Wednesday, 12 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन से 6 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, पीड़ित परिवारों को मुआवजे का ऐलान अदाणी समूह को US केस में बड़ी राहत, राहुल गांधी के ‘Compromised PM’ वाले बयान पर गरमाई सियासत डिजिटल डॉलर में लोग क्यों बढ़ा रहे हैं बचत! सरकारों की इसपर पैनी नज़र यहां पेड़ों पर लटकी हैं सैकड़ों गुड़ियाएं! आखिर क्या है मैक्सिको के ‘आइलैंड ऑफ द डॉल्स’ का डरावना सच? दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, महिला ने लगाया यौन शोषण का आरोप डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने मंत्री जीतन राम मांझी से की मुलाकात, दिया न्योता केरल का नाम होगा ‘केरलम’, लोकसभा ने दी मंजूरी! जानिए नाम बदलने के पीछे की पूरी कहानी Khudiram Bose: जिसने किशोर उम्र में थामा क्रांति का रास्ता, मुजफ्फरपुर बम कांड ने कैसे खुदीराम बोस को बनाया आजादी की लड़ाई का प्रतीक? मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन से 6 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, पीड़ित परिवारों को मुआवजे का ऐलान अदाणी समूह को US केस में बड़ी राहत, राहुल गांधी के ‘Compromised PM’ वाले बयान पर गरमाई सियासत डिजिटल डॉलर में लोग क्यों बढ़ा रहे हैं बचत! सरकारों की इसपर पैनी नज़र यहां पेड़ों पर लटकी हैं सैकड़ों गुड़ियाएं! आखिर क्या है मैक्सिको के ‘आइलैंड ऑफ द डॉल्स’ का डरावना सच? दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, महिला ने लगाया यौन शोषण का आरोप डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने मंत्री जीतन राम मांझी से की मुलाकात, दिया न्योता केरल का नाम होगा ‘केरलम’, लोकसभा ने दी मंजूरी! जानिए नाम बदलने के पीछे की पूरी कहानी Khudiram Bose: जिसने किशोर उम्र में थामा क्रांति का रास्ता, मुजफ्फरपुर बम कांड ने कैसे खुदीराम बोस को बनाया आजादी की लड़ाई का प्रतीक?

मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन से 6 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, पीड़ित परिवारों को मुआवजे का ऐलान

कुर्ला के चिराग नगर में भारी बारिश के बीच भूस्खलन से 6 लोगों की मौत हुई। NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। जानिए हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी।

कुर्ला, मुंबई: मुंबई में बुधवार को हुई तड़के तेज बारिश के बीच एक भूस्खलन ने कई परिवारों की जिंदगी पलट दी। शहर के कुर्ला इलाके के चिराग नगर स्थित गौसिया चॉल में पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक खिसक गया और उसका मलबा पास बने कमरों पर जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मलबे के नीचे लोग दब गए और देखते ही देखते घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।

बुधवार, 12 अगस्त 2026 को तड़के करीब 3:48 बजे हुई इस घटना में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, बीएमसी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF की टीमें शामिल हैं।

घटना के बाद मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों और मुआवजे की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए, बाद की रिपोर्ट में छह मौतों की पुष्टि और मृतक परिवारों के लिए 4 लाख रुपये की सहायता की जानकारी दी गई।

तड़के 3:48 बजे हुआ हादसा

मुंबई के चिराग नगर स्थित गौसिया चॉल में बुधवार सुबह जब ज्यादातर लोग सो रहे थे, तभी पहाड़ी का एक हिस्सा खिसक गया। बीएमसी मुंबई फायर ब्रिगेड के मुताबिक घटना सुबह करीब 3:48 बजे हुई।

भूस्खलन के कारण पहाड़ी से आया मलबा चॉल के पास बने दो से तीन कमरों पर गिरा। शुरुआती जानकारी में पांच से छह लोगों के मलबे में फंसे होने की बात सामने आई थी। जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ा, मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई।

मुंबई फायर ब्रिगेड ने सुबह करीब 4:32 बजे इसे लेवल-II घटना घोषित किया और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। घटनास्थल पर भारी मात्रा में मलबा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी सावधानी से काम करना पड़ा।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश

हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना थी कि मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।

रेस्क्यू टीमों ने सामान्य उपकरणों के साथ-साथ विशेष विक्टिम-डिटेक्शन कैमरों का इस्तेमाल किया, ताकि मलबे के भीतर जीवन के संकेत तलाशे जा सकें। ऐसे उपकरण संकरी और अंधेरी जगहों में फंसे लोगों का पता लगाने में मदद करते हैं।

करीब 50 बीएमसी कर्मचारी और NDRF कर्मी राहत एवं बचाव अभियान में जुटे रहे। मुंबई फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद रहीं। अधिकारियों ने मलबा हटाने के दौरान किसी और हिस्से के खिसकने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरती।

छह लोगों की मौत, दो घायल

हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। शुरुआती चरण में पुलिस ने दो मौतों की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई।

रिपोर्ट के अनुसार, साहिल अंसारी (28) और मोहम्मद समीर (14) को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य घायल लोगों की पहचान सोहेल अंसारी (18) और मोहम्मद अंसारी (14) के रूप में हुई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई।

बीएमसी की ओर से भी बताया गया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और बचाव अभियान लगातार जारी है।

बारिश बनी हादसे का कारण

मुंबई में मानसून के दौरान भारी बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों और ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इस मामले में पुलिस अधिकारी DCP गणेश शिंदे ने भी बताया कि बारिश के कारण भूस्खलन हुआ।

लगातार बारिश से पहाड़ी या मिट्टी की ढलान के भीतर पानी की मात्रा बढ़ सकती है। इससे मिट्टी और चट्टानों के बीच पकड़ कमजोर होती है और ढलान का कोई हिस्सा अचानक नीचे खिसक सकता है।

मौके पर पहुंचीं मेयर रितु तावड़े

हादसे की जानकारी मिलते ही मुंबई की मेयर रितु तावड़े घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया तथा संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मेयर ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और आर्थिक सहायता की घोषणा की। इसमें मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।

रेस्क्यू में जुटीं एजेंसियां

हादसे के बाद बचाव कार्य किसी एक एजेंसी तक सीमित नहीं रहा। मुंबई फायर ब्रिगेड, बीएमसी, मुंबई पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। 108 एंबुलेंस सेवा को भी तैनात किया गया।

बीएमसी के अधिकारी और कर्मचारी मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए भेजा गया।

बीएमसी ने पहले ही दी थी चेतावनी

इस हादसे के बाद मुंबई में भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल फिर उठने लगे हैं।

बीएमसी ने अपने बयान में कहा कि वह संवेदनशील स्थानों पर रहने वाले लोगों को नियमित रूप से चेतावनी देती है और उन्हें ऐसे स्थानों पर नहीं रहने की सलाह दी जाती है, जहां भूस्खलन या चट्टान गिरने का खतरा हो। बीएमसी के अनुसार प्री-मानसून तैयारियों के दौरान भी इस तरह के नोटिस और जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

बीएमसी ने यह भी कहा कि जिस हिल नंबर-3, अशोक नगर क्षेत्र में घटना हुई, वहां स्थानीय लोगों को जोखिम को लेकर अलर्ट किया गया था और जागरूकता अभियान भी चलाए गए थे।

यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मुंबई में कई परिवार पहाड़ी ढलानों, नालों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास सीमित संसाधनों के बीच रहते हैं। मानसून के दौरान ऐसी जगहों पर रहने वाले लोगों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

मुंबई में मानसून और भूस्खलन का खतरा

मुंबई की भौगोलिक स्थिति इसे मानसून के दौरान कई तरह की प्राकृतिक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनाती है। शहर के कुछ हिस्सों में पहाड़ियां और ढलान हैं, जबकि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण कई इलाकों में आबादी ढलानों के करीब तक पहुंच गई है।

जब लंबे समय तक बारिश होती है तो मिट्टी में पानी की मात्रा बढ़ती है। अगर किसी ढलान की स्थिरता पहले से कमजोर हो तो भारी बारिश उसे और कमजोर कर सकती है। ऐसे में मिट्टी, पत्थर और मलबा अचानक नीचे की ओर खिसक सकता है।

भूस्खलन का खतरा केवल पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं है। ढलान पर निर्माण, प्राकृतिक जल निकासी में बदलाव और कमजोर मिट्टी जैसी परिस्थितियां भी जोखिम बढ़ा सकती हैं।

हादसे ने फिर उठाया पुनर्वास का सवाल

कुर्ला का यह हादसा मुंबई में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास और सुरक्षित आवास के सवाल को भी सामने लाता है।

मुंबई में जमीन की कमी और महंगे आवास के कारण बड़ी संख्या में लोग सीमित जगहों में रहने को मजबूर हैं। कुछ बस्तियां पहाड़ियों या ढलानों के पास विकसित हुई हैं। ऐसे इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए बारिश के मौसम में सुरक्षित स्थान पर जाना हमेशा आसान नहीं होता।

सरकार और स्थानीय निकायों के सामने चुनौती यह है कि केवल चेतावनी जारी करने से आगे बढ़कर जोखिम वाले इलाकों की पहचान, नियमित निरीक्षण, समय रहते निकासी और जरूरत पड़ने पर स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।

हादसे के बाद सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या?

फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीमें लगातार मलबे की जांच कर रही हैं और विशेष उपकरणों की मदद से जीवन के संकेत तलाशे जा रहे हैं।

साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना भी एक अहम कदम होगा। जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है, उनके लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ प्रशासनिक और सामाजिक सहयोग की भी जरूरत होगी।

इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि मुंबई जैसे महानगर में मानसून केवल जलभराव या ट्रैफिक की समस्या नहीं है। शहर के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भारी बारिश सीधे जीवन के खतरे में बदल सकती है।

कुर्ला के चिराग नगर में तड़के हुआ भूस्खलन इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। छह लोगों की मौत ने कई परिवारों को हमेशा के लिए बदल दिया है, जबकि बचाव दल अभी भी मलबे के नीचे किसी जिंदगी की तलाश में जुटे हैं।

ये भी पढ़ें :- अदाणी समूह को US केस में बड़ी राहत, राहुल गांधी के ‘Compromised PM’ वाले बयान पर गरमाई सियासत

Home » मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन से 6 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, पीड़ित परिवारों को मुआवजे का ऐलान
शेयर करें: Facebook X WhatsApp

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version