विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा – 90% ऑटोचालक नहीं चलाते मीटर, यात्रियों से वसूली और दुर्व्यवहार बन चुका है आम चलन
राजधानी दिल्ली में ऑटोरिक्शा चालकों द्वारा मीटर का उपयोग न करने और मनमाने किराए वसूलने की बढ़ती समस्या पर राष्ट्र टाइम्स के प्रधान संपादक विजय शंकर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस स्थिति को “गंभीर जन-सुविधा संकट” करार देते हुए कहा कि यह न सिर्फ आम यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि दिल्ली की साख और परिवहन व्यवस्था को भी बदनाम कर रही है।
पत्र में विजय शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि राजधानी में करीब 90% ऑटोचालक मीटर नहीं चलाते, जिससे यात्रियों को आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ता है। इतना ही नहीं, किराए को लेकर असहमति जताने पर कई बार यात्रियों को दुर्व्यवहार और बदसलूकी का भी सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में लिखा –
“यह स्थिति दिल्ली की साख को नुकसान पहुंचा रही है और यह दर्शाता है कि हमारी परिवहन प्रणाली और कानून व्यवस्था पर अमल में भारी कमी है। आम लोगों की रोजमर्रा की यात्रा इससे प्रभावित हो रही है।”
संपादक की चार प्रमुख मांगें:
- बिना मीटर चलने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ नियमित और सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
- दिल्ली परिवहन विभाग मीटर निगरानी प्रणाली को सशक्त बनाए और यात्रियों की शिकायतों के लिए प्रभावी समाधान तंत्र विकसित करे।
- यात्रियों को डिजिटल रसीद, मोबाइल ऐप आधारित शिकायत विकल्प और एक प्रभावी हेल्पलाइन सेवा मुहैया कराई जाए।
विजय शंकर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे परिवहन विभाग को निर्देशित करें कि बिना मीटर चलने वाले ऑटोरिक्शा चालकों पर सख्त कदम उठाए जाएं और किराए निर्धारण की व्यवस्था को लागू करने में कोई ढिलाई न बरती जाए।
उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मुद्दा जन आंदोलनों और जनहित याचिकाओं का विषय बन सकता है।
अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस समस्या को गंभीरता से लेंगी और राजधानी के नागरिकों को राहत दिलाने के लिए त्वरित व प्रभावशाली कदम उठाएंगी।
