Saturday, 05 September 2026
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Maharashtra Poison Case: मुहर्रम जुलूस में ज़हर बांटने की साजिश नाकाम, कैप्सूल के साथ गिरफ्तार हुआ आरोपी

पुणे निवासी फैयाज़ प्रेमजी को मुहर्रम जुलूस में कथित रूप से जहरीले कैप्सूल बांटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मामले की फॉरेंसिक जांच जारी है और पुलिस कई पहलुओं की जांच कर रही है।

पुणे: मुंबई में मुहर्रम के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान सामने आए एक मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मुंबई पुलिस ने पुणे के रहने वाले फैयाज प्रेमजी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

पुलिस का आरोप है कि उसने मुहर्रम के दौरान श्रद्धालुओं को कथित रूप से ज़हर मिले कैप्सूल बांटने की कोशिश की। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पास से हजारों कैप्सूल और बड़ी मात्रा में चूहामार ज़हर बरामद किया गया है।

घटना सामने आने के बाद महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते थे। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है।

क्या है पूरा मामला?

मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण महीनों में से एक माना जाता है। महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में इस दौरान बड़े जुलूस निकाले जाते हैं। मुंबई में भी हर साल हजारों लोग अशूरा के अवसर पर आयोजित जुलूसों में शामिल होते हैं।

मुंबई पुलिस के अनुसार 26 जून 2026 को भायखला क्षेत्र में आयोजित एक जुलूस के दौरान कुछ लोगों को एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। बताया गया कि वह लोगों को कैप्सूल बांट रहा था और उन्हें सेवन करने की सलाह दे रहा था।

पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर जांच की गई। पूछताछ के दौरान व्यक्ति की पहचान पुणे निवासी Faiyaz Premjiके रूप में हुई। उसके पास मौजूद कैप्सूलों की जांच शुरू की गई तो मामला गंभीर हो गया।

14,000 से अधिक कैप्सूल बरामद

पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से लगभग 14,900 कैप्सूल बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया कि इनमें ज़िंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) भरा गया था। इस रसायन का उपयोग आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि कैप्सूलों की संख्या इतनी अधिक थी कि इससे मामला साधारण नहीं माना जा सकता। इसी कारण पुलिस ने इसे संभावित सामूहिक विषाक्तता (Mass Poisoning Attempt) के दृष्टिकोण से जांचना शुरू किया।

फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि रासायनिक संरचना की आधिकारिक पुष्टि की जा सके।

कौन है फैयाज प्रेमजी?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी महाराष्ट्र के पुणे शहर का निवासी है। बताया जाता है कि वह शिक्षित परिवार से आता है और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की पढ़ाई कर चुका है।

पुलिस जांच में सामने आया कि उसके परिवार का पेंट और रसायन से जुड़ा कारोबार रहा है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कुछ समय से मानसिक और सामाजिक रूप से अलग-थलग जीवन जी रहा था।

हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी मानसिक बीमारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां उसके व्यवहार, डिजिटल गतिविधियों और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि का अध्ययन कर रही हैं।

मुंबई में कैसे बना प्लान?

पुलिस के अनुसार Faiyaz Premjiघटना से लगभग दो सप्ताह पहले मुंबई पहुंचा था। उसने दक्षिण मुंबई के डोंगरी इलाके में अस्थायी रूप से ठहरने की व्यवस्था की।

जांच में सामने आया कि उसने बड़ी मात्रा में खाली कैप्सूल खरीदे। इसके अलावा चूहामार ज़हर यानी रॉडेंटिसाइड (Rodenticide) भी जुटाया गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने खुद उन कैप्सूलों में ज़हर भरने का काम किया।

पुलिस को होटल और स्थानीय दुकानों से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला समझी जा सके।

पुलिस ने क्या दावा किया?

मुंबई पुलिस के अधिकारियों के अनुसार आरोपी कथित रूप से बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाना चाहता था। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने दुनिया और समाज के प्रति गुस्सा होने जैसी बातें कहीं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी संभावित मकसद को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

ज़िंक फॉस्फाइड आखिर कितना खतरनाक है?

ज़िंक फॉस्फाइड एक अत्यंत विषैला रासायनिक यौगिक है। इसका उपयोग मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृंतकों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

जब यह पदार्थ शरीर में प्रवेश करता है तो पेट के अम्ल के संपर्क में आकर फॉस्फीन गैस उत्पन्न कर सकता है। यह गैस शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार इसके सेवन से उल्टी, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, हृदय संबंधी समस्याएं, यकृत और गुर्दे को नुकसान  जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

उच्च मात्रा में सेवन मृत्यु का कारण भी बन सकता है। यही वजह है कि इसकी बिक्री और उपयोग पर कई तरह के नियामक नियम लागू होते हैं।

कैसे हुआ साजिश का पर्दाफाश?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आम लोगों की सतर्कता ने निभाई। कुछ श्रद्धालुओं को यह बात असामान्य लगी कि कोई अनजान व्यक्ति भीड़ में मुफ्त कैप्सूल बांट रहा है। उन्होंने इस पर सवाल उठाए।

इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की और व्यक्ति को हिरासत में लिया। जांचकर्ताओं का मानना है कि यदि लोगों ने समय रहते संदेह नहीं जताया होता तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

फॉरेंसिक जांच में क्या मिला?

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कैप्सूलों, रसायनों और अन्य बरामद सामग्री को फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया।

विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि –

  • कैप्सूलों में वास्तव में कौन-सा पदार्थ था?
  • उसकी सांद्रता कितनी थी?
  • क्या सभी कैप्सूलों में एक जैसा पदार्थ भरा गया था?
  • बरामद सामग्री का स्रोत क्या था?

फॉरेंसिक रिपोर्ट इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी क्योंकि वही अदालत में वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में पेश की जाएगी।

क्या आरोपी अकेला था?

पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि क्या आरोपी Faiyaz Premjiने अकेले पूरी योजना बनाई थी या किसी और ने उसकी मदद की थी। अधिकारियों ने उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल संचार रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

अब तक सार्वजनिक रूप से किसी अन्य संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है।

धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

भारत में हर वर्ष करोड़ों लोग धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेते हैं। मुहर्रम, गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा, कांवड़ यात्रा, कुंभ और अन्य बड़े आयोजनों में भारी भीड़ उमड़ती है।

ऐसे आयोजनों में सुरक्षा एजेंसियों के सामने भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, अफवाहों पर नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा जैसी कई चुनौतियां होती हैं।

मुंबई की यह घटना दिखाती है कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का रूप ले सकती है।

भारत में सामूहिक विषाक्तता की घटनाएं

भारत में पहले भी भोजन या पेय पदार्थों में जहरीले तत्व मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन किसी बड़े धार्मिक आयोजन में कथित रूप से कैप्सूल बांटकर लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है।

इसी कारण यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों में स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।

आरोपी पर कौन-कौन से आरोप लग सकते हैं?

हालांकि अंतिम कानूनी धाराएं जांच और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करती हैं, लेकिन ऐसे मामलों में भारतीय कानून के तहत हत्या के प्रयास, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने, विषैले पदार्थ के उपयोग और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं लागू हो सकती हैं।

पुलिस ने संकेत दिया है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर आरोपों का दायरा बढ़ भी सकता है।

सोशल मीडिया पर भी छाया मामला

घटना के सामने आते ही सोशल मीडिया पर मामले को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की सफलता बताया, जबकि कई लोगों ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की मांग की।

हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा न करें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

एक सतर्कता जिससे टला बड़ा हादसा

मुंबई पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि सार्वजनिक सुरक्षा केवल सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि नागरिक सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

मुहर्रम के जुलूस में मौजूद लोगों की सजगता, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और प्रारंभिक जांच ने एक ऐसे मामले को उजागर किया, जो संभावित रूप से कहीं बड़ा रूप ले सकता था।

अब पूरे देश की नजर जांच एजेंसियों की अगली रिपोर्ट पर है। फॉरेंसिक विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य और अदालत में पेश होने वाले दस्तावेज यह तय करेंगे कि Faiyaz Premji के खिलाफ लगाए गए आरोप कितने मजबूत हैं और इस कथित साजिश की वास्तविक तस्वीर क्या थी।

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MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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