Friday, 02 October 2026
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दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल का पहला सेशन जल्द शुरू, ओलंपिक गेम्स में ला सके मेडल, तराशे जाएंगे युवा खिलाड़ी

नई दिल्ली।

दिल्ली सरकार देश भर की युवा खेल प्रतिभाओं को एक नया मंच देने के लिए खास तैयारी कर रही है। राज्य सरकार के दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल का पहला सत्र कुछ हफ्तों में ही शुरू होने की संभावना है। यानी बच्चे पढ़ाई के साथ खेल का भी हुनर प्राप्त कर सकेंगे। स्कूल से निकलने के बाद छात्र स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगे जिसमें उनके लिए अनेक प्रकार की सुविधाएं होंगी। अधिकारियों ने कहा कि आवेदकों के ट्रायल पूरे हो चुके हैं और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के मेडिकल टेस्ट कराने के बाद जल्द ही अंतिम प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

अब तक हुए कितने रजिस्ट्रेशन, किस क्लास से मिलेगा प्रवेश?

अधिकारियों के अनुसार, 7 राज्यों के 15,000 से अधिक इच्छुक खिलाड़ियों ने डीएसएस में छठी से नौवीं कक्षा में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। जबकि पहले चरण में 5,000 लड़कों और लड़कियों का परीक्षण किया गया, 800 को शॉर्टलिस्ट किया गया और दूसरे चरण में परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है।

स्पोर्ट्स स्कूल और यूनिवर्सिटी कैसे करेंगे काम

डीएसएस यानी दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल और दिल्ली खेल विश्वविद्यालय के लिए विशेष फीडर संस्थान के रूप में काम करेगा। और स्कूल से पास होकर निकलने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय में अपना आगे का प्रशिक्षण और शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। स्कूल 10 चिन्हित ओलंपिक खेलों के लिए पेशेवर प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा। जिसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, निशानेबाजी, भारोत्तोलन, कुश्ती, मुक्केबाजी, तैराकी, टेबल टेनिस और लॉन टेनिस शामिल है।

ओलंपिक पदक विजेता, भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी, जिन्हें आप सरकार ने दिल्ली खेल विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में नियुक्त किया गया है, ने हाल ही में उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना को दोनों संस्थानों पर एक प्रस्तुति दी थी। उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि छात्रों के पहले शैक्षणिक सत्र के लिए आने से पहले चिकित्सा कक्ष, छात्रावास और भोजनालय जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मल्लेश्वरी ने बताया कि राज्यपाल ने कहा है किकई भारतीय राज्यों के गांवों और कस्बों के छात्र, जिनमें से कुछ शायद अपने जीवन में पहली बार किसी बड़े शहर में आ रहे होंगे, छात्रावास में आकर रहेंगे। उनके माता-पिता भी अपने छोटे बच्चों को यहां छोड़ने आएंगे। माता-पिता को आश्वस्त होना चाहिए कि उनके बच्चे सही जगह पर हैं और उन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी। अधिकारी ने कहा कि उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से नवोदय और सैनिक स्कूलों के अनुभवों से सीखने के लिए भी कहा जिनके पास बड़े आवासीय विद्यालय चलाने की विशेषज्ञता है।

खेल राजधानी के रूप में जानी जाए दिल्ली

शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बहुत जल्द दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल का उद्घाटन करेंगे। इस स्कूल के साथ केजरीवाल सरकार युवा खेल प्रतिभाओं का समर्थन और विकास करेगी। इसकी मदद से वे शीर्ष स्तर की सुविधाओं की पेशकश कर वैश्विक आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होंगे। आतिशी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल चाहते हैं कि दिल्ली देश की खेल राजधानी के रूप में जानी जाए। दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल और आगामी दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इसके पीछे का ये उद्देश्य

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने श्याम नाथ मार्ग के लुडलो कैसल में शहीद अमीर चंद विद्यालय की पहचान खेल विद्यालय के रूप में की है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि कि खेल विश्वविद्यालय और स्कूल की स्थापना के पीछे का उद्देश्य युवाओं को उत्कृष्ट खेल सुविधाएं और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीत सकें। डीएसएस में नामांकित छात्रों को विशेष प्रशिक्षकों के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा और उनके खेल प्रशिक्षण और प्रदर्शन पर लगातार मूल्यांकन किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि स्कूल में छात्रों को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीटों और ट्रेनर्स को लाया जाएगा। खेल सुविधाओं के अलावा, स्कूल में एक खेल विज्ञान केंद्र और वैज्ञानिक साधनों के माध्यम से खेल प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए एक एथलीट निगरानी प्रणाली होगी। इस विद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी में भी प्रवेश किया है। डीएसएस और एलीट टैलेंट पाथवे प्रोग्राम पाठ्यक्रम विकास के बीच छात्र और कर्मचारियों के आदान-प्रदान के लिए पूर्वी लंदन विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय एक खेल विज्ञान केंद्र के विकास और खेल विज्ञान कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में मदद करेगा। जी. पी. एम., एक नॉर्वेजियन कंपनी, सॉफ्टवेयर समाधान और एथलीट निगरानी प्रणाली प्रदान करेगी और कोचों की क्षमता निर्माण और पाठ्यक्रम विकास की सुविधा प्रदान करेगी।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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