Sunday, 13 September 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
रंगपुरी की झुग्गी बस्ती में बेटियों की शिक्षा को नई उड़ान दे रहा उत्थान एजुकेशन सेंटर ग्लोबल पॉप स्टार ‘लेडी गागा’ बनीं मां, मंगेतर माइकल पोलान्स्की के साथ पहले बच्चे का किया स्वागत US Open 2026: टियाफो को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे बेन शेल्टन, अब ज्वेरेव से होगा खिताबी मुकाबला आदिवासी और ग्रामीण विकास के लिए एचआरडीएस इंडिया की पहल जारी केरलम पर फिर बढ़ा दबाव, केंद्र ने PM SHRI योजना पर जल्द फैसला लेने को कहा 25 Years of 9/11 Attacks: 4 विमान, 19 आतंकवादी और 2,977 मौतें! वो सुबह जिसने अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया iPhone 18 Pro की कीमत ने भारतीयों को चौंकाया! जानिए अमेरिका, दुबई और कनाडा समेत देशों में कितनी है फोन की कीमत? भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से रौंदा! महिला जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल में पक्की की अपनी जगह रंगपुरी की झुग्गी बस्ती में बेटियों की शिक्षा को नई उड़ान दे रहा उत्थान एजुकेशन सेंटर ग्लोबल पॉप स्टार ‘लेडी गागा’ बनीं मां, मंगेतर माइकल पोलान्स्की के साथ पहले बच्चे का किया स्वागत US Open 2026: टियाफो को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे बेन शेल्टन, अब ज्वेरेव से होगा खिताबी मुकाबला आदिवासी और ग्रामीण विकास के लिए एचआरडीएस इंडिया की पहल जारी केरलम पर फिर बढ़ा दबाव, केंद्र ने PM SHRI योजना पर जल्द फैसला लेने को कहा 25 Years of 9/11 Attacks: 4 विमान, 19 आतंकवादी और 2,977 मौतें! वो सुबह जिसने अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया iPhone 18 Pro की कीमत ने भारतीयों को चौंकाया! जानिए अमेरिका, दुबई और कनाडा समेत देशों में कितनी है फोन की कीमत? भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से रौंदा! महिला जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल में पक्की की अपनी जगह

दिल्ली में मीटर विहीन ऑटोरिक्शा सेवा पर भड़के राष्ट्र टाइम्स संपादक – मुख्यमंत्री से की सख्त कार्रवाई की मांग

विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा – 90% ऑटोचालक नहीं चलाते मीटर, यात्रियों से वसूली और दुर्व्यवहार बन चुका है आम चलन

राजधानी दिल्ली में ऑटोरिक्शा चालकों द्वारा मीटर का उपयोग न करने और मनमाने किराए वसूलने की बढ़ती समस्या पर राष्ट्र टाइम्स के प्रधान संपादक विजय शंकर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस स्थिति को “गंभीर जन-सुविधा संकट” करार देते हुए कहा कि यह न सिर्फ आम यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि दिल्ली की साख और परिवहन व्यवस्था को भी बदनाम कर रही है।

पत्र में विजय शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि राजधानी में करीब 90% ऑटोचालक मीटर नहीं चलाते, जिससे यात्रियों को आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ता है। इतना ही नहीं, किराए को लेकर असहमति जताने पर कई बार यात्रियों को दुर्व्यवहार और बदसलूकी का भी सामना करना पड़ता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में लिखा –
“यह स्थिति दिल्ली की साख को नुकसान पहुंचा रही है और यह दर्शाता है कि हमारी परिवहन प्रणाली और कानून व्यवस्था पर अमल में भारी कमी है। आम लोगों की रोजमर्रा की यात्रा इससे प्रभावित हो रही है।”

संपादक की चार प्रमुख मांगें:

  1. बिना मीटर चलने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ नियमित और सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाए।
  2. नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
  3. दिल्ली परिवहन विभाग मीटर निगरानी प्रणाली को सशक्त बनाए और यात्रियों की शिकायतों के लिए प्रभावी समाधान तंत्र विकसित करे।
  4. यात्रियों को डिजिटल रसीद, मोबाइल ऐप आधारित शिकायत विकल्प और एक प्रभावी हेल्पलाइन सेवा मुहैया कराई जाए।

विजय शंकर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे परिवहन विभाग को निर्देशित करें कि बिना मीटर चलने वाले ऑटोरिक्शा चालकों पर सख्त कदम उठाए जाएं और किराए निर्धारण की व्यवस्था को लागू करने में कोई ढिलाई न बरती जाए।

उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मुद्दा जन आंदोलनों और जनहित याचिकाओं का विषय बन सकता है।

अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस समस्या को गंभीरता से लेंगी और राजधानी के नागरिकों को राहत दिलाने के लिए त्वरित व प्रभावशाली कदम उठाएंगी।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp

Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version