इज्जत के नाम पर होने वाली ऑनर किलिंग आज भी कई समाजों की कड़वी सच्चाई है। जानें इसके पीछे की मानसिकता, प्रमुख कारण, भारत के आंकड़े और चर्चित मामले।
नई दिल्ली: भारत सहित दुनिया के कई देशों में हर साल हत्या के ऐसे वारदात सामने आते हैं जिसमें लोगों का अपराध केवल इतना होता है कि उन्होंने अपनी पसंद से शादी की, किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से प्रेम किया, परिवार की इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाया या अपनी यौन पहचान को खुलकर स्वीकार किया। इन हत्याओं को आमतौर पर ऑनर किलिंग (Honor Killing) कहा जाता है।
विडंबना यह है कि इन अपराधों को अंजाम देने वाले अक्सर खुद को अपराधी नहीं, बल्कि परिवार की “इज्जत” बचाने वाला मानते हैं। यही वह मानसिकता है जो ऑनर किलिंग को सामान्य हत्या से अलग और अधिक जटिल सामाजिक अपराध बनाती है।
सम्मान के नाम पर हत्याएं
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के अनुसार दुनिया भर में हर वर्ष कम से कम 5,000 महिलाओं और लड़कियों की हत्या तथाकथित ‘सम्मान’ के नाम पर की जाती है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में मामले कभी दर्ज ही नहीं होते।
आखिर क्या है ऑनर किलिंग?
ऑनर किलिंग वह हत्या है जिसमें परिवार या समुदाय का कोई सदस्य यह मानता है कि पीड़ित ने ऐसा व्यवहार किया है जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। अधिकांश मामलों में शिकार महिलाएं होती हैं, जबकि हत्यारे उनके पिता, भाई, पति, चाचा या अन्य करीबी रिश्तेदार होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक नियंत्रण का एक हिंसक तरीका है, जिसमें व्यक्ति की स्वतंत्रता को परिवार की सामूहिक प्रतिष्ठा से कम महत्वपूर्ण माना जाता है।
कैसे बनती है Honor Killing की मानसिकता?
मनोवैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय शोध बताते हैं कि ऑनर किलिंग की जड़ें पितृसत्तात्मक (Patriarchal) सोच में होती हैं। कई समाजों में महिलाओं के व्यवहार, विवाह, यौन संबंधों और सामाजिक जीवन को परिवार की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे समाजों में पुरुष खुद को परिवार के सम्मान का रक्षक मानते हैं।
जब कोई महिला या पुरुष सामाजिक अपेक्षाओं से अलग निर्णय लेता है, तो कुछ परिवार इसे व्यक्तिगत निर्णय के बजाय “सार्वजनिक अपमान” के रूप में देखते हैं। यही सोच धीरे-धीरे हिंसा का रूप धारण कर लेती है।
Honor Killing की मानसिकता के कुछ सामान्य तत्व :
- सामाजिक बदनामी का डर
- समुदाय या रिश्तेदारों का दबाव
- पितृसत्तात्मक नियंत्रण
- महिलाओं को परिवार की संपत्ति मानने की सोच
- जाति, धर्म या समुदाय की “शुद्धता” बनाए रखने की धारणा
- पारंपरिक सत्ता संरचनाओं को चुनौती मिलने का भय
दुनियाभर में Honor Killings के मुख्य कारण
विभिन्न देशों के अध्ययनों में Honor Killings से जुड़ी कई वजहें सामने आई हैं-
1. अपनी पसंद से विवाह करना
दुनिया भर में ऑनर किलिंग का सबसे आम कारण परिवार की इच्छा के विरुद्ध विवाह करना माना जाता है। विशेष रूप से तब जब विवाह किसी अन्य जाति, धर्म या समुदाय में किया गया हो।
2. प्रेम संबंध
कई मामलों में केवल प्रेम संबंध रखने या प्रेम संबंध की आशंका भर से भी हत्या कर दी जाती है।
3. विवाह से इनकार
कुछ समाजों में तय किए गए विवाह को अस्वीकार करना परिवार की प्रतिष्ठा के खिलाफ माना जाता है। जो ऑमर किलिंग के मुख्य कारणों में शामिल है।
4. तलाक या अलग होना
पति से अलग रहने, तलाक लेने या घरेलू हिंसा से निकलने की कोशिश करने वाली महिलाओं को भी निशाना बनाया जाता है।
5. यौन हिंसा की शिकार महिलाएं
ऑनर किलिंग के मामले में वे महिलाएं भी बड़ी संख्या में शिकार बनती हैं जो पहले से ही पीड़ित हैं। सबसे दुखद तथ्य यह है कि कुछ मामलों में बलात्कार पीड़िताओं को भी परिवार के लिए “कलंक” मान लिया जाता है।
6. LGBTQ+ पहचान
कई देशों में समलैंगिक, ट्रांसजेंडर या अन्य लैंगिक पहचान रखने वाले लोगों के खिलाफ भी ऑनर आधारित हिंसा दर्ज की गई है।
किन देशों में अधिक देखी जाती है यह समस्या?
ऑनर किलिंग किसी एक धर्म, क्षेत्र या संस्कृति तक सीमित नहीं है। शोध में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, जॉर्डन, इराक, तुर्की, ईरान, सीरिया, मिस्र, यमन सहित यूरोप और उत्तर अमेरिका के कुछ मामलों का भी उल्लेख मिलता है।
विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि इसे किसी एक धर्म से जोड़ना गलत होगा। यह समस्या मुख्य रूप से पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचनाओं से जुड़ी है।
भारत में क्या कहते हैं ऑनर किलिंग के मामले?
भारत में ऑनर किलिंग लंबे समय तक अलग अपराध श्रेणी के रूप में दर्ज नहीं की जाती थी। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने 2014 से इस श्रेणी में डेटा संग्रह शुरू किया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- 2014 में 18 मामले दर्ज हुए।
- 2014 से 2016 के बीच कुल 288 मामले दर्ज किए गए।
- हाल के वर्षों में मामलों में फिर वृद्धि देखी गई।
- 2023 में ऑनर किलिंग के 38 मामले दर्ज हुए, जो पिछले छह वर्षों का उच्चतम स्तर बताया गया।
Honor Killings से जुड़े सबसे अधिक मामले हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों से सामने आते हैं।
भारत में ऑनर किलिंग के प्रमुख कारण
- अंतरधार्मिक विवाह
कुछ मामलों में अलग धर्म के व्यक्ति से शादी करने पर परिवार हिंसक प्रतिक्रिया देता है।
- प्रेम विवाह
व्यवस्थित विवाह की परंपरा वाले क्षेत्रों में प्रेम विवाह को परिवार की सत्ता के लिए चुनौती माना जाता है।
- गोत्र और खाप संबंधी प्रतिबंध
उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में एक ही गोत्र या पारंपरिक सामाजिक नियमों के खिलाफ विवाह करने वाले जोड़ों को निशाना बनाया गया है।
- महिलाओं की स्वतंत्रता
शिक्षा, रोजगार और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता बढ़ने के बावजूद कई परिवार महिलाओं की पसंद को स्वीकार नहीं कर पाते।
भारत के चर्चित ऑनर किलिंग मामले
- मनोज-बबली ऑनर किलिंग केस (हरियाणा)
जून 2007 में हरियाणा के कैथल जिले के मनोज और बबली ने एक ही गोत्र होने के बावजूद प्रेम विवाह किया। इसे परिवार और खाप पंचायत ने सामाजिक नियमों के खिलाफ माना। दोनों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई और शव नहर में फेंक दिए गए। यह भारत का ऐतिहासिक ऑनर किलिंग मामला बना, जिसमें खाप पंचायत से जुड़े दोषियों को अदालत ने सजा सुनाई।
- सक्षम टेटे और आंचल मामिडवार केस (महाराष्ट्र)
नवंबर 2025 में नांदेड़ में एक दलित युवक सक्षम और उच्च जाति की लड़की आंचल के बीच अंतर-जातीय संबंधों का खौफनाक अंत हुआ। लड़की के परिवार ने शादी का झूठा नाटक करके युवक को घर बुलाया और बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद आंचल ने समाज के खिलाफ जाकर श्मशान घाट में अपने प्रेमी के शव से ही शादी कर ली थी।
- अंकित सक्सेना हत्याकांड (दिल्ली)
फरवरी 2018 में पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर में 23 वर्षीय फोटोग्राफर अंकित की उसी की प्रेमिका के परिवार द्वारा दिनदहाड़े गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्या की वजह दोनों का अलग-अलग धर्मों से होना था। अंकित के परिवार को भनक तक नहीं थी कि उनका बेटा दूसरे धर्म की लड़की से प्यार करता है और इस बात को लेकर लड़की का परिवार इतना नाराज था।
- नाज़िया और आमिर हत्याकांड (हरियाणा)
जून 2024 में हरियाणा में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। नाज़िया और आमिर नामक प्रेमी जोड़े को परिवार द्वारा जान का खतरा था जिसके लिए उन्होंने अदालत से पुलिस सुरक्षा भी मांगी थी। सुरक्षा मिलने के बावजूद, लड़की के परिवार वालों ने उन्हें ढूंढ निकाला और दिन-दहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
इस मामले में क्या कहता है कानून?
भारत में ऑनर किलिंग के लिए अलग कानून नहीं है। लेकिन हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत कठोर सजा का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट कई बार स्पष्ट कर चुका है कि दो वयस्कों को अपनी पसंद से विवाह करने का संवैधानिक अधिकार है।
- धारा 302 (हत्या):
भारतीय दंड संहिता की धारा 302 हत्या के अपराध पर लागू होती है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी की हत्या करता है, तो दोषी पाए जाने पर उसे मृत्युदंड (फांसी) या आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है।
- धारा 120-बी (आपराधिक साजिश):
धारा 120-बी उन लोगों पर लागू होती है जो किसी अपराध की योजना बनाने या साजिश रचने में शामिल होते हैं। ऑनर किलिंग के मामलों में परिवार या अन्य सहयोगियों को भी इस धारा के तहत आरोपी बनाया जा सकता है।
- धारा 307 (हत्या का प्रयास):
धारा 307 तब लागू होती है जब कोई व्यक्ति किसी की हत्या करने की नीयत से हमला करता है, लेकिन पीड़ित की जान बच जाती है। इस अपराध में 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
इसके बावजूद सामाजिक दबाव और सामुदायिक नियंत्रण कई क्षेत्रों में कानून से अधिक प्रभावशाली साबित होते हैं।
असली लड़ाई कानून से ज्यादा मानसिकता की
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। जब तक परिवार और समाज यह नहीं समझेंगे कि किसी व्यक्ति का जीवन किसी भी तथाकथित “इज्जत” से अधिक मूल्यवान है, तब तक समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।
ऑनर किलिंग का मूल प्रश्न यह नहीं है कि किसी ने किससे शादी की या किससे प्रेम किया। असली प्रश्न यह है कि क्या परिवार को किसी व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता पर अंतिम अधिकार होना चाहिए?
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