Tuesday, 13 October 2026
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ECB Central Contracts: जो रूट के पास तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका, ECB से मिला दो साल का कॉन्ट्रैक्ट

ECB ने नए सीजन के लिए कुल 39 खिलाड़ियों को केंद्रीय और डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट दिए हैं। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट को 2026-27 सीजन के लिए दो साल का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिला।

लंदन: इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट के टेस्ट क्रिकेट करियर को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने उन्हें 2026-27 सीजन के लिए दो साल का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया है। यह अनुबंध 30 सितंबर 2028 तक चलेगा। रूट के साथ इंग्लैंड के कई अन्य प्रमुख खिलाड़ियों को भी दो साल के लिए अनुबंधित किया गया है। बोर्ड के इस फैसले से खिलाड़ियों को आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तैयारी और अपने कार्यभार को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।

रूट की चर्चा की एक बड़ी वजह टेस्ट क्रिकेट में उनके लगातार बढ़ते रन हैं। भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 15,921 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। रूट इस ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जून 2026 में वह टेस्ट क्रिकेट में 14,000 रन पूरे करने वाले इतिहास के केवल दूसरे बल्लेबाज बने थे।

इस वक्त तक रूट के नाम टेस्ट क्रिकेट में 14,278 रन हैं। हालांकि, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उन्हें अभी 1,643 रन बनाने होंगे और यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह आने वाले वर्षों में कितने टेस्ट मैच खेलते हैं और उनमें कैसा प्रदर्शन करते हैं।

ECB ने बढ़ाई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की संख्या

ECB ने 12 अक्टूबर को इंग्लैंड की पुरुष क्रिकेट टीम के लिए 2026-27 सीजन के नए अनुबंधों की घोषणा की। इस बार कुल 39 खिलाड़ियों को अनुबंध दिया गया है। इनमें 30 खिलाड़ी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और नौ खिलाड़ी डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट में शामिल हैं। इससे पहले अनुबंधित खिलाड़ियों की कुल संख्या 30 थी।

नए अनुबंधों का उद्देश्य केवल मौजूदा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बनाए रखना नहीं है, बल्कि टीम के भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का दायरा बढ़ाना भी है। बोर्ड ने खिलाड़ियों के पिछले एक साल के प्रदर्शन के साथ-साथ आने वाले समय में टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी संभावित भूमिका को भी ध्यान में रखा है।

इस सूची में सात खिलाड़ियों को पहली बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिला है। वहीं, छह खिलाड़ियों को पहली बार डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इस बदलाव से इंग्लैंड को अलग-अलग प्रारूपों के लिए खिलाड़ियों की उपलब्धता और टीम के विकल्पों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रूट की बल्लेबाजी क्यों है खास?

जो रूट की सबसे बड़ी ताकत टेस्ट क्रिकेट में उनकी निरंतरता रही है। वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी में बदलाव कर सकते हैं और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता रखते हैं। उनकी तकनीक, गेंद को देर से खेलने की आदत और स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता उन्हें अलग-अलग पिचों पर प्रभावी बनाती है।

टेस्ट क्रिकेट में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए केवल आक्रामक बल्लेबाजी पर्याप्त नहीं होती। खिलाड़ी को कई सत्रों तक एकाग्रता बनाए रखनी होती है और तेज गेंदबाजों तथा स्पिनरों के सामने अलग-अलग रणनीति अपनानी पड़ती है। रूट ने अपने करियर में इन चुनौतियों का सामना करते हुए लगातार रन बनाए हैं।

रूट का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर 262 रन है, जबकि उनके खाते में अब तक 41 शतक दर्ज हैं। लगातार रन बनाने और लंबे समय तक अपने प्रदर्शन का स्तर बनाए रखने की उनकी क्षमता ने उन्हें इंग्लैंड के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल किया है।

सचिन और रूट के करियर की तुलना करते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि दोनों ने अलग-अलग दौर में क्रिकेट खेला है। उनके सामने आने वाले गेंदबाज, पिचों की परिस्थितियां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कार्यक्रम एक जैसा नहीं रहा। इसलिए रिकॉर्ड की तुलना में आंकड़ों के साथ उनके करियर के संदर्भ को समझना भी महत्वपूर्ण है।

इंग्लैंड की नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में कौन-कौन शामिल?

ECB ने 2026-27 सीजन के लिए 30 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया है। सूची में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा क्रिकेटरों को भी जगह मिली है।

इंग्लैंड के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले 30 खिलाड़ी:

जो रूट, हैरी ब्रूक, रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, सोनी बेकर, टॉम बैंटन, शोएब बशीर, जैकब बेथेल, जोस बटलर, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जॉर्डन कॉक्स, हेनरी क्रोकोम्ब, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, एमिलियो गे, मैथ्यू फिशर, डैन लॉरेंस, साकिब महमूद, जेमी ओवरटन, ओली पोप, मैथ्यू पॉट्स, आदिल राशिद, ओली रॉबिन्सन, फिल सॉल्ट, जेमी स्मिथ और जोश टंग।

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डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट वाले 9 खिलाड़ी:

जेम्स कोल्स, मेसन क्रेन, जोश हल, एडी जैक, बेन मैकिनी, लियाम पैटरसन-व्हाइट, थॉमस रीव, मैथ्यू रेविस और मिच स्टेनली।

डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट का मकसद उन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जो भविष्य में इंग्लैंड की सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं। यह व्यवस्था बोर्ड को युवा खिलाड़ियों की प्रगति पर ध्यान देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में मदद करती है।

सात खिलाड़ियों को पहली बार मिला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट

इस बार टॉम बैंटन, सैम कुक, जॉर्डन कॉक्स, हेनरी क्रोकोम्ब, एमिलियो गे, मैथ्यू फिशर और डैन लॉरेंस को पहली बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इनमें हेनरी क्रोकोम्ब और जॉर्डन कॉक्स को दो साल का अनुबंध मिला है। खास बात यह है कि क्रोकोम्ब को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण से पहले ही दो साल का केंद्रीय अनुबंध दिया गया है।

सोनी बेकर को भी दो साल के अनुबंध पर रखा गया है। वहीं, ओली रॉबिन्सन की केंद्रीय अनुबंध सूची में वापसी हुई है। वह इससे पहले 2022 और 2023 में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर चुके थे।

डेवलपमेंट सूची में जेम्स कोल्स, मेसन क्रेन, बेन मैकिनी, लियाम पैटरसन-व्हाइट, थॉमस रीव और मैथ्यू रेविस को पहली बार जगह मिली है। 18 वर्षीय थॉमस रीव इस सूची में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस साल अंडर-19 विश्व कप में इंग्लैंड की युवा टीम की कप्तानी की थी।

बेन स्टोक्स और मार्क वुड का नाम सूची से बाहर

नई सूची में इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज मार्क वुड शामिल नहीं हैं। दोनों ने 2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके संन्यास के बाद बोर्ड के सामने अनुबंधों के पुनर्गठन का अवसर भी था।

इसके अलावा सलामी बल्लेबाज जैक क्राउली और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ल्यूक वुड को नए सीजन में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया गया है। क्राउली का बाहर होना इंग्लैंड की टेस्ट टीम में बदलाव का संकेत है। हालांकि, केंद्रीय अनुबंध न मिलने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि किसी खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे बंद हो गए हैं। चयनकर्ता प्रदर्शन और टीम की जरूरतों के आधार पर भविष्य में खिलाड़ियों पर विचार कर सकते हैं।

कोचिंग व्यवस्था में भी बदलाव

ECB ने 2026-27 सीजन के लिए खिलाड़ियों के अनुबंधों के साथ इंग्लैंड की पुरुष क्रिकेट टीम के कोचिंग ढांचे में भी बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था में टेस्ट और सीमित ओवरों की टीमों के लिए अलग-अलग कोचिंग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। स्टीफन फ्लेमिंग को टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनाया गया है, जबकि ब्रेंडन मैक्कलम सीमित ओवरों की टीम के कोचिंग सेटअप की जिम्मेदारी संभालेंगे।

टेस्ट टीम के कोचिंग स्टाफ में रिचर्ड डॉसन, मार्कस ट्रेस्कोथिक, जेम्स फोस्टर और एरिक सिमंस को शामिल किया गया है। वहीं, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ सारा टेलर, जीतन पटेल और टिम साउदी काम करेंगे। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को विशेषज्ञ मेंटर की भूमिका दी गई है। इस बदलाव के जरिए अलग-अलग प्रारूपों की जरूरतों के मुताबिक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने पर जोर दिया गया है।

इसके अलावा, ECB ने विशेषज्ञ कोचिंग भूमिकाओं को भी महत्व दिया है। माइक यार्डी को एलीट नेशनल बैटिंग लीड और रिचर्ड डॉसन को एलीट नेशनल स्पिन बॉलिंग लीड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रॉय कूली एलीट नेशनल पेस बॉलिंग लीड के रूप में काम करेंगे। इस ढांचे का उद्देश्य बल्लेबाजी, स्पिन और तेज गेंदबाजी में खिलाड़ियों की तकनीक और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

आगे रूट के सामने क्या होगी चुनौती?

जो रूट के लिए आने वाले दो साल टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के लिहाज से काफी अहम हो सकते हैं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार रन बनाने के साथ अपनी फिटनेस और फॉर्म बरकरार रखना होगी। सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रनों के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए रूट को अभी कई सौ रन और बनाने होंगे। इसके लिए उन्हें आने वाले वर्षों में पर्याप्त टेस्ट मैच खेलने और उनमें लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत होगी।

इंग्लैंड का व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भी रूट के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। टेस्ट क्रिकेट में टीम को मजबूत स्थिति में बनाए रखने के अलावा उन्हें लंबे प्रारूप में अपनी निरंतरता साबित करनी होगी। 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रस्तावित एशेज सीरीज इंग्लैंड के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस प्रतिष्ठित सीरीज में रूट का प्रदर्शन टीम की सफलता के साथ उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिहाज से भी अहम हो सकता है।

हालांकि, सचिन का रिकॉर्ड टूटना अभी निश्चित नहीं है। रूट की उम्र, फिटनेस, भविष्य का कार्यक्रम और बल्लेबाजी में निरंतरता जैसे कारक उनकी राह तय करेंगे। दो साल का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट उन्हें इंग्लैंड की योजनाओं में स्थिरता जरूर देता है, लेकिन रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए मैदान पर उनका प्रदर्शन ही सबसे निर्णायक साबित होगा।

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MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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