Thursday, 02 July 2026
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भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड डील पर हस्ताक्षर, भारत के लिए बड़ी संभावनाएं, 20 अरब डॉलर के निवेश का रास्ता खुला

भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले की मौजूदगी में हुई ट्रेड डील, अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा न्यूजीलैंड

भारत की एक दशक से भी अधिक समय तक चली आ रही कोशिश आखिरकार रंग लाई है। भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते पर हस्ताक्षर के लिए भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के वाणिज्य मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहे। यह डील भारत के परिदृश्य से बेहद अहम मानी जा रही है। इस डील से भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजारों में टैक्स फ्री एंट्री मिलेगी। साथ ही 5000 युवाओं को भी नौकरी का मौका मिलेगा।

एक लंबे इंतजार के बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुई फ्री ट्रेड डील ने पूरी विश्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इस डील को “दशकों में एक बार” होने वाली डील माना जा रहा है। यह डील भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले की मौजूदगी में हुई। विशेषज्ञों की मानें तो इस डील की मदद से भारत के आम नागरिक से लेकर देश के बड़े उद्योगपतियों तक को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। डील की मदद से पहले जिन भारतीय उत्पादों पर 30 से 150 फीसद तक शुल्क लगता था, उन्हें अब न्यूजीलैंड के बाजारों में बिना किसी ड्यूटी के एंट्री मिलेगी। इस एग्रीमैंट के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश भी करेगा। 16 मार्च 2025 को इस डील को लेकर बातचीत शुरु हुई थी और 22 दिसंबर 2025 को बातचीत अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई थी।

भारत को किन क्षेत्रों में फायदा

इस FTA भारत से भारत को व्यापारिक दृष्टि से सबसे अधिक लाभ होने वाला है। समझौते के लागू होने के पहले दिन से ही भारत की 8000 से भी अधिक वस्तुएं न्यूजीलैंड के बाजार में टैक्स फ्री हो जाएंगी। इसमें हल्के इंजीनियरिंग सामान, खेल के सामान, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक और खाद्य प्रसंस्करण मुख्य रूप से शामिल हैं। इस समझौते से पहले तक न्यूजीलैंड में भारत की वस्तुओं पर औसतन 2.2 प्रतिशत का शुल्क लगता था। अब इस शुल्क से भारतीय उत्पादों को राहत मिलेगी।

15 सालों में 20 अरब डॉलर का निवेश

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस डील के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। निवेश में नवीकरणीय ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, डिजीटल सहयोग, पर्यटन, यात्रा, एग्री, ऑडियो-विजुअल आदि क्षेत्रों को प्रमुखता दी जाएगी। इतने बड़े निवेश से दोनों ही देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा।

वीजा और रोजगार के द्वार खुले

इस एग्रीमैंट की मदद से भारतीय पेशेवरों को न्यूजीलैंड में अगले तीन सालों में रोजगार के लिए 5000 वीजा की सुविधा दी जाएगी। वीजा आवंटन से भारतीय नागरिकों के लिए न्यूजीलैंड में रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

डील से न्यूजीलैंड को भी फायदा

इस डील का सीधा लाभ न्यूजीलैंड को भी मिलेगा जिनमें मुख्य रूप से ऊन, शराब, लकड़ी, कोयला, फल जैसे क्षेत्रों में शामिल हैं। साथ ही इससे उनकी बागवानी, शहद, पशुधन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में भी पहुंच बढ़ेगी।

भारत ने इन सेक्टर्स पर नहीं दी ढील

डील के तहत भारत ने न्यूजीलैंड को कुछ सेक्टर्स पर कोई रिआयत नहीं दी है। इनमें डेयरी और प्रमुख कृषि उत्पाद शामिल हैं। इनमें भारत पहले की ही तरह करीब 30% टैरिफ लगाएगा ताकि भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्रों को मजबूती मिल सके।

पीएम मोदी ने डील की प्रशंसा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एग्रीमैंट की तारीफ करते हुए लिखा – यह FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमैंट) किसानों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, लघु-मध्य उद्यमियों, कारीगरों और नवाचार करने वालों को फायदा पहुंचाने वाला है। इसके अलावा यह कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को भी मजबूत करेगी।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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