बढ़ते VDA इकोसिस्टम में कमियों को दूर करने की जरूरत किताबों की ऑनलाइन दुकान से AI की दुनिया तक, Amazon ने कैसे तय किया 3 ट्रिलियन डॉलर तक का सफर? Happy Birthday Barack Obama: अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति से लेकर बिन लादेन के खात्मे तक, जानिए ओबामा की पूरी कहानी Trisha Remarks Row: अभिनेत्री त्रिशा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार Apple ने Telegram को App Store से हटाकर फिर किया बहाल, बाल शोषण सामग्री पर उठे सवाल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने लगाए अभिजीत दिपके पर गंभीर आरोप, दिपके पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार? Vozinha की नई पारी शुरू, केप वर्डे के स्टार गोलकीपर ने चिली की क्लब से किया करार पैरा स्पोर्ट्स योगदान के लिए पारुल सिंह को मिला नेशनल आइकन अवॉर्ड 2026

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में नेता के साथ कथित अभद्रता पर हंगामा: ₹2,500 करोड़ का कानूनी नोटिस, स्वतंत्र प्रशासक की नियुक्ति की मांग

अंशुमान जोशी की ओर से वकील ने भेजा नोटिस, कहा- संस्थागत गरिमा और लोकतंत्र का किया गया अपमान

नई दिल्ली। देश के प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल अंशुमान जोशी के साथ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुई कथित बदसलूकी ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भारी चर्चा छेड़ दी है। श्री जोशी की ओर से उनके वकील दीपक राज सिंह ने क्लब की गवर्निंग काउंसिल को ₹2,500 करोड़ का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में क्लब की मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक स्वतंत्र प्रशासक की नियुक्ति की भी मांग की गई है। यह नोटिस 1 जून 2025 को जारी हुआ।

औपचारिक बैठक में हुए अपमान को लेकर नोटिस

नोटिस के अनुसार, 29 मई 2025 को अंशुमान जोशी संसद सदस्यों, वरिष्ठ नेताओं और बिजनेस प्रतिनिधियों के साथ एक औपचारिक बैठक में शामिल होने क्लब पहुंचे थे। यह बैठक एक सिटिंग सांसद द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास के विजन” पर आधारित थी, जिसमें राष्ट्रीय विकास पर चर्चा होनी थी। लेकिन वहां पहुंचते ही श्री जोशी और उनके साथियों को क्लब स्टाफ की कथित अभद्रता और धमकियों का सामना करना पड़ा।

क्लब स्टाफ पर दुर्व्यवहार और उद्दंडता के आरोप

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि मैनेजर संजय सिंह, डायरेक्टर अरविंद कुमार, अटेंडेंट और सेमिनल सिक्योरिटीज द्वारा नियुक्त गार्ड अनिल कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने श्री जोशी से अपमानजनक और धमकीभरे लहजे में बात की। इस व्यवहार से जोशी की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है।

सांसदों की मौजूदगी के बावजूद नहीं थमी बदसलूकी

नोटिस में यह भी उल्लेख है कि मौके पर मौजूद कई सांसदों और गणमान्य अतिथियों ने क्लब स्टाफ से शालीन व्यवहार की अपील की, लेकिन इसके बावजूद स्टाफ का रवैया असम्मानजनक बना रहा। वकील ने इसे न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया बल्कि इसे एक “सिस्टमेटिक फेल्योर” करार दिया।

मानसिक आघात और प्रतिष्ठा को नुकसान

जोशी की ओर से कहा गया है कि इस घटना ने उन्हें न सिर्फ मानसिक रूप से क्षति पहुंचाई है, बल्कि उनकी सार्वजनिक छवि और पेशेवर प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाया है। नोटिस में इसे एक गंभीर मानहानि का मामला, मानसिक उत्पीड़न और संस्थागत उत्पीड़न कहा गया है।

क्लब की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

नोटिस में यह भी कहा गया है कि यह मामला महज व्यक्तिगत दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि क्लब की प्रशासनिक खामियों, सत्ता के दुरुपयोग और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। इसीलिए एक स्वतंत्र प्रशासक की नियुक्ति की मांग की गई है ताकि क्लब की व्यवस्था को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया जा सके।

7 दिन में माफी और मुआवज़ा नहीं तो कोर्ट जाएंगे

क्लब को भेजे गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी और ₹2,500 करोड़ का मुआवज़ा नहीं दिया गया, तो सिविल और क्रिमिनल कोर्ट में कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई BNSS 2023, टॉर्ट लॉ और अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत की जाएगी।

क्लब की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं

अब तक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेकिन यह मामला तेजी से राजनीतिक गलियारों और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इतने बड़े संस्थान में जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जा सकती? क्या अब VIP हस्तियों के साथ भी ऐसा व्यवहार सामान्य हो गया है? यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति के अपमान की नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी भी बनती जा रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version