Friday, 02 October 2026
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राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता, शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर ऐतिहासिक एमओए हुआ। ₹34,102 करोड़ की परियोजना से हथिनीकुंड बैराज से शेखावाटी तक यमुना जल पहुंचाया जाएगा।

नई दिल्ली: राजस्थान और हरियाणा के बीच वर्षों से लंबित यमुना जल परियोजना ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्त्तव्य भवन में नया मुकाम हासिल किया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में दोनों राज्यों के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे।

इस समझौते के साथ हरियाणा और राजस्थान के बीच लगभग तीन दशक से लंबित यमुना जल आपूर्ति परियोजना को औपचारिक रूप मिला है। इससे विशेष रूप से राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा भविष्य में सिंचाई सहित अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होगा।

अमित शाह ने कहा कि यह समझौता सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे दोनों राज्यों के लोगों की पानी से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, लागत साझीकरण, जल आवंटन, जल छोड़ने के प्रोटोकॉल, संचालन एवं रखरखाव, निगरानी तंत्र और विवाद समाधान सहित सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों को शामिल किया गया है।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने बताया कि वर्ष 1994 में राजस्थान को आवंटित यमुना जल का उपयोग आवश्यक व्यवस्था के अभाव में नहीं हो पा रहा था। अब इस परियोजना के तहत हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा। भविष्य में ऊपरी यमुना बेसिन की प्रमुख भंडारण परियोजनाओं के पूरा होने पर सिंचाई के लिए भी जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्र सरकार के सहयोग से दशकों से लंबित यह समझौता साकार हो सका है। उन्होंने कहा कि इससे शेखावाटी क्षेत्र के पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा तथा यह राजस्थान की जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार परियोजना के सफल क्रियान्वयन में पूरा सहयोग करेगी, क्योंकि प्रत्येक नागरिक तक पेयजल पहुंचाना सभी राज्यों की साझा जिम्मेदारी है।

लगभग ₹34,102 करोड़ की इस परियोजना के तहत हथिनीकुंड बैराज से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी। परियोजना के निर्माण एवं संचालन के लिए ‘राजस्थान-हरियाणा यमुना वाटर एसपीवी’ का गठन किया जाएगा। राजस्थान सरकार डीपीआर केन्द्रीय जल आयोग को भेज चुकी है, जबकि हरियाणा सरकार पाइपलाइन अलाइनमेंट को सैद्धांतिक स्वीकृति दे चुकी है।

कार्यक्रम में राजस्थान एवं हरियाणा के मुख्य सचिवों सहित दोनों राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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